Thu Oct 15, 2026 | 10:25 PM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

अंकुरित चना या भुना चना: एक्सपर्ट से जानें सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद?

कुछ लोगों को लगता है कि अंकुरित काले चने खाना बेहतर है, तो किसी को भुने चने खाना सेहत के लिए फायदेमंद लगता है। इस लेख में एक्सपर्ट ने बताया है कि इन दोनों में से कौन सा बेहतर है?
अंकुरित चना या भुना चना: एक्सपर्ट से जानें सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद?
अंकुरित चना या भुना चना: एक्सपर्ट से जानें सेहत के लिए क्या है ज्यादा फायदेमंद?

अंकुरित काले चने और भुने चने प्रोटीन और फाइबर से भरपूर माने जाते हैं। इसलिए लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि इन दोनों में से न्यूट्रिशन के हिसाब से कौन सा ऑप्शन ज्यादा बेहतर है? इस बारे में हमने Ms. Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि अंकुरित काले चने और भुने चने, दोनों शरीर को अलग-अलग फायदे देते हैं। एक तरफ अंकुरित चना विटामिन और मिनरल्स को बढ़ाने में मदद करता है, वहीं दूसरी ओर भुना चना वजन कंट्रोल और डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए अच्छा स्नैक माना जाता है।

अंकुरित काला चना क्यों है फायदेमंद?

Chief Dietician Meena Kumari कहती हैं, “जब काला चना अंकुरित होता है, तो उसमें कई बायो-केमिकल बदलाव होते हैं। अंकुरित होने के समय इसमें विटामिन C, फोलेट और कुछ विटामिन B की मात्रा बढ़ जाती है। इसके अलावा, अंकुरित काले चने में मौजूद फाइटिक एसिड जैसे एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं, जिससे शरीर आयरन, जिंक और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है। सबसे अच्छी बात है कि अंकुरित काला चना प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, इसलिए यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। इसी वजह से लोग इसे वेट लॉस डाइट में खाते हैं। इसके साथ-साथ बढ़े हुए विटामिन्स और मिनरल्स शरीर की इम्यूनिटी को सपोर्ट करते हैं।”

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भुना काला चना क्यों है फायदेमंद?

Meena Kumari के मुताबिक, “भुने काले चने में हाई-प्रोटीन, लो-फैट और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण डायबिटीज के रोगियों के लिए यह अच्छा विकल्प है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे लंबे समय तक रखा जा सकता है और कहीं भी लेकर जा सकते हैं। इस कारण कई लोग ऑफिस या काम पर शाम के समय भुने चने खाना प्रेफर करते हैं। भुने चने लंबे समय तक शरीर को एनर्जी देने में मदद करता है और प्रोटीन होने के कारण मसल हेल्थ के लिए फायदेमंद है।”

black chana and roasted chanablack chana and roasted chana

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अंकुरित काले चने या भुने चने: कौन सा विकल्प बेहतर?

Chief Dietician Meena Kumari सलाह देती है कि अगर किसी का फोकस सिर्फ डाइजेशन, न्यूट्रिशन लेना और इम्यूनिटी बढ़ाना है, तो अंकुरित काला चना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। वहीं जिन लोगों को वजन कंट्रोल या डायबिटीज मैनेज करना है, तो भुना चना बेहतर हो सकता है। भुना चना 30 से 50 ग्राम लिया जा सकता है, वहीं अंकुरित काला चना 40 से 60 ग्राम तक लिया जा सकता है। अगर किसी को गैस या डाइजेशन की समस्या है, तो मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए।

निष्कर्ष

अंकुरित काला चना या भुना चना, दोनों ही सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसके साथ लोगों को अपने लाइफस्टाइल पर भी ध्यान देना जरूरी है। अगर दौनों को संतुलित मात्रा में लिया जाए, तो दोनों ही शरीर को प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकते हैं।

FAQ

  • भुने हुए चने को छिलके के साथ खाना चाहिए या बिना छिलके के?

    हमेशा छिलके के साथ ही खाएं। भुने चने के छिलके में सबसे ज्यादा डाइटरी फाइबर होता है। यह फाइबर कब्ज को दूर करता है, आपके डाइजेशन को सुधारता है और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकता है।
  • क्या वजन घटाने के लिए भुना चना फायदेमंद है?

    भुना चना वजन घटाने में मदद करता है। इसमें कैलोरी कम और फाइबर-प्रोटीन ज्यादा होता है। दोपहर या शाम के समय समोसे-बिस्कुट खाने के बजाय छिलके वाले भुने चने खाने से पेट भरा रहता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 20, 2026 19:53 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • May 20, 2026 19:53 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dt Meena Kumari