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क्या हार्ट के मरीज रोज काजू खा सकते हैं? एक्सपर्ट की सलाह जरूर मानें

Cashews For Heart Patients: हार्ट के मरीजों के लिए काजू खाना फायदेमंद है। इससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित होता है और कार्डियोवैस्कुलर  हेल्थ सुधरता है।

काजू खाना हमारी सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। खासकर, बदलते मौसम में काजू खाने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है और बीमार होने का जोखिम भी कम होता है। काजू में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड जैसे हेल्दी फैट्स होते हैं और इसमें जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं, जैसे जिंक, मैग्नीशियम और आयरन। कई घरों में लोग रेगुलर इसका सेवन करते हैं। ऐसे में एक सवाल जरूर मन में उठता है कि क्या हार्ट के मरीज भी इसका सेवन रोजाना कर सकते हैं? आइए, जानते हैं कि नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant - Dietetics वंदना राजपूत इस संबंध में क्या कहती हैं? उनकी सलाह को नजरअंदाज करने की गलती न करें।

क्या हार्ट के मरीज रोज काजू खा सकते हैं?

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आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि हार्ट के मरीजों के लिए काजू बहुत ही हेल्दी विकल्प है। असल में, काजू को हार्ट फ्रेंडली भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड जैसे हेल्दी फैट्स होते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। कहने की जरूरत नहीं है कि जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित रहता है, तो इसकी वजह से हार्ट हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर पड़ता है। हालांकि, इसका कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिए, इस पर नजर जरूर रखें।

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हार्ट के लिए काजू खाने के फायदे

cashew for heart health

बीमारियों के जोखिम में कमीः जब हार्ट के मरीज इसका सेवन रोजाना और संतुलित मात्रा में करते हैं, तो इससे कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ बेहतर होती है और हार्ट डिजीज का रिस्क कम होता है।

एंटीऑक्सीडेंट्स का स्रोतः चूंकि, काजू में एंटीऑक्सीडेंट अच्छी-खासी मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इसका सेवन करने से आपका समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है। इसका सकारात्मक असर आपके दिल पर भी पड़ता है।

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हार्ट के मरीज कितनी मात्रा में काजू खाएं

हार्ट के मरीजों के लिए जरूरी है कि आप सीमित मात्रा में ही काजू खाएं। असल में, काजू में कैलोरी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। ऐसे में अगर आप इसका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, तो हार्ट हेल्थ को नुकसान हो सकता है। सही मात्रा के लिए आप एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं।

हार्ट के मरीज कैसे काजू खाएं?

हार्ट के मरीज सादे काजू और बिना नमक लगाए खाएं। रोस्टेड यानी भुने हुए काजू हार्ट के मरीजों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे काजू खाने से बचें, जिसमें सोडियम की मात्रा अधिक होती है। इससे ब्लड प्रेशर का स्तर बढ़ सकता है। हां, अगर किसी को एलर्जी है, तो उन्हें भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। एनसीबीआई की रिपोर्ट भी कहती है सीमित मात्रा में काजू का सेवन करने से ब्लड प्रेशर संतुलित होता है और हार्ट हेल्थ में सुधार होता है।

निष्कर्ष

हार्ट के मरीज काजू का सेवन रोजाना कर सकते हैं और यह पूरी तरह सुरक्षित है। इसके बावजूद, इस बात पर ध्यान दिया जाना जरूरी है कि आप कितनी मात्रा में काजू का सेवन करेंगे, इस बारे में डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें। वैसे तो काजू का सेवन करने से बीपी संतुलित रहता है, लेकिन यह मरीज के ब्लड प्रेशर की रेंज तय करती है कि उनकी हेल्थ पर काजू किस तरह असर करेगा।

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FAQ

  • क्या हार्ट अटैक के मरीजों के लिए काजू अच्छे होते हैं?

    हां, हार्ट के मरीजों के लिए काजू अच्छे होते हैं। इसका सेवन करने से सिस्टोलिक (ऊपरी) और डायस्टोलिक (निचले) ब्लड प्रेशर में सुधार होता है। इससे कार्डियोमेटाबोलिक कारक पर कोई गहरा असर नहीं पड़ता है।
  • 1 दिन में कितनी काजू खानी चाहिए?

    विशेषज्ञों की मानें, तो आपको अपनी हेल्थ के अनुसार काजू के पोर्शन का ध्यान रखना चाहिए। एक दिन में 5 से 10 काजू खाना काफी होता है। 
  • कौन सा फल हृदय रोग से बचाता है?

    हृदय रोग से बचने के लिए आप बेरीज (स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी), सेब, अनार, केला, संतरा और एवोकाडो जैसे फल खा सकते हैं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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