छठ में चढ़ाया जाने वाला सुथनी है बहुत गुणकारी, खाने से मिलते हैं ये 5 फायदे

suthani khane ke fayde: सुथनी, शकरकंदी की तरह ही दिखने वाला एक फल है, ये छठ पूजा में विशेष तौर पर चढ़ाया जाता है।

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasUpdated at: Oct 18, 2022 15:41 IST
छठ में चढ़ाया जाने वाला सुथनी है बहुत गुणकारी, खाने से मिलते हैं ये 5 फायदे

Benefits of suthani in Hindi: लोकआस्था का महापर्व कहा जाने वाला छठ उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में बहुत ज्यादा लोकप्रिय है। इस साल छठ महापर्व (Chhath Puja Kab Hai 2022) की शुरुआत 28 अक्टूबर को नहाय खाय से हो रही है। 29 अक्टूबर को खरना होगा और फिर 30-31 अक्टूबर को संध्या और सुबह का अर्घ्य दिया जाएगा। पारंपरिक तौर पर छठ में 60 तरह की चीजों को चढ़ाने का रिवाज है।

छठ में नारियल, ठेकुआ, शकरकंदी, सेब, केला समेत कई तरह की सब्जियां और फल चढ़ाए जाते हैं। लोक आस्था के इस पर्व में चढ़ाए जाने वाले आज भी आमतौर (Chhath Puja Celebration 2022) पर इतना प्रचलित नहीं है, लेकिन ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। इन्हीं फलों में से एक है सुथनी। सुथनी का इस्तेमाल भारतीय घरों के अलावा नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस में खाया है। सुथनी एक प्रकार का कंद है जो शकरकंद परिवार से आता है। हालांकि इसका स्वाद शकरकंद के सामान मीठा (suthani kya hai) नहीं होता है। छठ पर्व के खास मौके पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं सुथनी के पोषक तत्वों और इसे खाने के फायदों (suthani khane ke fayde) के बारे में।

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Benefits of suthani in Hindi

सुथनी खाने के फायदे | Benefits of suthani in Hindi

सुथनी को अंग्रेजी में लेसर येम कहा जाता है। सुथनी का वानस्पतिक नाम दायोस्कोरिया एस्कुलान्ता है। सुथनी की फसल को तैयार करने में 7 से 9 महीनों का वक्त लगता है, इसलिए शकरकंद के मुकाबले ये दाम में थोड़ी महंगी होती है।

भूख को करती है नियंत्रित

सुथनी फाइबर का अच्छा सोर्स माना जाता है। ये भूख को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। जिन लोगों को खाना खाने के बाद भी भूख लगती है उन्हें डाइट में सुथनी को शामिल करने की सलाह दी जाती है।

विटामिन बी की कमी को करता है दूर

सुथनी विटामिन बी का अच्छा सोर्स माना जाता है। डाइट में सुथनी को शामिल करके शरीर में विटामिन बी की कमी को पूरा किया जा सकता है। चीन में सुथनी का इस्तेमाल बेरीबेरी रोग (विटामिन बी-1 की कमी से होने वाली बीमारी) के उपचार में किया जाता है।

अल्सर में फायदेमंद

पेट के अल्सर के लिए सुथनी का सेवन भी फायदेमंद साबित हो सकता है। पेप्टिक अल्सर के उपचार में हर्बल दवाइयों के उपयोग पर हुए एक शोध में बताया गया है कि सुथनी में एंटी बैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं, जो पेट के अल्सर में फायदेमंद साबित होता है।

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जलन और सूजन में फायदेमंद

अफ्रीकन जर्नल ऑफ बायोटेक्नॉलॉजी में 2007 में प्रकाशित एक शोध में ये बात सामने आई है कि सुथनी का इस्तेमाल जलन और सूजन को ठीक करने में मदद कर सकता है।

स्किन एजिंग को करता है कंट्रोल

एशियन पैसिफिक जर्नल ऑफ ट्रॉपिकल बायोमेडिसिन में वर्ष 2012 में प्रकाशित एक अध्ययन बताता है कि सुथनी में एंटीऑक्सीडेंट बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है जो कि बुढ़ापे को दूर रखने में मददगार है।

कैसे खाएं सुथनी ?

सुथनी को शकरकंदी की तरह उबालकर ही खाया जाता है। आप नाश्ते में सुथनी को दूध के साथ उबालकर खा सकते हैं। आप चाहें तो आलू की सब्जी की तरह सुथनी की सब्जी भी बनाकर खा सकते हैं।

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