Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

दाल और साग का कॉम्बिनेशन सेहत के लिए कितना सही? आप भी खाते हैं पालक और बथुआ वाली दाल तो जान लें

Dal and Saag Combination: दाल और साग, दोनों को मिलाकर लोग सर्दियों में अलग-अलग रेसिपी बनाकर खाते हैं लेकिन क्या ये सेहत के लिए फायदेमंद है? जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय। 

Dal and Saag Combination: सर्दियां यानी साग का मौसम। इस मौसम में लोग तरह-तरह की चीजों को बनाते और खाते हैं। ऐसे में एक रेसिपी है दाल साग जिसे दाल और पालक या बथुआ के साग को मिलाकर बनाया जाता है। ये काफी टेस्टी होता है और प्रोटीन से भरपूर होता है जो कि शरीर की एनर्जी बूस्ट करता है लेकिन सवाल ये है कि क्या ये दोनों कॉम्बिनेशन सेहत के लिए फायदेमंद हैं? क्या इनके न्यूट्रिएंट्स और विटामिन का तालमेल सही है और इस तरह से साग को दाल के साथ बनाना किस हद तक सही है? जानते हैं इस बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangalore से।

दाल और साग का कॉम्बिनेशन सेहत के लिए कितना सही-How healthy is Dal and Saag Combination?

Nutrionist Edwina बताती हैं कि दाल और साग का संयोजन बहुत पौष्टिक होता है और पोषण विशेषज्ञ अक्सर इसकी सलाह देते हैं। दाल में उच्च गुणवत्ता वाला वनस्पति प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों की मरम्मत में मदद करता है और शरीर को मजबूत रखता है। पालक और बथुआ जैसे साग आयरन, कैल्शियम, फाइबर और विटामिन से भरपूर होते हैं। जब पालक और बथुआ की पत्तियों को दाल के साथ पकाया जाता है, तो शरीर पोषक तत्वों को बेहतर ढंग से अवशोषित करता है।

1. पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद

Nutrionist Edwina बताती हैं कि दाल और साग का कॉम्बिनेशन, पाचन क्रिया को सुचारू रखता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। इसके अलावा डाइजेशन के लिए दाग साग के फायदे कई हैं जैसे

  • दाल और साग घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही फाइबर से भरपूर होता है और मल त्याग को नियमित करने में मदद करता है और कब्ज से राहत दिला सकता है।
  • दालों में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और फाइबर गुड बैक्टीरिया द्वारा फर्मेंटेट हो जाते हैं जिससे पेट के संतुलित माइक्रोबायोम को बढ़ावा मिलता है।
  • अगर आप दाल को भिगोकर और साग के साथ पकाकर बनाते हैं तो शरीर इसे अधिक प्रभावी ढंग से अवशोषित कर लेता है जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है।

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2. हीमोग्लोबिन बेहतर होता है

पत्तेदार सब्जियों से मिलने वाला आयरन हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है, जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए ये फायदेमंद है। जैसे कि

  • दाल और पालक जैसे साग को लोहे की कड़ाही में पकाने का फायदा ये है कि ये इस डिश में आयरन की मात्रा को बढ़ाता है जिससे हीमोग्लोबिन बेहतर होता है और शरीर में खून की कमी नहीं होती।
  • महिलाओं में ये एनीमिया के लक्षणों को कम करने में मददगार है जिससे कमजोरी दूर होती है और बालों का झड़ना कम हो जाता है।

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3. ब्लड शुगर मैनेज करने में मददगार

दाल शरीर को एनर्जी देती है और ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित करने में मदद करती है। दाल को साग के साथ पकाने से भोजन हल्का लेकिन पौष्टिक बनता है। विशेषज्ञ इसे स्वस्थ रखने के लिए कम तेल और हल्के मसालों का उपयोग करने की सलाह देते हैं। इस प्रकार से ये डिश डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है।

कुल मिलाकर, पालक और बथुआ के साथ पकी हुई दाल एक संतुलित भोजन है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता, हृदय स्वास्थ्य और दैनिक पोषण को बढ़ावा देता है। विशेष रूप से पीली मूंग दाल और लाल मसूर दाल, आसानी से पचने वाली मानी जाती हैं और अक्सर संवेदनशील पेट वाले लोगों या बीमारी के दौरान इनकी सलाह दी जाती है।

FAQ

  • पेट के लिए सबसे अच्छी दाल कौन सी है?

    पेट के लिए मूंग की दाल सबसे अच्छी मानी जाती है क्योंकि ये सुपाच्य है जो कि आसानी से पचकर शरीर को एनर्जी देने में मददगार है। इसके अलावा इस दाल को साग के साथ खाने से इम्यूनिटी बढ़ाने और बीमारियों से बचाव में भी मदद मिलती है।
  • कौन सा साग खाने से खून बनता है?

    शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने के लिए आपको लाल साग खाना चाहिए। इससे हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा आप पालक, सरसों, मेथी और बथुआ आदि का भी सेवन कर सकते हैं।
  • दाल सगा कैसे बनता है?

    दाल साग बनाने के लिए आपको करना ये है कि दाल को भिगोकर रख दें और साग काटकर रख लें। दोनों को एक साथ लोहे की तड़ाही में बनाएं और ऊपर से घी, जीरा और लाल मिर्च का छौंक लगा लें।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 14, 2026 17:49 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jan 14, 2026 17:49 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Edwina Raj

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