
Gud Chana Ke Fayde: सर्दियां आते ही शरीर को गर्म रखना लोगों की पहली प्राथमिकता बन जाती है क्योंकि इस मौसम में लोगों को एनर्जी भी बहुत चाहिए और थोड़ी ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। अगर लोग इस ओर ध्यान नहीं देते, तो सुस्ती, कब्ज, कमजोरी और इम्युनिटी प्रभावित होने लगती है। अगर इन समस्याओं से बचने के लिए रसोई में मौजूद गुड़ और चने का रोजाना इस्तेमल किया जा सकता है। गुड़ और चना शरीर को अंदर से मजबूत बनाने का काम करता है। ये सिर्फ एक देसी नुस्खा नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में भी माना जाता है कि यह कॉम्बिनेशन शरीर को संतुलित पोषण देता है और कई बीमारियों से बचाता है। सर्दियों में गुड़ और चना खाने के फायदों के बारे में जानते हैं फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेदिक पंचकर्मा कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Panchakarma Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की।
इस पेज पर:-
सर्दियों में गुड़ खाने के फायदे
डॉ. चेतन कहते हैं, “आयुर्वेद के अनुसार, गुड़ को ऊष्णवीर्य माना जाता है। इसका मतलब है कि गुड़ शरीर को नेचुरल गर्मी देता है। इससे पाचन शक्ति बढ़ती है, खून को शुद्ध करता है और वात दोष को शांत करता है। इसके अलावा, गुड़ आयरन से भरपूर होता है, जो हिमोग्लोबिन बढ़ता है, चक्कर और कमजोरी दूर होती है। इसमें मैग्नीशियम, पोटेशियम और जिंक जैसे मिनरल्स होते हैं, जो शरीर का तापमान सही रखते हैं। गुड़ को नेचुरल डिटॉक्स भी माना जाता है, जो लिवर को साफ रखे में मदद करता है। इसलिए ठंड में खाना खाने के बाद थोड़ा गुड़ खाना सिर्फ आदत नहीं, बल्कि हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है।

इसे भी पढ़ें- अंकुरित या भुना चना, डायबिटीज में से कौन सा ज्यादा हेल्दी है? एक्सपर्ट से जानें
सर्दियों में चने खाने के फायदे
डॉ. चेतन कहते हैं, “चना आयुर्वेद में गुरु यानी पौष्टिक, बल्य यानी शक्ति देने वाल और कफ नाशक माना जाता है। इससे सर्दियों में शरीर को स्थिरता, ताकत और गर्माहट मिलती है। इसके अलावा, चने में हाई प्रोटीन होते हैं, जो मसल्स को मजबूत रखते हैं। हाई फाइबर कब्ज से राहत देते हैं और लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स धीरे-धीरे एनर्जी छोड़ता है, जिससे भूख कम लगती है और शुगर कंट्रोल में रहती है। इसलिए सर्दियों में चना ताकत और पेट दोनों को बैलेंस रखता है।”
गुड़ और चने के आयुर्वेदिक कॉम्बिनेशन के 7 फायदे
डॉ. चेतन कहते हैं कि गुड़ और चना दोनों मिलकर तुरंत और लंबे समय तक एनर्जी देते हैं। इससे सर्दियों में शरीर को लंबे समय तक गर्माहट मिलती है।
- शरीर को गर्मी देना - गुड़ ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और शरीर को गर्म रखता है। जिन लोगों के सर्दियों में हाथ-पैर ठंडे रहते हैं, उनके लिए गुड़-चने का कॉम्बिनेशन बहुत फायदेमंद है।
- थकान और सुस्ती दूर करना - गुड़-चना तुरंत एनर्जी देता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता। इस वजह से लोगों को थकान और सुस्ती महसूस नहीं होती।
- डाइजेशन को मजबूत रखना - चना डाइजेशन मजबूत करता है और गुड़ पेट को शांत रखता है। जिन लोगों को सर्दियों में कब्ज की समस्या होती है, उनके लिए गुड़-चने का कॉम्बिनेशन काफी प्रभावी है।
- शुगर क्रेविंग कम करना - जो लोग चना और गुड़ खाते हैं, उन्हें किसी अन्य जंक या डिब्बाबंद मीठे की क्रेविंग कम होने लगती है। यह शुगर की क्रेविंग को कम करने का हेल्दी तरीका है।
- एनीमिया कम करने में मददगार - गुड़ में मौजूद आयरन इस समस्या में नेचुरल तरीके से कम करने में मदद करता है।
- लंबे समय तक भूख न लगना - गुड़ और चना दोनों ही लंबे समय तक एनर्जी रिलीज करते हैं। इसलिए लोगों को पेट भरा महसूस होता है।
- इम्युनिटी बढ़ाना - गुड़ और चने, दोनों में भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाते है।
इसे भी पढ़ें- क्या भुने हुए चने फैटी लिवर के लिए अच्छे हैं? एक्सपर्ट से जानें
गुड़ और चना कैसे खाएं?
डॉ. चेतन कहते हैं, “लोग रोजाना एक या दो मुट्ठी चने के साथ 1 छोटा पीस गुड़ जो करीब 20 से 30 ग्राम का हो, ले सकते हैं। इसे दोपहर या शाम को लिया जा सकता है। यह शरीर को गर्म रखता है और इससे एनर्जी मिलती है। बच्चों, बुजर्गों और महिलाओं को इस कॉम्बिनेशन का खास फायदा मिलता है।”
किन लोगों को गुड़-चना खाते समय ध्यान रखना चाहिए?
डॉ. चेतन कहते हैं कि डायबिटीज के मरीज दिन में सिर्फ 6–10 ग्राम गुड़ ही लें और यह लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। पित्त प्रकृति वाले लोगों में ज्यादा गुड़ शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। जिन लोगों को गैस या ब्लोटिंग की समस्या है, उन्हें चने कम मात्रा में लेने चाहिए।
निष्कर्ष
आयुर्वेद में सर्दियों के लिए गुड़-चना को रोजाना की डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। यह शरीर को बैलेंस करके गर्माहट देता है, ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है, पाचन मजबूत करता है और इम्युनिटी बढ़ाता है। इसलिए रोजाना थोड़ी मात्रा में इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।
यह विडियो भी देखें
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
Current Version
Nov 29, 2025 07:05 IST
Published By : Aneesh Rawat