पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अक्सर पेट में दर्द, ऐंठन और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं होती हैं। पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं से राहत पाने के लिए महिलाओं को अपनी डाइट में हेल्दी बदलाव करने की सलाह दी जाती है। पीरियड्स के दौरान भी अक्सर महिलाएं न सिर्फ अपने खाने पर ध्यान देती हैं, बल्कि पानी का भी ध्यान रखती हैं। कई महिलाओं का कहना है कि पीरियड्स के दौरान ठंडा पानी पीने से उनके क्रैम्प्स काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं। इंटरनेट पर पीरियड्स में ठंडा पानी न पीने या इसे पीने से पेट में दर्द या ऐंठन होने से जुड़ी इतनी बातें मौजूद हैं कि लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि किस बात पर विश्वास करें और किस पर नहीं। इसलिए, आइए इस लेख में Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानते हैं कि क्या सच में पीरियड्स में ठंडा पानी पीना क्रैम्प्स को बढ़ा सकता है या नहीं?
क्या ठंडा पानी पीने से पीरियड्स का दर्द बढ़ता है?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान गर्भाशय की मांसपेशियों में होने वाले संकुचन के कारण पेट में दर्द और ऐंठन होता है। यह समस्या प्रोस्टाग्लैंडिन्स (Prostaglandins) नाम के केमिकल के ट्रिगर के कारण होती है। बहुत ज्यादा ठंडा पानी या बर्फ वाली चीजें खाने-पीने से कभी-कभी हमारे पेट और आसपास के अंगों के खून की धमनियां थोड़ी संकुचित हो सकती हैं।
इस बारे में आगे जानकारी देते हुए Dr.(Prof.) Anju Suryapani बताती हैं कि कुछ महिलाओं में यह हल्का सा खिंचाव पेट में दर्द और ऐंठन का अहसास थोड़ा बढ़ा सकता है, लेकिन यह सिर्फ एक महसूस होने वाला खिंचाव है। पीरियड्स के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण पाचन तंत्र पहले से ही थोड़ा सेंसिटिव या धीमा होता है, जिससे ब्लोटिंग और गैस की समस्या होती है। पीरियड में ज्यादा ठंडा पानी पीने से पाचन क्रिया थोड़ी और प्रभावित हो सकती है, जिससे पेट फूला हुआ महसूस हो सकता है।
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साल 2023 में International Journal Of Environmental Research And Public Health में प्रकाशित स्टडी में बताया गया है कि सर्दियों में ठंडा पानी या आइसक्रीम जैसी ठंडी चीजों का सेवन करने से डिसमेनोरिया यानी पीरियड्स में होने वाला दर्द तेज हो सकता है। इसलिए, अगर ठंडी चीजों के सेवन के बाद पीरियड क्रैम्प्स बढ़ता है तो इनसे परहेज करना चाहिए।
गुनगुना या सामान्य पानी पीना क्यों होता है फायदेमंद?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani के अनुसार, पीरियड्स के दौरान गुनगुना या नॉर्मल पानी पीना महिलाओं के लिए सही माना जाता है। पीरियड्स के दौरान जिस तरह गर्म पानी की थैली से सिकाई करने पर आराम मिलता है, वैसे ही नॉर्मल पानी पीने से गर्भाशय की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है। गुनगुना पानी पीने से शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर रखने में मदद मिलती है, जो पेल्विक एरिया में ऑक्सीजन की सप्लाई को बेहतर रखने में प्रभावी होता है। इससे पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन और दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इतना ही नहीं, पीरियड्स में गुनगुना पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं और इस समय होने वाली ब्लोटिंग, गैस और कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है।

पीरियड्स के दौरान हाइड्रेशन का ध्यान रखना क्यों है जरूरी?
Dr.(Prof.) Anju Suryapani कहती हैं कि बेहतर स्वास्थ्य और हार्मोन्स को संतुलित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। इतना ही नहीं, सही मात्रा में पानी पीने से पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याओं को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग के कारण महिलाओं के शरीर से ब्लड लॉस होता है और हार्मोनल बदलाव के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। डिहाइड्रेशन के कारण सिरदर्द, थकान और चिड़चिड़ेपन की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए, दिनभर में कम से कम 8 से 9 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
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साल 2021 में BMC Women's Health में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है। रोजाना 1600 से 2000 मिलीलीटर यानी लगभग 8 से 10 गिलास पानी पीने से पीरियड्स के गंभीर दर्द में काफी राहत मिलती है।
निष्कर्ष
Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि पीरियड्स के दौरान हल्का ठंडा पानी पीने से आपकी सेहत पर कोई खास असर नहीं डालता है, लेकिन अगर आप ज्यादा ठंडा पानी पीते हैं या ठंडी चीजें खाती हैं तो इससे पेट में ऐंठन और दर्द की समस्या बढ़ सकती है। पीरियड्स के दौरान नॉर्मल या गुनगुना पानी पीने को लेकर कहें तो आप अपनी सुविधा के अनुसार कोई भी पानी पी सकते हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और शरीर को हाइड्रेटेड रखना पीरियड्स के कारण होने वाले दर्द, ऐंठन और ब्लोटिंग से बचाव के लिए बहुत जरूरी है।
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FAQ
पीरियड खुलकर आने के लिए क्या खाएं?
पीरियड खुलकर न आने पर शरीर में हार्मोनल असंतुलन या पोषण की कमी हो सकती है। ऐसे में आप पपीता, अनानास, अदरक की चाय, हल्दी की चाय आदि चीजों का सेवन कर सकते हैं।पीरियड क्रैम्प्स का मुख्य कारण क्या है?
पीरियड क्रैम्प्स होने का मुख्य कारण प्रोस्टाग्लैंडीन नाम के नेचुरल केमिकल का डिस्चार्ज है। ये केमिकल गर्भाशय की मांसपेशियों को सिकोड़ते हैं ताकि हर महीने गर्भाशय की परत बाहर निकल सके। इस सिकुड़न के कारण मांसपेशियों में ब्लड फ्लो अस्थायी रूप से धीमा हो जाता है, जिससे दर्द और ऐंठन की समस्या होती है।
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Jul 19, 2026 16:27 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Anju Suryapani