आज के समय में कई लोग ऐसे हैं, जिनके दिन की शुरुआत से लेकर दिन के अंत में कुछ न कुछ मीठा खाने के लिए चाहिए होता है। मीठा खाने के शौकीन अपनी डाइट में कई तरह की मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक, बेकरी प्रोडक्ट्स और प्रोसेस्ड फूड्स शामिल करने लगे हैं। ये फूड्स हमारे रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन, ज्यादा मात्रा में मीठा खाना हमारी सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। इतना ही नहीं, यीस्ट इंफेक्शन भी एक ऐसी समस्या है, जिसे अक्सर मीठा खाने से जोड़ा जाता है। ऐसे में आइए इस लेख में हम नई दिल्ली के एलांटिस हेल्थकेयर की एमबीबीएस और एमडी- डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. चांदनी जैन गुप्ता से जानते हैं कि क्या सच में मीठा खाने से वजाइनल इंफेक्शन का जोखिम बढ़ सकता है?
अधिक चीनी कैसे बढ़ाती है खतरा?
डॉ. चांदनी जैन गुप्ता कहती हैं कि बहुत ज्यादा चीनी खाने से यीस्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है, लेकिन आमतौर पर यह अकेला कारण नहीं होता है। यीस्ट इंफेक्शन आमतौर पर कैंडिडा नाम के फंगस, खासकर कैंडिडा एल्बिकेंस के ज्यादा बढ़ने के कारण होता है। यह फंगस आमतौर पर स्किन, मुंह और वजाइनल एरिया में बिना किसी नुकसान के पहुंच जाता है। हालांकि, जब शरीर का बैलेंस बिगड़ता है तो यह तेजी से बढ़ सकता है और खुजली, रेडनेस, जलन और व्हाइट डिस्चार्ज का कारण बन सकता है। ज्यादा मात्रा में चीनी खाने से यह बैक्टीरिया इंबैलेंस हो सकता है। दरअसल, जब आप बहुत ज्यादा चीनी खाते हैं तो आपका ब्लड ग्लूकोज लेवल को बढ़ जाता है। यीस्ट चीनी पर बढ़ता है, इसलिए, बढ़ा हुआ ग्लूकोज लेवल डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों में यीस्ट इंफेक्शन बढ़ने का कारण बन सकता है। इसलिए, कारण जिन लोगों में डायबिटीज की समस्या होती है, उन्हें बार-बार यीस्ट इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च के अनुसार, "डायबिटीज के मरीजों में हाई ब्लड शुगर और कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण ओरल और यीस्ट इंफेक्शन का जोखिम ज्यादा होता है।"
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यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं?
डॉ. चांदनी जैन गुप्ता का कहना है कि, अगर आपके शरीर में यीस्ट इंफेक्शन बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो आपके शरीर में ये लक्षण नजर आ सकते हैं, जिसमें-
- वजाइनल एरिया में खुजली और जलन की समस्या होना
- स्किन पर रेडनेस या सूजन होना
- महिलाओं में सफेद या गाढ़ा डिस्चार्ज होना
- पेशाब के दौरान दर्द होना
- शारीरिक संबंध बनाने में समस्या होना
- वजाइनल एरिया के आसपास की स्किन पर रैशेज होना
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वजाइनल इंफेक्शन के अन्य कारण
डॉ. चांदनी जैन गुप्ता के अनुसार वजाइनल इंफेक्शन सिर्फ ज्यादा चीनी खाने के कारण नहीं, बल्कि अन्य कई कारणों से हो सकता है, जैसे-
- एंटीबायोटिक दवाएं- एंटीबायोटिक्स हमारे शरीर में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी कम कर देता है, जिससे यीस्ट इंफेक्शन बढ़ सकता है।
- हार्मोनल बदलाव- प्रेग्नेंसी, पीरियड्स या गर्भनिरोधक गोलियों के कारण शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे इंफेक्शन का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है।
- इम्यूनिटी कमजोर होना- इम्यून सिस्टम कम कमजोर होने के कारण भी इंफेक्शन से लड़ने में मदद नहीं मिल सकती है, जिससे वजाइनल इंफेक्शन हो सकता है।
- नमी के कारण- पसीना, गीले कपड़े या टाइट सिंथेटिक कपड़ों के कारण भी फंगस इंफेक्शन फैलने का जोखिम बढ़ जाता है, जो वजाइनल इंफेक्शन का कारण बन सकता है।
निष्कर्ष
ज्यादा चीनी का सेवन वजाइनल इंफेक्शन होने का कारण बन सकता है, खासकर उन लोगों में ब्लड शुगर लेवल असंतुलित रहता है, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसलिए, अगर आपको बार-बार वजाइनल इंफेक्शन होता है तो आप चीनी का सेवन सीमित मात्रा में करें, प्राइवेट एरिया के हाइजीन का ध्यान रखें और हेल्दी डाइट फॉलो करें।
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FAQ
वजाइनल इन्फेक्शन क्यों होता है?
वजाइनल इन्फेक्शन आमतौर पर योनि में बैक्टीरिया या यीस्ट के नेचुरल संतुलन के बिगड़ने के कारण होता है। यह असंतुलन एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल, प्रेग्नेंसी, डायबिटीज और हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकता है।वजाइनल इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं?
वजाइनल इंफेक्शन के आम लक्षणों में योनि में खुजली, जलन, सूजन और रेडनेस की समस्या शामिल है। इसके अलावा, व्हाइट डिस्चार्ज या योनि से गंदी बदबू आना भी इसका लक्षण होता है।वजाइनल इन्फेक्शन कैसे दूर करें?
वजाइनल इन्फेक्शन को दूर करने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं, अच्छी हाइजीन, हेल्दी डाइट, कॉटन की अंडरवियर पहनना और दही का सेवन करें।
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Feb 25, 2026 16:28 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Feb 25, 2026 16:28 IST
Modified By : Katyayani TiwariFeb 25, 2026 16:28 IST
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Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta