प्यार और लगाव में समझें अंतर, वरना बिगड़ सकता है आपका रिश्ता

कई बार लोग लगाव को प्यार समझ लेते हैं। यह गलती आपके रिश्ते को खराब कर सकती है। आइए जानते हैं प्यार और लगाव में क्या है अंतर

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jun 23, 2022Updated at: Jun 23, 2022
प्यार और लगाव में समझें अंतर, वरना बिगड़ सकता है आपका रिश्ता

Love and Attachment Difference: क्या आप अपने पार्टनर से प्यार करते हैं या यह सिर्फ एक तरह का लगाव (attachment) है? प्यार को समझना बहुत ही कठिन होता है। सच्चे प्यार और लगाव के बीच बहुत अंतर होता है, लेकिन फिर भी कई लोग इसके बीच के अंतर को समझ नहीं पाते हैं। कई लोग लगाव को सच्चा प्यार समझने की गलती कर बैठते हैं। अगर आप भी प्यार और लगाव के बीच कंफ्यूज हैं, तो यह लेख आपके इस कंफ्यूजन को दूर करने में मदद कर सकता है। 

प्यार और लगाव के बीच अंतर ( Difference Between Love and Attachment)

प्यार और लगाव के बीच काफी अंतर होता है, लेकिन इसे समझना उतना ही मुश्किल। आइए जानते हैं प्यार और लगाव के बीच क्या अंतर है?

इसे भी पढ़ें - नाराज पत्नी को मनाने के बहुत काम आएंगे ये तरीके, बढ़ेगा एक-दूसरे के बीच प्यार

प्यार निस्वार्थ होता है, लगाव में स्वार्थ छिपा होता है 

जब आप प्यार में होते हैं, तो आपका ध्यान पार्टनर को खुश करने पर केंद्रित रहता है। आपको पार्टनर की खुशी में पूर्णता महसूस होती है। प्यार में आप कभी भी आंकते नहीं हैं कि कौन किसकी कितनी केयर या मदद करता है। प्यार में आप अपने साथी को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल नहीं करते हैं, उन्हें कभी भी भटकाने की कोशिश नहीं करते हैं। प्यार में व्यक्ति कभी भी एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश नहीं करता है। 

वहीं, लगाव में आप उन चीजों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे आपको खुशी मिल सके। हमेशा यह देखते रहते हैं कि पार्टनर आपको कितना खुश रख रहा है। लगाव में त्याग की भावना नहीं होती है। 

प्यार में आजादी होती है, लगाव में बंधन 

जब आप किसी से प्यार करते हैं, तो आप उसे बंधन मुक्त करते हैं या अगर आपसे कोई प्यार करता है, तो आप आजाद महसूस करते हैं। सामान्य शब्दों में कहें तो प्यार में बंधन नहीं होता है, यह आपको बंधनों से मुक्त करता है। प्यार में आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। आपका साथी हर कदम पर आपका साथ देता है। 

वहीं, लगाव में आपका पार्टनर आपके व्यवहार से लेकर काम करने की इच्छा तक को नियंत्रित करता है। इसमें पार्टनर आपको खुद के बंधनों के साथ-साथ समाज के बंधनों को भी गिनवाने लगता है। 

प्यार में आपसी विकास है, लगाव में जलन

अगर आपका साथी आपसे प्यार करता है या आप अपने साथी से प्यार करते हैं, तो आपके सक्सेस पर वह खुश होता है। वहीं, लगाव में साथी को जलन की भावना हो सकती है। वह खुद को आपसे कंपेयर करता है। लेकिन प्यार में तुलना नहीं होती है। 

प्यार में अहंकार नहीं होता है, लगाव बढ़ाता है अहंकार  

जब आप प्यार में होते हैं, तो आप आत्मकेंद्रित (self-centered) कम हो जाते हैं। आपके प्यार का रिश्ता आपके अहंकार (Ego) को कम करने का काम करता है। साथ ही आपके विकास को बढ़ावा देता है। प्यार में आप स्वार्थी नहीं होते हैं, बल्कि अपने प्यार को प्रोत्साहित करते हैं। वहीं, लगाव पर निर्भर रिश्ते आमतौर पर अहंकार पर हावी होते हैं। यही कारण है कि कई लोग अपने रिश्तों से खुश नहीं होते हैं। 

इसे भी पढ़ें - जिसे चाहते हैं उसे अपनी फीलिंग कैसे बताएं? जानें दिल की बात कहने के 6 तरीके

प्यार और लगाव के बीच काफी फर्क होता है। इसे समझना काफी कठिन है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि प्यार में कभी भी अपने आत्म सम्मान को चोट न पहुंचाएं। अगर आपको अपने रिश्ते में किसी भी तरह की परेशानी महसूस हो रही है, तो इसे सुधारने की कोशिश करें। अगर रिश्ते में सुधार करना मुश्किल हो रहा है, तो इससे निकलना ही बेहतर ऑप्शन है। 

 
Disclaimer