Fri Sep 11, 2026 | 09:05 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gunjan Sarin , Obstetrics and Gynaecology

क्या सच में प्रेग्नेंसी के दौरान संतरा खाने से होने वाले बच्चे का रंग होता है गोरा? जानें क्या है इसकी सच्चाई

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपने खान-पान का खास ध्यान रखने की सलाह देते हैं। संतरा का सेवन आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है, लेकिन क्या इसे खाने से होने वाले बच्चे का रंग गोरा होता है या ये सिर्फ एक मिथक है। आइए गायनेकोलॉजिस्ट से इसके पीछे की सच्चाई जानते हैं।

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपने खानपान का खास ध्यान रखने की सलाह देते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान आप जो भी खाते या पीते हैं तो इसका सीधा असर गर्भ में पल रहे भ्रूण के स्वास्थ्य पर पड़ते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान आपने कई महिलाओं को संतरा खाते हुए देखा होगा। संतरा पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, कई लोगों का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान संतरा खाने से बच्चा गोरा पैदा होता है। भले ही लोगों की काफी तरक्की कर ली हो, लेकिन इसके बाद भी आज भी लोगों के बीच कई तरह के अंधविश्वास आज भी फैले हुए हैं। खासकर प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के खानपान, रहन-सहन और बच्चे को लेकर कई तरह के मिथक और अंधविश्वास फैले हुए हैं। ऐसे में संतरा खाने से बच्चा गोरा पैदा होता है यह एक बहुत बड़ा दवा है। इसलिए, आइए इस लेख में हम दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन से जानते हैं कि क्या सच में संतरा खाने से बच्चा गोरा पैदा होता है या ये सिर्फ एक मिथक है?

क्या गर्भावस्था में संतरा खाने से बच्चा गोरा होता है?

प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाओं को संतरा खाने की सलाह दी जाती है, ताकि उससे मिलने वाले पोषक तत्वों के फायदे तो मिल सके, लेकिन इसके साथ महिलाएं गोरा बच्चा पैदा करें। जी हां, कई लोगों का मानना है कि संतरा खाने से बच्चा गोरा पैदा होता है। हालांकि गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार ये बात बिल्कुल गलत और एक मिथक है। प्रेग्नेंसी में संतरा खाना मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। हालांकि यह मानना कि संतरा खाने से बच्चा गोरा पैदा होगा, जिसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यहां तक कि अब तक कोई मेडिकल रिसर्च भी इस बारे में नहीं मिलता है कि किसी खास फल को खाने से बच्चे की स्किन का रंग बदल सकता है। इसलिए, संतरा प्रेग्नेंसी के दौरान संतरा खाना सेहत के लिए अच्छा होता है, बच्चे का रंग बदलने के लिए नहीं।

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बच्चे की त्वचा का रंग किस पर निर्भर करता है?

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि बच्चे की स्किन का रंग मुख्य रूप से जेनेटिक कारणों पर निर्भर करता है। माता-पिता से मिले जीन और शरीर में बनने वाले मेलेनिन की मात्रा प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे भ्रूण के रंग को तय करती है। प्रेग्नेंसी के दौरान MC1R, SLC24A5 और OCA2 जैसे जीन बच्चे के रंग में अहम भूमिका निभाते हैं। जन्म के समय कई बच्चे हल्के रंग के दिख सकते हैं, लेकिन कुछ हफ्तों या महीनों में उनकी स्किन का नेचुरल रंग उभर आता है और लगभग 6 महीने तक स्थिर हो जाता है। इसलिए, किसी भी तरह का फूड या लेप बच्चे की स्किन का रंग नहीं बदल सकता है, क्योंकि यह पूरी तरह नेचुरल और जेनेटिक प्रक्रिया होती है।

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प्रेग्नेंसी में संतरा खाने के फायदे

दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान संतरा खाना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है:

  • ब्लड प्रेशर कंट्रोल करें: संतरा का सेवन ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। संतरे में मौजूद हाई पोटैशियम प्रेग्नेंसी में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और हाई बीपी से राहत दिलाता है।।
  • शिशु के दिमाग का विकास: संतरा विटामिन बी6 और फोलिक एसिड का अच्छा सोर्स होता है, जिस कारण इसे प्रेग्नेंसी के दौरान खाने से शिशु के दिमाग के विकास में मदद मिलती है और न्यूरल ट्यूब विकार से बचाना भी संभव हो सकता है। संतरे में मौजूद फोलेट रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाने और प्लेसेंटा के विकास में भी मदद कर सकता है।
  • कब्ज से राहत: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में कब्ज की समस्या बनी रहती है, जिससे राहत पाने के लिए संतरा खाना फायदेमंद हो सकता है। संतरे में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर होते हैं, जो मल त्याग को आसान बनाने और कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है।
  • इम्यूनिटी बढ़ती है: संतरा विटामिन सी से भरपूर होता है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद होता है। इसका सेवन आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। संतरा में आयरन और जिंक से भी भरपूर होता है, जो आपके इम्यून सिस्टम के लिए बहुत जरूरी होता है। संतरा खाने से प्रेग्नेंसी में एलर्जी का खतरा भी कम होता है। ये शिशु के कार्टिलेज, टिशू, ब्लड वेसल्स और हड्डियों को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है।  

निष्कर्ष

संतरा का सेवन प्रेग्नेंसी के दौरान मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। हालांकि, प्रेंग्नेंसी में संतरा खाने से बच्चे का रंग गोरा होता है इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • गर्भवती महिला एक दिन में कितने संतरे खा सकती है?

    प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए एक दिन में 2 से 3 मध्यम आकार के संतरे खाना सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। संतरा विटामिन सी, फाइबर और फोलिक एसिड से भरपूर होता है, जो बच्चे के विकास और मां की इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए जरूरी होता है।
  • संतरे को कब नहीं खाना चाहिए?

    संतरे को खाली पेट, रात के समय या सोने से ठीक पहले खाने से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद एसिड के कारण एसिडिटी, सीने में जलन और पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
  • संतरा खाने का सही समय?

    संतरा खाने का सबसे अच्छा समय सुबह नाश्ते के 1 से 2 घंटे बाद या दोपहर के भोजन के बीच में होता है, जो आपके पाचन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है और पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jan 29, 2026 15:33 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jan 29, 2026 15:33 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Gunjan Sarin

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