Sat Oct 17, 2026 | 08:57 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

क्या ठंडा पानी पीने से रुक जाता है डाइजेशन? एक्सपर्ट से जानें

गर्मी और थकान के बाद ठंडा पानी पीना हर किसी को सुकून देता है। लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या ठंडा पानी पीने से हमारा पाचन तंत्र धीमा पड़ जाता है? 
क्या ठंडा पानी पीने से रुक जाता है डाइजेशन? एक्सपर्ट से जानेंक्या ठंडा पानी पीने से रुक जाता है डाइजेशन? एक्सपर्ट से जानें

गर्मी में पसीना-पसीना होकर घर पहुंचते ही अगर फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी मिल जाए तो शरीर को राहत मिलती है और लगता है कि एक घूंट में जैसे सारी थकान उतर गई हो। लेकिन यही ठंडा पानी अक्सर एक सवाल खड़ा करता है कि क्या यह हमारी सेहत के लिए सही है? खासकर यह मान्यता बहुत प्रचलित है कि ठंडा पानी पीने से पाचन शक्ति धीमी हो जाती है और खाना सही से नहीं पचता। बचपन से ही कई लोग यह सुनते आए हैं कि खाना खाने के तुरंत बाद ठंडा पानी मत पीना, वरना खाना जम जाएगा। इस तरह की बातें हर घर में कही जाती हैं। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है या यह सिर्फ एक भ्रम है? इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने, जयपुर में स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन (Archana Jain, Dietitian and Nutritionist, Director, Angelcare-A Nutrition and Wellness Center, Jaipur) से बात की-

क्या ठंडा पानी पीना पाचन को प्रभावित करता है? - Does Drinking Cold Water Slow Down Digestion

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि बहुत ठंडा पानी पीने से भोजन को पचाने की प्रक्रिया थोड़ी देर के लिए धीमी हो सकती है। ठंडा पानी पेट की रक्त वाहिकाओं यानी ब्लड वैसेल्स को संकुचित कर सकता है, जिससे पाचन एंजाइम का असर कम हो सकता है। इसके अलावा, ठंडा पानी ऑयली या फैटी फूड को थोड़ा जमा सकता है, जिससे उनका टूटना कठिन हो जाता है। यही कारण है कि आयुर्वेद और योग में भी खाने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने से बचने की सलाह दी जाती है।

इसे भी पढ़ें: क्या ठंडे पानी से चेहरा धोने से ग्लो बढ़ता है? जानें एक्सपर्ट से

जब हम ठंडा पानी पीते हैं तो शरीर तुरंत ही उसे अपने सामान्य तापमान पर ले आता है। यानी, थोड़े समय के लिए पाचन पर असर पड़ सकता है लेकिन यह कोई स्थायी समस्या नहीं है। फिर भी अगर किसी को पहले से एसिडिटी, अपच या कब्ज की समस्या है, तो ठंडा पानी उनकी परेशानी को और बढ़ा सकता है।

कुछ रिसर्च बताती हैं कि ठंडा पानी थोड़े समय के लिए पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकता है क्योंकि यह पेट की रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है। हालांकि, शरीर जल्द ही पानी को सामान्य तापमान में बदल देता है, इसलिए यह असर स्थायी नहीं होता।

इसे भी पढ़ें: क्या ठंडा पानी पीने से बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर कम होता है? जानें एक्सपर्ट से

cold water effect on digestioncold water effect on digestion

पाचन तंत्र कैसे काम करता है? - how does the digestive system work

हमारा पाचन तंत्र भोजन को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर पोषक तत्वों को अवशोषित करता है। इस प्रक्रिया में पेट का एसिड, एंजाइम और आंतों की गति अहम भूमिका निभाते हैं। पानी चाहे ठंडा हो या सामान्य, खाना पचाने में मदद करता है क्योंकि यह भोजन को नरम बनाता है और उसे आंतों तक पहुंचने में सहूलियत देता है।

निष्कर्ष

ठंडा पानी पीना पूरी तरह हानिकारक नहीं है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकता है। सामान्य तापमान का पानी या गुनगुना पानी पीना हमेशा पाचन और सेहत के लिए बेहतर माना जाता है। अगर आपको बार-बार पेट की समस्या होती है तो ठंडे पानी से बचें और डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • क्या ठंडा पानी फैटी फूड को जमाता है?

    ठंडा पानी फैटी या ऑयली फूड को थोड़े समय के लिए गाढ़ा कर सकता है, जिससे उसका पाचन कठिन हो सकता है। इसी वजह से खाना खाने के दौरान या तुरंत बाद ठंडा पानी पीने की सलाह नहीं दी जाती।
  • क्या एक्सरसाइज के बाद ठंडा पानी पीना सही है?

    एक्ससाइज के बाद हल्का ठंडा पानी शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देता है, लेकिन बहुत ज्यादा बर्फ वाला पानी शरीर पर असर डाल सकता है। ऐसे समय पर सामान्य या हल्का ठंडा पानी पीना बेहतर होता है।
  • पाचन के लिए किस तरह का पानी सबसे अच्छा है?

    सामान्य तापमान का पानी या गुनगुना पानी पाचन के लिए सबसे फायदेमंद है। यह न केवल भोजन को अच्छी तरह पचाता है बल्कि टॉक्सिन को बाहर निकालने में भी मदद करता है।

Read Next

→ ठंड में रोजाना खाते हैं मूंगफली, तो पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Dec 24, 2025 12:57 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Dec 24, 2025 12:57 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Dec 24, 2025 12:57 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Dec 24, 2025 12:57 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain