डायरिया, लूज मोशन (दस्त) और पेचिश कैसे हैं एक दूसरे से अलग? डॉक्टर से जानें अंतर और इन्हें ठीक करने के उपाय

डायरिया, लूज मोशन (दस्त) और पेचिश की समस्या पाचन तंत्र से जुड़ी है, जानें इनके बीच का अंतर और इसे ठीक करने के उपाय।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Sep 23, 2021
डायरिया, लूज मोशन (दस्त) और पेचिश कैसे हैं एक दूसरे से अलग? डॉक्टर से जानें अंतर और इन्हें ठीक करने के उपाय

इंसान के शरीर में अनुचित खानपान और कई अन्य कारकों की वजह से तमाम प्रकार की समस्याएं और बीमारियां होती हैं। समय रहते इन बीमारियों का इलाज होने से इन्हें दूर भी किया जाता है। कुछ बीमारियां ऐसी भी होती हैं जो लाईलाज हो सकती हैं लेकिन इनके शरुआती लक्षणों को समझने के बाद आप बचाव के कदम उठा सकते हैं। किसी भी बीमारी के लक्षणों को गंभीर होने से पहले अगर समझ लिया जाए तो इंसान बचाव के उपायों को अपनाकर गंभीर समस्या से बच सकता है। तमाम ऐसी बीमारियां भी हैं जिनके लक्षण लगभग मिलते जुलते हैं असे में मरीज अक्सर बीमारियों को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं। पेट से जुड़ी कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिनके लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं। डायरिया, लूज मोशन (दस्त) और पेचिश की समस्या में मरीज में जो लक्षण दिखाई देते हैं वह लगभग एक जैसे ही होते हैं जिसकी वजह से मरीज अक्सर कंफ्यूज रहते हैं। आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको इन बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं। गोंडा स्थित मालवीय हॉस्पिटल के फिजिशियन डॉ वी पी सिंह से जानते हैं इन बीमारियों में अंतर और इन्हें ठीक करने के उपाय के बारे में।

डायरिया, लूज मोशन (दस्त) और पेचिश में अंतर (Difference Between Loose Motion Diarrhea And Dysentery)

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डायरिया, लूज मोशन (दस्त) और पेचिश की समस्या को लेकर मरीज अक्सर कंफ्यूज रहते हैं। इन समस्याओं में दिखने वाले लक्षण की वजह से मरीज को यह समझ नही आता कि उन्हें कौन सी समस्या है। खानपान और पेट में संक्रमण आदि की वजह से यह समस्याएं अक्सर लोगों में होती हैं। तो आइये आज जानते हैं इन समस्याओं के बीच अंतर के बारे में।

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1. डायरिया (Diarrhea)

डायरिया पाचन तंत्र से जुड़ा एक रोग है जिसमें मरीज को मलत्याग की समस्या बार-बार होती है। इस बीमारी में मरीज को बार-बार दस्त आती है। डायरिया, संक्रमित खाद्य पदार्थों के सेवन और पेट में संक्रमण के कारण होता है। इस समस्या में मरीज को उल्टी भी हो सकती है। डायरिया के कारण के आधार पर इसकी समस्या मरीज को कई दिनों तक हो सकती है। डायरिया होने पर मरीज के पेट में कुछ जाते ही उसे उल्टी और पॉटी की समस्या होती है। डायरिया की वजह से मरीज को डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। डायरिया में मरीज को बार-बार ढीली या पानी जैसी पॉटी दिन में तीन बार से ज्यादा हो सकती है। इस समस्या में मल में खून नहीं आता है।

डायरिया के लक्षण (Diarrhea Symptoms)

  • पेट में दर्द
  • ऐंठन
  • सूजन
  • निर्जलीकरण
  • बुखार
  • दस्त
  • उल्टी
  • सुस्ती, अधिक नींद आना
  • धंसी हुई आंखें
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डायरिया का इलाज (Diarrhoea Treatment)

डायरिया की समस्या गंभीर होने पर चिकित्सक फास्टिंग ब्लड टेस्ट का सहारा लेते हैं। डायरिया की समस्या में लक्षण और कारण के आधार पर मरीज का इलाज किया जाता है। डायरिया को ठीक करने के लिए मरीज के शरीर में फ्लूइड रिप्लेसमेंट किया जाता है। इस समस्या में मरीज को बार-बार पॉटी लगने से उसके शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। जिन मरीजों में यह समस्या गंभीर होती है उन्हें इंट्रावेनस इंजेक्शन के द्वारा लिक्विड पदार्थ दिए जाते हैं। इस समस्या में मरीज को खानपान से जुड़ी सावधानियां बरतनी चाहिए। डायरिया होने पर आपको अपने शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इसके लिए आप खुद को हाइड्रेटेड रखें और ओआरएस का सेवन करें। इसके अलावा फाइबर युक्त आहार का सेवन करें।

