शिशुओं और बच्चों को अंगूर खिलाने के 6 फायदे, जानें शरीर के विकास में कैसे है फायदेमंद

6 महीने से 1 साल तक के शिशु को अंगूर खिलाना एक बेहतर विकल्प है। जानते हैं बच्चों को अंगूर खिलाने के फायदे और जरूरी सावधानियां...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jun 18, 2021Updated at: Jun 18, 2021
शिशुओं और बच्चों को अंगूर खिलाने के 6 फायदे, जानें शरीर के विकास में कैसे है फायदेमंद

6 महीने तक शिशु को मां का दूध पिलाने की सलाह दी जाती हैं। उसके बाद बच्चे फल या तरल पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। अब सवाल ये है कि शिशुओं की डाइट में कौन-से फल जोड़ें? इन फलों में अंगूर आपके काम आ सकता है। आप अपने शिशु को अंगूर के जरिये पौष्टिक तत्व दे सकते हैं। अंगूर के अंदर भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, सेलेनियम, प्रोटीन, फाइबर आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा अंगूर में मुख्य विटामिंस जैसे- विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन के आदि भी मौजूद होते हैं। ऐसे में शिशुओं की डाइट में अंगूर जोड़ना एक अच्छा निर्णय है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि शिशु को अंगूर देना क्यों सुरक्षित है? साथ ही हम इसके फायदे और शिशुओं के अंगूर देते वक्त बरतने वाली सावधानी के बारे में भी जानेंगे। इसके लिए हमने न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल ( wellness expert and nutritionist varun katyal) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

बच्चों को क्यों देना चाहिए अंगूर?

शिशु के लिए फाइटोन्यूट्रिएंट्स जैसे जरूरी विटामिंस, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट तत्व और पॉलिफिनॉलिक फायदेमंद होते हैं। अंगूर के अंदर ये सभी मौजूद होते हैं। ऐसे में अंगूर के सेवन से इन सभी पौष्टिक तत्वों की कमी पूरी होती है। 

शिशुओं को कैसे खिलाएं अंगूर?

आमतौर पर अंगूर का सेवन बिना छिलके उतारे सीधे तौर पर किया जा सकता है। लेकिन शिशुओं को अंगूर खिलाने से पहले उसके छिलके को उतारों। वरना छिलका उनके गले में फस सकता है। अब अंगूर के बीज को बाहर निकालें और शिशु को गूदा खिलाएं। इसके अलावा आप अंगूर के रस का सेवन भी करा सकते हैं। ऐसे में आप कुछ अंगूरों को अच्छे से धोकर उनके मिक्सी में चलाएं और उसको रस को छानकर शिशुओं को पिलाएं। कुछ शोध ऐसे भी सामने आए हैं जिनके मुताबिक बच्चों को अंगूर साबूत नहीं देना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि अंगूर आकार में छोटा होता है और वह उनके गले में अटक सकता है। ऐसे में बच्चों की डाइट में अंगूर जोड़ने से पहले उनके छोटे-छोटे टुकड़े करें।

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बच्चों को अंगूर खिलाने के फायदे

1 - हड्डियों में मजबूती होना

अंगूर के अंदर भरपूर मात्रा में कैल्शियम मजबूत होता है। ऐसे में शिशु की हड्डी को मजबूती देने के लिए कैल्शियम का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप नियमित रूप से बच्चों को अंगूर का सेवन कराएं। ऐसा करने से हड्डियों की कमजोरी को दूर किया जा सकता है।

2 - पाचन क्रिया रहेगी दुरुस्त

अगर आप पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाना चाहते हैं तो शिशु की डाइट में अंगूर को जरूर जोड़ें। अंगूर के अंदर भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो न केवल बच्चों का पाचन तंत्र बेहतर बनाता है बल्कि शिशु अपना आहार आसानी से पचा लेते हैं।

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3  -शिशु का वजन रहे नियंत्रित

