ब्लड शुगर और स्ट्रोक जैसी 5 बीमारियों को आपसे दूर रखता है गूलर, जानें इस फल के औषधीय लाभ

गूलर की जड़ में रक्तस्राव रोकने और जलन को शांत करने के गुण होते हैं। गूलर के नियमित सेवन से शरीर में पित्त एवं कफ का संतुलन बना रहता है और व्यक्ति पित्त एवं कफ दोष से दूर रहता है।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaUpdated at: Jul 23, 2019 11:00 IST
ब्लड शुगर और स्ट्रोक जैसी 5 बीमारियों को आपसे दूर रखता है गूलर, जानें इस फल के औषधीय लाभ

बीमार होने पर अक्सर रोगियों को फल खाने की सलाह दी जाती है और स्कूल में भी बच्चों को रोजाना एक फल खाने को कहा जाता है। दरअसल फल हमारे शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति कर कमजोरी दूर करने में लाभदायक साबित होते हैं। कई फल हमारे लिए काफी सेहतमंद पाए जाते हैं लेकिन हमें उनके बारे में या तो मालूम नहीं होता या फिर हमें उनके बारे में अधिक जानकारी नहीं होती। इन्हीं में से एक फल है गूलर। गूलर में पित्तशामक, तृषाशामक, श्रमहर, कब्ज मिटाने वाला पौष्टिक गुण पाए जाते हैं और इसके साथ ही यह मीठा भी बहुत होता है।

गूलर की जड़ में रक्तस्राव रोकने और जलन को शांत करने के गुण होते हैं। गूलर के नियमित सेवन से शरीर में पित्त एवं कफ का संतुलन बना रहता है और व्यक्ति पित्त एवं कफ दोष से दूर रहता है। गूलर के कच्चे फल की सब्जी बनाई जा सकती है और पके फल को आसानी से खाया जा सकता है। इतना ही नहीं इसकी छाल का चूर्ण बनाकर गैस और कब्ज जैसी समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। अगर आप भी गूलर फल के फायदों से अनजान हैं तो हम आपको इस फल के ऐसे कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

गूलर में मौजूद पोषक तत्व

  • प्रोटीनः 1.3 ग्राम
  • फैटः 0.6 ग्राम, 
  • विटामिन बी2 30.77 फीसदी
  • आयरनः 16.25  फीसदी
  • कॉपरः 11.11 फीसदी 
  • पोटेशियमः 10.81 फीसदी 
  • मैग्‍नीशियमः 8.335 फीसदी
  • कैल्शियमः 7.20 फीसदी
  • फॉस्‍फोरसः  6.71  फीसदी

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गूलर फल के स्वास्थ्य लाभ

पित्त रोगों को दूर करता गूलर का फल

अगर आप पित्त रोग से परेशान हैं तो गूलर फल के पत्तों के चूर्ण को शहद के साथ खाने से यह समस्या दूर होती है।

बवासीर में फायदेमंद गूलर

अगर आप या आपके घर का कोई भी सदस्य बवासीर जैसी घातक बीमारी से परेशान है तो इस स्थिति में गूलर का फल आपके लिए काफी स्वास्थ्यवर्धक साबित हो सकता है। आप गूलर के तने को दूध को पीकर बवासीर जैसी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। अगर मरीज को खूनी बवासीर है तो उसे गूलर के ताजा पत्तों का रस पिलाना चाहिए। कई दिनों तक लगातार ऐसा करने से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

स्ट्रोक से बचने में मिलती है मदद

हमारे मस्तिष्क को काम करने के लिए पोटेशियम की जरूरत होती है। पोटेशियम की अधिक मात्रा हमारे मस्तिष्क के संज्ञानात्‍मक कार्यों को बढ़ा कर ऑक्‍सीजन के प्रवाह में मदद करती है, जिस कारण स्‍ट्रोक को रोकने में मदद मिलती है। गूलर में पाई जाने वाली पोटेशियम की अधिक मात्रा हमारे शरीर में वासोडिलेटर की तरह काम करती है, जो रक्‍त वाहिकाओं को आराम देते हुए रक्‍त के प्रवाह को बढ़ाती है, जिसके कारण स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।

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कैंसर की रोकथाम में लाभकारी गूलर

गूलर में  पाए जाने वाले एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-कैंसर गुण हमारे शरीर के लिए बेहद लाभकारी है। अगर नियमित रूप से गूलर के पेड़ से निकले रस का सेवन किया जाए तो हमारे शरीर में बनने वाले कैंसर सेल्स को नष्‍ट किया जा सकता है।

ब्लड शुगर को करता है नियंत्रित

हमारे शरीर को ठीक से काम करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है, जिसमें ब्लड शुगर एक अहम भूमिका निभाता है लेकिन हमारे रक्त में ब्लड शुगर की अधिक मात्रा घातक साबित हो सकती है। गूलर के फल में ब्लड शुगर कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। ब्लड शुगर नियंत्रित करने के लिए आप गूलर के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।

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