बांझपन के साथ आयोडिन की कमी से शरीर को होते हैं ये 5 गंभीर खतरे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 23, 2018
Quick Bites

  • आयोडिन की कमी और इसके ज्यादा सेवन, दोनों से खतरे होते हैं।
  • आयोडिन हमारे शरीर में थायरॉइड हार्मोन के बनने के लिए जरूरी होती है।
  • आयोडिन की केवल कुछ माइक्रोग्राम की कमी से स्त्री में बांझपन भी हो सकता है।

आयोडिन एक ऐसा तत्व है जिसकी जरूरत इंसान को बहुत कम मात्रा में होती है मगर इसकी कमी से परेशानियां बहुत गंभीर हो सकती हैं। एक व्यक्ति को अपने पूरे जीवनकाल में एक छोटे से चम्मच से भी कम आयोडिन की जरूरत पड़ती है। आयोडिन शरीर और दिमाग के शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इसलिए इसकी जरूरत तभी से होती है जब बच्चा मां के गर्भ में होता है। सामान्यतः लोगों को यही पता होता है कि आयोडिन की कमी से घेंघा रोग हो जाता है। लेकिन घेंघा के अलावा भी कई ऐसे रोग हैं जो आयोडिन की कमी से हो सकते हैं। आइये आपको बताते हैं कि आयोडिन की कमी से या इसके ज्यादा सेवन से आपके शरीर को कौन-कौन से गंभीर खतरे होते हैं।

थायरॉइड

आयोडिन की एक निश्चित मात्रा हमारे शरीर में थायरॉइड हार्मोन के बनने के लिए जरूरी होती है। थायरॉइड हार्मोन हमारे शरीर में मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करता है और कई महत्वपूर्ण काम करता है। हालांकि थायरॉइड की समस्या का कारण अकेला आयोडिन नहीं है फिर भी इसकी कमी से थायरॉइड ग्लैंड में सूजन आ जाती है और घेंघा रोग हो जाता है। हमारा शरीर आयोडिन नहीं बना सकता इसलिए शरीर में आयोडिन पहुंचाने के लिए आहार के रूप में इसे लेने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। वयस्कों को लगभग 150 माइक्रोग्राम आयोडिन प्रतिदिन चाहिए होता है। गर्भवती को आयोडिन की जरूरत ज्यादा होती है क्योंकि शिशु के समुचित विकास में भी आयोडिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए गर्भवती स्त्री को एक दिन में लगभग 200 माइक्रोग्राम आयोडिन की जरूरत पड़ती है।

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दिल की बीमारियां

आयोडिन की कमी से हाइपोथायरॉइडिज्म हो जाता है जिसका दुष्प्रभाव आपके पूरे शरीर में देखने को मिलता है। इसके कारण आपको गंभीर दिल की बीमारियां जैसे दिल का साइज बढ़ जाना या हार्ट फेल्योर आदि हो सकता है। इसलिए दिल की बीमारियों से दूर रहने के लिए भी आपको आयोडिनयुक्त आहार का सेवन करना चाहिए।

दिमागी बीमारियां

आयोडिन की कमी से हमारे शरीर ही नहीं दिमाग पर भी असर पड़ता है। दिमाग पर प्रभाव सबसे ज्यादा बच्चों पर देखा गया है। आयोडिन की कमी से बच्चों में कई दिमागी अक्षमताएं हो सकती हैं जैसे बच्चे का आई. क्यू लेवल कम हो सकता है, बच्चा दिमागी रूप से कमजोर हो सकता है, बच्चे की स्मरणशक्ति कमजोर हो सकती है। वयस्कों में इस रोग के कारण डिप्रेशन और याददाश्त की कमी जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

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बांझनप

आयोडिन हमारे शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आयोडिन की केवल कुछ माइक्रोग्राम की कमी से स्त्री में बांझपन भी हो सकता है। शोध में पाया गया है कि आयोडिन की बिल्कुल थोड़ी मात्रा में कमी से भी गर्भवती होने की संभावना लगभग 46% तक कम हो जाती है। इसलिए जब स्त्रियां गर्भवती होने की तैयारी करें तो उन्हें आयोडिनयुक्त आहार का सेवन शुरू कर देना चाहिए।

किडनी रोग

हमने पहले ही बताया है कि आयोडिन एक ऐसा तत्व है जिसकी जरूरत शरीर को बहुत कम मात्रा में होती है। आयोडिन की कमी से तो आपका शरीर और दिमाग प्रभावति होता ही है मगर इसकी ज्यादा मात्रा भी आपके लिए हानिकारक है। जरूरत से ज्यादा आयोडिन के सेवन से आपकी किडनी खराब हो सकती है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये मात्रा बहुत ज्यादा है। अगर आप रोज 2,000 माइक्रोग्राम से ज्यादा आयोडिन का सेवन करते हैं तो ये आपके लिए घातक है। दरअसल शरीर को जिन तत्वों की जरूरत नहीं होती है या जो तत्व जहरीले होते हैं उन्हें हमारी किडनी फिल्टर करके मूत्र के रास्ते से बाहर निकाल देती है। हम जितने भी आयोडिन का सेवन करते हैं उसका 90% किडनी मूत्र मार्ग से बाहर निकाल देती है। ऐसे में अगर आप 2,000 माइक्रोग्राम से ज्यादा आयोडिन का सेवन कर लेते हैं तो किडनी इतनी मात्रा में आयोडिन की फिल्टर नहीं कर पाती है और ये किडनी में जमने लगता है, जिसकी वजह से किडनी फेल हो सकती है।

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