Thu Oct 8, 2026 | 03:34 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

क्या वाकई एक्सरसाइज से बढ़ जाते हैं नॉर्मल डिलीवरी के चांस? डॉक्टर से जानें सच्चाई

Pregnancy Fitness: आमतौर पर प्रेग्नेंट महिलाओं को लगता है कि कसरत करने से नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ जाती है। इसमें क्या सच्चाई है? यह जानने के लिए हमने डॉक्टर से बात की। उन्होंने इस लेख में विस्तार से बात की है। 
क्या वाकई एक्सरसाइज से बढ़ जाते हैं नॉर्मल डिलीवरी के चांस? डॉक्टर से जानें सच्चाई
क्या वाकई एक्सरसाइज से बढ़ जाते हैं नॉर्मल डिलीवरी के चांस? डॉक्टर से जानें सच्चाई

Pregnancy Fitness: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। वजन बढ़ने से लेकर बीपी या डायबिटीज तक ही समस्याएं भी हो सकती है। शरीर के साथ प्रेग्नेंट महिलाओं के मन में भी कई तरह के डर बैठे होते हैं, जैसे बच्चे की ग्रोथ कैसी हो रही है, डिलीवरी कैसे होगी? डिलीवरी से जुड़े कई सवाल महिलाओं के दिमाग में घर किए होते हैं। इसमें सबसे कॉमन होता है कि क्या डिलीवरी नॉर्मल होगी या फिर सर्जरी? आमतौर पर महिलाएं मानती हैं कि कसरत करने से नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है। क्या सच में ऐसा होता है? इस बारे में जानने के लिए हमने गुरुग्राम के क्लाउडनाइन हॉस्पिटल के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की डायरेक्टर डॉ. चेतना जैन (Dr. Chetna Jain Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon) से बात की। उन्होंने बताया कि नॉर्मल या सी सेक्शन होने के कई फैक्टर्स होते हैं, लेकिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी में हल्की कसरत या वॉक जरूर करना चाहिए। 

क्या कसरत करने से नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है?

डॉ. चेतना कहती हैं, “हां, अगर प्रेग्नेंसी में महिलाएं डॉक्टर की सलाह पर सही तरीके से वर्कआउट करें तो नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। हालांकि, जैसा मैंने पहले भी कहा है कि सिर्फ कसरत करने से नॉर्मल डिलीवरी की कोई गारंटी नहीं है, लेकिन अपनी प्रेग्नेंसी को हेल्दी रखने के लिए कसरत करना या फिर वॉक करना बहुत महत्वपूर्ण है।”

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नॉर्मल डिलीवरी से जुड़ी स्टडी क्या कहती है? 

 American College of Obstetricians & Gynecologists स्टडी के अनुसार, अगर किसी महिला की सेहतमंद प्रेग्नेंसी है, तो उन्हें कसरत जरूर करनी चाहिए। एक प्रेग्नेंट महिला को कम से कम हर हफ्ते 150 मिनट मोडरेट एरोबिक एक्टिवटी करनी चाहिए। इसमें ब्रिस्क वॉकिंग से लेकर गॉर्डनिंग जैसी एक्टिविटीज शामिल है। महिलाएं हफ्ते के 150 घंटे को रोजाना पांच दिन आधा घंटा वर्कआउट करके पूरा कर सकती है। इसके अलावा, नई कसरत को धीरे-धीरे शामिल किया जा सकता है। 

नॉर्मल डिलीवरी की संभावना कैसे बढ़ सकती है?