दरअसल अंगूर के अंदर कम कैलोरी मौजूद होती है। ऐसे में आप अंगूर के सेवन से बच्चे के वजन को संतुलित कर सकते हैं। हालांकि हरे अंगूर की तुलना में काले अंगूरों में कैलोरी की मात्रा कम होती है। लेकिन दोनों ही अंगूर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं।

4 - एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है अंगूर

बता दें कि क्योंकि छोटे बच्चों को हरी सब्जियां और फल का सेवन ज्यादा मात्रा में नहीं करा सकते ऐसे में अंगूर के अंदर पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट बच्चों की इस आवश्यकता की पूर्ति करते हैं। फल और सब्जियों के अंदर जो एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं वहीं अंगूर के अंदर भी पाए जाते हैं। ऐसे में उनकी डाइट में अंगूर जोड़ने से उनके शरीर में एंटीऑक्सीडेंट तत्व की कमी पूरी होती है।

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5 - शिशु की आंखों के लिए अंगूर

बता दें कि एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक शोध प्रकाशित हुआ था, जिससे यह पता चला कि बच्चों की आंखों के लिए अंगूर बेहद उपयोगी है। अंगूर के अंदर पॉलिफिनॉल्स मौजूद होते हैं जो आंखों के रेटिना के अंदर पाई जाने वाली कोशिकाओं को सुरक्षित रखते हैं। साथ ही अंगूर के अंदर एंटीऑक्सीडेंट anti-inflammatory गुण मौजूद होते हैं जो रेटिनल डिजनरेशन से बचाव में उपयोगी हैं।

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित हुए शोध को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

6 - बच्चों को रखे हाइड्रेट

अंगूर के सेवन से शिशु हाइड्रेट रहते हैं। कभी-कभी बच्चों में डिहाइड्रेशन की समस्या देखी जाती है ऐसे में अंगूर के अंदर भरपूर मात्रा में पानी पाया जाता है जो शिशु में डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करके उन्हें हाइड्रेट रखता है।

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शिशु और बच्चों को अंगूर देते वक्त बरतने वाली सावधानी?

1 - कभी भी बच्चों को साबुत अंगूर नहीं देना चाहिए। वरना वह इसे निगल सकते हैं और अंगूर उनके गले में फंसे सकता है।

2 - कुछ बच्चों को अंगूर से एलर्जी भी हो सकती है। ऐसे में अगर बच्चा अंगूर खाने के बाद उल्टी, खांसी, पेट में दर्द या उसका टेंपरेचर ऊपर नीचे हो तो समझ जाएं कि बच्चे को अंगूर से एलर्जी हो रही है।

3 - ध्यान दें कि अंगूर के अंदर बीज भी पाए जाते हैं ऐसे में बच्चों को अंगूर देने से पहले बीज जरूर निकालें।

4 - बच्चों को अंगूर देने से पहले उसे फ्रिज से निकालकर उसे सादे पानी में डालें। उसके बाद ही बच्चों को दें।

5 - बच्चों को ताजे  अंगूर का सेवन कराएं। सड़े हुए या गले हुए अंगूर बच्चों की डाइट में ना जोड़ें।

अंगूर से शिशुओं और बच्चों को होने वाले नुकसान

1 - अगर बच्चे गलती से अंगूर के बीज खा ले तो उन्हें पेट से संबंधित समस्या हो सकती है।

2 - अंगूर के सेवन से बच्चों को एलर्जी हो सकती है।

3 - अंगूर के अंदर कैलोरी होती है। ऐसे में बच्चों की डाइट में जोड़ने से पहले इसके सीमित मात्रा का ज्ञान लें।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि शिशु की डाइट में अंगूर जोड़ने से उन्हें जरूरी पौष्टिक तत्व मिल जाते हैं। लेकिन अगर आपको बच्चा किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं तो उसकी डाइट में अंगूर जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। अंगूर को बच्चों की डाइट में जोड़ने से पहले सीमित मात्रा का ज्ञान ले उसके बाद ही उन्हें अंगूर खिलाएं। 

ये लेख हमने न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल ( wellness expert and nutritionist varun katyal) द्वारा दिए गए इनपुट्स पर बनाया गया है।

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