2. पेचिश (Dysentery)

डायरिया की तरह पेचिश भी पाचन तंत्र से जुड़ा एक गंभीर रोग है जिसमें मरीज को बार-बार वॉटरी पॉटी होती है। पेचिश की समस्या में मरीज के मल के साथ म्यूकस या खून भी आता है। लूज मोशन और डायरिया की समस्या में सिर्फ बार-बार वॉटरी पॉटी की समस्या होती है जबकि पेचिश में पॉटी में खून जरूर आता है। यह समस्या कुछ बैक्टीरिया, आमतौर पर शिगेला आदि के कारण होती है। पेचिश की समस्या कई तरह की होती है। इसे दो तरह से देखा जाता है। जो पेचिश हाल ही में शुरू हुई हो उसे नई पेचिश कहते हैं और जन लोगों को लंबे समय से यह समस्या होती है उसे पुरानी पेचिश कहते हैं। पेचिश की समस्या में मरीज को मलत्याग करते हुए पेट में तेज दर्द का सामना भी करना पड़ता है। 

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पेचिश के लक्षण (Dysentery Symptoms)

  • पेट में ऐंठन के साथ दस्त
  • बुखार
  • मतली और उल्टी।
  • दस्त में खून या म्यूकस आना।
  • ढीला, पानी जैसा मल
  • पेटदर्द
  • मांसपेशियों में ऐंठन

पेचिश का इलाज (Dysentery Treatment)

पेचिश की समस्या मरीज को बैक्टीरिया या पैरासाइटिस के संक्रमण के कारण होती है। अमीबा के कारण संक्रमण होने पर मरीज को गंभीर खूनी दस्त का सामना करना पड़ता है। पेचिश की समस्या में डॉक्टर बुखार और दर्द को कम करने के लिए दवाएं देते हैं और पेट को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक और अमीबीसाइडल दवाएं दी जाती हैं। इन दवाओं के साथ-साथ मरीज को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और संक्रमण से बचने की सलाह दी जाती है। पेचिश की समस्या में मरीज को शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना चाहिए।

3. लूज मोशन (Loose Motion)

लूज मोशन जिसे सामान्य भाषा में दस्त भी कहते हैं एक पाचन तंत्र से जुड़ी सामान्य समस्या है। इस समस्या में मरीज को तेज पेट दर्द और वॉटरी पॉटी होती है। पेट में संक्रमण के कारण लोगों को दस्त की समस्या होती है। लूज मोशन या दस्त में मरीज को थकान और कमजोरी हो जाती है जिसकी वजह से चक्कर आने की समस्या भी हो सकती है। लूज मोशन के कारण शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी हो सकता है।

लूज मोशन के लक्षण (Loose Motion Symptoms)

  • पेट में दर्द
  • सूजन
  • खूब प्यास लगना
  • बुखार
  • वजन कम होना
  • पेट में ऐंठन
  • उल्टी
  • दस्त
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लूज मोशन या दस्त का इलाज (Loose Motion Treatment)

लूज मोशन की समस्या में पतला और पानी जैसा मल बार-बार आने की वजह से मरीज के शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है जिसकी वजह से उसे डिहाइड्रेशन होता है। इस समस्या में चिकित्सक शरीर में पानी की कमी दूर करने के लिए दवाएं और ओआरएस घोल पीने की सलाह देते हैं। इसके अलावा दस्त को रोकने वाली कुछ दवाओं का सेवन भी किया जाता है। दस्त या लूज मोशन की समस्या गंभीर होने पर एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। इस दौरान शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और फाइबर से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। 

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हमें उम्मीद है कि आपको दस्त, पेचिश और डायरिया से जुड़ा यह लेख आपको पसंद आया होगा। दस्त, पेचिश और डायरिया की समस्या में कारण और लक्षण तो लगभग समान होते हैं लेकिन ये समस्याएं एक दूसरे से अलग होती हैं। इनके लक्षण दिखने पर ऊपर बताये गए बचाव के टिप्स का पालन करें और समस्या गंभीर होने पर किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लें।

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