डॉ. चेतना ने बताया कि सेफ तरीके से कसरत करने से डिलीवरी के समय सहनशक्ति और मसल्स में ताकत रहती है और महिला मेंटली खुद को स्ट्रान्ग रख पाती है। एक्सरसाइज करने के कई फायदे होते हैं, जो डिलीवरी के समय महत्वपूर्ण है।

  1. पेल्विक मसल्स का मजबूत होना - स्क्वैट्स, केगल एक्सरसाइज और पेल्विक टिल्ट जैसी एक्सरसाइज से प्रेग्नेंसी में महिलाओं का पेल्विक फ्लोर मजबूत होता है। इससे लेबर पेन के दौरान शिशु को नीचे आने में मदद मिलती है। 
  2. स्टैमिना और सहनशक्ति बढ़ना - नॉर्मल डिलीवरी के दौरान लेबर पेन कई घंटों तक चल सकता है, ऐसे में रेगुलर वॉकिंग या प्रेग्नेंसी में योग करने से शरीर इतने दर्द को संभालने के लिए तैयार होता है। 
  3. वजन कंट्रोल करना - अगर प्रेग्नेंसी में महिला का वजन बढ़ जाता है, तो सर्जरी का रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए सही तरीके से कसरत करना बहुत जरूरी है ताकि वजन कंट्रोल में रह सके। 
  4. ब्लड शुगर और बीपी कंट्रोल करना - प्रेग्नेंसी में डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर होने से नॉर्मल डिलीवरी न होने का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए डॉक्टर्स हमेशा एक्टिव रहने की सलाह देते हैं। 
  5. बेबी की पोजीशन बेहतर होना - बर्थ बॉल मूवमेंट्स जैसी एक्सरसाइज करने से बेबी सही हेड-डाउन पोजीशन में आ सकता है। 
  6. मेंटल स्ट्रेस कम होना - जब महिला वॉक या एक्सरसाइज करती है, तो उसे एंग्जाइटी और बैचेनी कम महसूस होती है। इससे प्रेग्नेंसी में मेंटल हेल्थ को मजबूती मिलती है और यह मजबूत लेबर के समय काफी मददगार साबित होती है। 

नॉर्मल डिलीवरी के लिए कौन से वर्कआउट करने चाहिए?

डॉ. चेतना कहती हैं कि अगर किसी महिला को प्लेसेंटा प्रीविया, बार-बार ब्लीडिंग होना, सर्विक्स कमजोर होने या गंभीर एनीमिया होने पर महिलाओं को एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। अगर महिला की सेहतमंद प्रेग्नेंसी है, तो वह कुछ वर्कआउट कर सकती हैं। 

  1. रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट वॉक करनी चाहिए।
  2. अगर प्रेग्नेंसी में योग करना चाहती हैं, तो अनुभवी ट्रेनर की देखरेख में करना चाहिए।
  3. जो महिलाएं पहले से स्विमिंग करती आ रही हैं, वे प्रेग्नेंसी में भी स्विमिंग कर सकती हैं।
  4. केगल एक्सरसाइज भी प्रेग्नेंसी में काफी अच्छी मानी जाती है। 
  5. हल्की स्ट्रेचिंग और ब्रीदिंग करके महिला खुद को फिट रख सकती है। 

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निष्कर्ष

डॉ. चेतना कहती हैं कि प्रेग्नेंट महिलाओं को डिलीवरी की टेंशन होती है, लेकिन चिंता करने की बजाय महिलाओं को खुद की फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए। अगर किसी महिला को एक्सरसाइज के दौरान चक्कर आना, सांस फूलना, पेट में तेज दर्द, या ब्लीडिंग होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

FAQ

  • प्रेग्नेंसी में ज्यादा चलने से गर्भपात हो सकता है।

    नॉर्मल और सेहतमंद प्रेग्नेंसी में हल्की एक्सरसाइज करना सेफ है। 
  • सिर्फ पतली महिलाओं की ही नॉर्मल डिलीवरी होती है।

    ऐसा नहीं होता, बल्कि नॉर्मल डिलीवरी शरीर की फिटनेस, मेडिकल कंडीशन और बेबी की पोजीशन पर ज्यादा निर्भर करती है। 
  • एक्सरसाइज करने से लेबर जल्दी शुरू हो जाता है।

    एक्सरसाइज से बॉडी पेन के लिए तैयार होता है, लेकिन लेबर जल्दी या लेट होने के कई और फैक्टर्स भी होते हैं। 

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 23, 2026 16:26 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Feb 23, 2026 16:26 IST

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  • Feb 23, 2026 16:26 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain