तनाव और चिड़चिड़ापन से बचने के लिए जानें टिप्स

तनाव और चिड़चिड़ापन ऐसी मानसिक समस्या हैं जिसकी वजह से जीवन पैर बेहद बुरा असर पड़ता है, एक्सपर्ट से जानें इनसे बचने के उपाय।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 26, 2021
तनाव और चिड़चिड़ापन से बचने के लिए जानें टिप्स

शरीर को हेल्दी और फिट रखने के लिए मानसिक स्वास्थ्य का ठीक होने बेहद जरूरी होता है। तनाव और चिड़चिड़ापन ये दो ऐसी मानसिक समस्या है जिसकी वजह से हमारे स्वास्थ्य और जीवन दोनों पर बुरा असर पड़ता है। जब कोई व्यक्ति चिड़चिड़ा महसूस करता है, तो छोटी-छोटी चीजों पर गुस्सा या उत्तेजना होने लगती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपनी पसंद की बातों पर भी भड़क सकता है। चिड़चिड़ापन एक सामान्य भावना है। चिड़चिड़ापन के पीछे नींद की कमी और हार्मोनल परिवर्तन जैसे कई कारण हो सकते हैं। वहीं तनाव भी एक सामान्य स्थिति होती है जिसके पीछे दैनिक जीवन की तमाम बातें हो सकती हैं, लेकिन अगर यह लगातार बढ़ता रहे तो व्यक्ति को समस्याएं होने लगती है। तनाव और चिड़चिड़ापन (Stress and Irritability) जीवन को नीरस और मुश्किल बना सकते हैं। इनसे बचने के लिए कौन से उपाय कारगर हैं? और ऐसी स्थिति को काबू में लाने के लिए क्या करना चाहिए?

तनाव (Stress)

किसी भी चीज को लेकर हो रहे शारीरिक और मानसिक दबाव को तनाव कहा जाता है। तनाव हमारे शरीर की एक ऐसी प्रतिक्रिया है जिसमें हम अपने जीवन की स्थितियों को लेकर अधिक सोचने या चिंता करने लग जाते हैं। जब किसी भी स्थिति पर हमारा नियंत्रण नहीं रह जाता है तो ऐसी स्थिति में भी तनाव उत्पन्न हो सकता है। जीवन की घटनाएं और परिस्थितियां तनाव की सबसे बड़ी जिम्मेदार होती हैं। अपने जीवन में सभी लोग तनाव की स्थिति का सामना करते हैं लेकिन इसे झेलने की क्षमता आनुवंशिकी, प्रारंभिक जीवन की घटनाओं, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है। तनाव की स्थिति में हमारा शरीर स्ट्रेस हॉर्मोन को निकालता है जिससे स्थिति ट्रिगर होती है। तनाव की वजह से हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

तनाव के लक्षण (Stress Symptoms)

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स्ट्रेस या तनाव की स्थिति में हमारे शरीर का तंत्रिका तंत्र (Nervous System) हृदय गति, सांस और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। जिसकी वजह से हमारे शरीर में शारीरिक और भावनात्मक लक्षण विकसित होते हैं। तनाव के प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • - चिंता और डर (Anxiety and Fear)
  • - मूड में बदलाव (Mood Swing)
  • - उदासी (Sadness)
  • - अचानक दर्द (Pain)
  • - धड़कन का तेज होना (Heart Rate)
  • - थकावट (Tiredness)
  • - नींद की समस्या (Sleep Problems)
  • - सिरदर्द और चक्कर आना (Headaches and Dizziness)
  • - ब्लड प्रेशर बढ़ना (High Blood Pressure)
  • - मांसपेशियों में तनाव (Muscle Tension)
  • - पेट और पाचन से जुडी समस्याएं (Stomach or Digestive Problems)

तनाव के कारण (Stress Causes)

मानसिक तनाव या स्ट्रेस के कई कारण हो सकते हैं। हमारी सामाजिक और शारीरिक परिस्थिति के कारण तनाव जैसी समस्या पैदा होती है। सामान्य रूप से तनाव के पीछे ये प्रमुख कारण हो सकते हैं।

  • - आर्थिक स्थिति 
  • - काम का दबाव
  • - अचानक होने वाले बदलाव
  • - किसी बात की चिंता या भय 
  • - अनिश्चितता
  • - जीवन की घटनाएं 
  • - पारिवारिक समस्या 

चिड़चिड़ापन (Irritability)

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चिड़चिड़ापन एक सामान्य भावनात्मक स्थिति है जो नींद की कमी, हार्मोनल चेंज और जीवन की परिस्थितियों के कारण हो सकती है। चिड़चिड़ापन के पीछे तनाव को भी एक बड़ा कारण माना जाता है। शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव और ब्लड शुगर की कमी और कमजोरी से भी व्यक्ति चिड़चिड़ा हो सकता है। लंबे समय तक चिड़चिड़ापन महसूस होने के पीछे किसी प्रकार का संक्रमण और डायबिटीज की समस्या भी हो सकती है।

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चिड़चिड़ापन के लक्षण (Irritability Symptoms)

चिड़चिड़ापन व्यक्ति की एक मानसिक स्थिति होती है, जब कोई भी व्यक्ति किसी बात या काम को लेकर अत्यधिक गुस्सा या बिल्कुल अलग व्यवहार करने लगे तो उस स्थिति को चिड़चिड़ापन की स्थित कहा जा सकता है। इसके कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • - दिल की धड़कन का बढ़ना (Heartbeat)
  • - अत्यधिक पसीना (Sweating)
  • - उलझन (Confusion)
  • - सांस का तेज होना (Fast Breathing)
  • - गुस्सा (Anger)
  • - बुखार (Fever)
  • - सरदर्द (Headache)

तनाव और चिड़चिड़ापन से बचने के टिप्स (Tips to Avoid Stress and Irritability)

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तनाव और चिड़चिड़ापन की समस्या अगर लंबे समय तक बनी रहे तो यह जीवन और सेहत दोनों के लिए नकारात्मक परिणाम देती है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सबीउल्लाह सैयद के मुताबिक तनाव और चिड़चिड़ापन की समस्या से बचने के लिए इन बातों का पालन करना चाहिए।

1. शराब और स्मोकिंग से दूरी बनाने पर ऐसी समस्या में फायदा मिलता है। ज्यादातर लोगों में यह देखा गया है कि वह तनाव और चिड़चिड़ेपन की समस्या की वजह से स्मोकिंग और शराब की लत लगा बैठते हैं। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। तनाव और चिड़चिड़ेपन की स्थिति में शराब और स्मोकिंग से दूरी बना लेनी चाहिए।

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2. कॉफी और कैफीन युक्त चीजों का सेवन कम करने से तनाव और चिड़चिड़ेपन की समस्या में फायदा मिलता है। लोगों के अंदर यह भ्रम है कि तनाव और चिड़चिड़ापन होने पर कॉफी का सेवन राहत दे सकता है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। तनाव और चिड़चिड़ेपन की स्थिति में कॉफी या कैफीन युक्त पदार्थों के सेवन का नकारात्मक परिणाम कुछ समय बाद दिखाई देता है। इसलिए तनाव और चिड़चिड़ापन की स्थिति में इन चीजों के सेवन से परहेज कर लेना चाहिए।

3. ऐसी स्थिति में कल या भविष्य की अधिक चिंता भी लोगों की समस्या का कारण बनता है। तनाव या चिड़चिड़ापन से बचने के लिए भविष्य की अत्यधिक चिंता करना नुकसानदायक हो सकता है। तनाव और चिड़चिड़ापन के प्रमुख कारण भी आने वाले भविष्य की अत्यधिक चिंता करना ही है। जीवन में आगे क्या होगा इस बात को लेकर सोचने से कोई फायदा नहीं है। वर्तमान में जीने से तनाव और चिड़चिड़ापन की  समस्या से बचा जा सकता है।

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4. नकारात्मक परिस्थिति और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने से चिंता, तनाव और चिड़चिड़ेपन की समस्या से बचने में फायदा मिलता है। जीवन में नकारात्मक विचार सिर्फ समस्या पैदा कर सकते हैं, इसलिए ऐसी परिस्थिति, विचार और नकारात्मक लोगों की संगति से बचना चाहिए।

5. नियमित रूप से व्यायाम और संतुलित भोजन शरीर के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। चिंता, तनाव या चिड़चिड़ेपन की स्थिति में भी नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से फायदा मिलता है। मन को शांत और दिमाग को स्थिर रखने के लिए नियमित रूप से कुछ समय व्यायाम जरूर करना चाहिए।

हमें उम्मीद है कि तनाव और चिड़चिड़ेपन की समस्या से बचने को लेकर दी गयी यह जानकारी आपको पसंद आयी होगी। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और जीवनशैली में कुछ बदलाव जैसे सामान्य उपाय हैं जो तनाव और चिड़चिड़ापन की स्थिति से बचने में लाभदायक सिद्द हो सकते हैं। अगर आपको लंबे समय से तनाव और चिड़चिड़ापन जैसी कोई समस्या है तो किसी मनोचिकित्सक से संपर्क कर उसका इलाज कराने से फायदा मिलेगा।

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