कहीं आपका परफ्यूम तो नहीं है एलर्जी और ड्राई स्किन की वजह?

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 19, 2018
Quick Bites

  • तेज खूशबू वाले परफ्यूम सेंसिटिव स्किन के लिए हानिकारक होते हैं।
  • परफ्यूम व डियोडेरेंट आपके पसीने की ग्रंथियों को प्रभावित करते हैं
  • न्यूरोटॉक्सिक रसायन किडनी को डैमेज करने का कारण बन सकते हैं।

गर्मी में पसीने की बदबू से राहत पाने के लिए आप भी रोज डियो और परफ्यूम का खूब इस्तेमाल करते हैं मगर क्या आपको पता है कि ये परफ्यूम आपकी त्वचा के लिए घातक हो सकता है? दरअसल परफ्यूम और डियो में कई ऐसे केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है जिनका आपकी त्वचा पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे परफ्यूम्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल आपको कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का शिकार बना सकता है। परफ्यूम में मिले इन केमिकल्स से कई बार एलर्जी, अस्थमा, त्वचा संबंधी रोग या फिर दूसरी तरह की अन्य गंभीर बीमारियां हो जाती है।

हो सकती हैं कई गंभीर बीमारियां

परफ्यूम कई तरह की बीमारियों का कारण भी बन सकता है। प्रॉपिलीन और ग्लायसोल परफ्यूम में इस्तेमाल होने वाले मुख्य तत्व हैं। यो दोनों रसायन शरीर में एलर्जिक रिएक्शन पैदा करते हैं। ये एक तरह के न्यूरोटॉक्सिक रसायन हैं जो किडनी को डैमेज करने का कारण बन सकते हैं। कई बार इसकी मात्रा अधिक होने पर कैंसर का कारण भी बन जाती है।

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सेंसिटिव स्किन को होता है ज्यादा खतरा

तेज खूशबू वाले परफ्यूम संवेदनशील त्वचा के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। अगर त्वचा में किसी तरह का रिएक्शन हो जाता है तो प्रभावित स्थान को ठंडे पानी से धोएं और फौरन किसी डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलें। ट्राइक्लोसन केमिकल का इस्तेमाल परफ्यूम या डियोडरेंट्स को बैक्टीरिया रोधी यानी एंटीबैक्टीरियल बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस केमिकल का इस्तेमाल कई एंटीबैक्टीरियल साबुनों में भी किया जाता है।
लेकिन ये केमिकल शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टीरियाओं को भी नष्ट कर देता है। इसके कारण त्वचा संबंधित तई तरह की बीमारियां होती हैं। गर्भावस्था में परफ्यूम और डियो का इस्तेमाल और ज्यादा घातक हो सकता है क्योंकि ये रसायन गर्भ में पल रहे शिशुओं और नवजातों के शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

हो सकती है एलर्जी

एक शोध के अनुसार परफ्यूम व डियोडेरेंट आपके पसीने की ग्रंथियों को प्रभावित करते हैं और शरीर की टॉक्सिफिकेशन की प्राकृतिक प्रक्रिया को भी नुकसान पहुंचाते हैं। ये आपके पसीने की बदबू को तो रोक देते हैं साथ ही त्वचा को हानि पहु्ंचाते हैं। इससे आपको एलर्जी की शिकायत हो सकती है।

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त्वचा भी हो सकती है ड्राई

सिलिका अथवा 'सिलिकॉन डाईऑक्साइड', ऑक्सीजन और सिलिकन से योग से बना होता है। इसका इस्तेमाल बालू में उपस्थित छोटे-छोटे कांच के कण काँच, सिरेमिक सामानों के निर्माण और तापरोधी ईंटें बनाने में किया जाता है। ये केमिकल त्वचा में जलन पैदा कर सकता है, जिससे स्किन एलर्जी की समस्या होती है। सिलिका के अलावा इसमें मौजूद टैल्क रसायन शरीर में कैंसर का कारण बनता है। इंटरनेशनल एकेडमी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के मुताबिक अगर इसमें एस्बेस्टिफॉर्म फाइबर हैं तो ये कैंसर का कारण बन सकता है।

शरीर के लिए जरूरी है पसीना

पसीना कम करने के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले खुशबूदार उत्पादों से पसीने की स्वाभाविक प्रक्रिया में बाधा पहुंचाती हैं जिससे शरीर में आर्सेनिक, कैडमियम, लीड और मरकरी जैसे तत्व इकट्ठा हो सकते हैं। जो आपकी सेहत के लिए खतरनाक होते हैं।

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