बवासीर की परेशानी कम करने में मददगार हैं ये 5 तरह के तेल, जानें इस्तेमाल का तरीका

बवासीर की समस्या को दूर करने के लिए आप एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह तेल बवासीर के दर्द और सूजन से राहत दिला सकते हैं

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jan 18, 2022Updated at: Jan 18, 2022
बवासीर की परेशानी कम करने में मददगार हैं ये 5 तरह के तेल, जानें इस्तेमाल का तरीका

बवासीर ( Hemorrhoids) एक ऐसी समस्या है, जिसमें मल त्यागने में काफी ज्यादा परेशानी होती है। यह एक दर्दनीय स्थिति है। इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति के गुदा (Anus) के अंदर और बाहर और मलाशय (Rectum) के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है। जिसके कारण काफी ज्यादा दर्द होता है। बढ़ती उम्र और कुछ स्थितियां जैसे- गर्भावस्था, मोटापा, खानपान सही न होने की वजह से बवासीर की परेशानी हो सकती है। इस समस्या का इलाज कई तरीकों से किया जाता है। आयुर्वेद से लेकर घरेलू उपचार की मदद से बवासीर की परेशानी से राहत पाया जा सकता है। इसके अलावा कुछ ऐसे तेल हैं, जिसकी मदद से आप बवासीर में होने वाली परेशानी कम कर सकते हैँ। आइए जानते हैं ऐसे कुछ खास तेल के बारे में- 

1. दालचीनी एसेंशियल ऑयल

दालचीनी के तेल का इस्तेमाल करने से बवासीर की परेशानियों को कम किया जा  सकता है। दालचीनी एसेंशियल ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो सूजन से राहत मिल सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि इसका इस्तेमाल सावधानी पूर्वक करने की आवश्यकता होती है। बवासीर की परेशानी होने पर दालचीनी एसेंशियल ऑयल के साथ अन्य वाहक तेल मिक्स कर लें। अब इस तेल को प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे आपको काफी राहत मिल सकता है।

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2. लौंग एसेंशियल ऑयल

लौंग एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदों का इस्तेमाल करने से बवासीर की परेशानी से राहत पा सकते हैं। यह गुदा और मलाशय में होने वाले दर्द और सूजन को कम करने में प्रभावी है। लौंग के तेल के अलावा आप लौंग का क्रीम भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, अगर आपकी स्किन संवेदनशील है, तो प्रभावित हिस्से पर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करें।

3. पुदीना आवश्यक तेल

पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल आंत्र सिंड्रोम (IBS) के उपचार में प्रभावी होता है। इसलिए कई एक्सपर्ट मिंट एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल करने की भी सलाह दे सकते हैं। पेपरमिंट ऑयल का सुखदायक मेन्थॉल घटक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो गुदे के सूजन को कम करने में प्रभावी है। इससे मल त्यागने के दौरान होने वाले दर्द से आराम मिल सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल लगाने से बचना चाहिए। इस तेल का इस्तेमाल करने से पहले इसे अन्य वाहक तेल के साथ मिक्स करके पतला करें। 

4. टी ट्री एसेंशियल ऑयल

टी ट्री ऑयल बैक्टीरिया को खत्म करने का गुण रखता है। यह सूजन को कम करता है। साथ ही बवासीर की अन्य परेशानी से राहत दिला सकता है। संवेदनशील स्किन वाले लोग भी टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इस तेल को जोजोबा तेल या नारियल के तेल के साथ मिक्स करके ही अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं। यह ऑयल ऑइंटमेंट की तरह बवासीर की परेशानी में कार्य करता है।

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5. लोबान एसेंशियल ऑयल

लोबान तेल बवासीर की परेशानी में होने वाले दर्द और सूजन का इलाज करने में प्रभावी है। प्राचीन काल से ही इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। लोबान न केवल सूजन को कम करता है, बल्कि यह जीवाणुओं को मारने में भी असरदार होता है। इसमें संक्रमण और दर्द निवारक गुण होता है। लोबान एसेंशियल ऑयल को वाहक तेल, जैसे नारियल या जोजोबा तेल के साथ पतला करके आप इसे अपने प्रभावित स्थान पर लगा सकते हैं। इससे आपको काफी लाभ मिलेगा।

बवासीर की परेशानी होने पर आप आयुर्वेद के इन खास तेलों का इस्तेमाल कर सकते हैँ। हालांकि, ध्यान रखें कि अगर आपकी परेशानी ज्यादा बढ़ रही है, तो एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

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