डायबिटीज-हाइपरटेंशन की दवाओं का साथ कैंसर को करता है खत्मः स्टडी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 29, 2016

डायबिटीज की सामान्य दवा और हाईपरटेंशन के इलाज की दवाओं का साथ कैंसर की कोशिकाओं से लड़ने और उन्हें सूइसाइड की तरफ ले जाने में प्रभावी साबित होता है, एक नई स्टडी में ये दावा किया गया है।

मेटफॉरमिन डायबिटीज 2 के इलाज के लिए डॉक्टरों द्वारा सबसे ज्यादा दी जाने वाली दवा है। इस दवा में मौजूद ब्लड शुगर को घटाने के प्रभाव के साथ ही इसने एंटी-कैंसर गुणों को भी प्रदर्शित किया। हमेशा दी जाने वाली चिकित्सीय खुराक कैंसर से प्रभावी ढंग से लड़ने में काफी कम है।   

 

cancer

स्विट्जरलैंड स्थित बेसल यूनिवर्सिटी में माइकल हॉल के नेतृत्व में रिसर्चर्स की टीम ने पाया कि एंटीहाइपरटेंसिव ड्रग सिरिंगोपाइन, मेटफॉरमिन की एंटी-कैंसर गुणों को बढ़ा देती है।

इन दवाओं की जुगलबंदी कैंसर कोशिकाओं को सूइसाइड यानी कि खुद को नष्ट करने की तरफ ले जाती हैं। एंटीडायबिटिक दवाओं का ज्यादा डोज न सिर्फ कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोकता है बल्कि अनचाहे साइड इफेक्ट्स को भी कम करता है। रिसर्चर्स ने सैकड़ों अन्य दवाओं का निरीक्षण किया कि क्या वे मेटफॉरमिन की एंटी-कैंसर क्षमता को बढ़ा सकती हैं। लेकिन सिरिंगोपाइन और मेटफॉरमिन का साथ कैंसर पर ज्यादा प्रभावशाली रहे।

बासेल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर डॉन बेंजामिन ने कहा, 'उदाहरण के तौर पर एक ल्यूकेमिया के मरीज के सैंम्पल्स से हमने दिखाया कि लगभग सभी ट्यूमर कोशिकाएं इन दवाओं के कॉकटेल से खत्म हो गईं और ये इन दवाओं के डोज सामान्य कोशिकाओं के लिए जहरीली नहीं थीं।' बेंजामिन ने कहा, 'और प्रभाव खासतौर पर कैंसर कोशिकाओं के लिए देखा गया, क्योंकि स्वस्थ डोनर्स की रक्त कोशिकाएं उपचार के लिए असंवेदनशील थीं।'


मैलिगनेंट लीवर कैंसर से पीड़ित चूहों में उनके लीवर लंबाई थेरेपी के बाद कम हो गई थी। साथ ही ट्यूमर की गांठें कम हो गईं और कई जानवरों में ट्यूमर पूरी तरह गायब हो गया। ट्यूमर कोशिकाओं में होने वाली मॉलिक्यूलर प्रक्रियाएं ट्यूमर कोशिकाओं में दवाओं के संयोजन के प्रभाव को दिखाते हैं: मेटफॉरमिन न सिर्फ ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करता है बल्कि कोशिकाओं की एनर्जी फैक्ट्री माइटोकॉन्ड्रिया की श्वसन श्रृंखला को भी ब्लॉक कर देता है।

एंटीहाइपरटेंसिव ड्रग सिरोसिंगोपाइन शुगर लेवल में गिरावट सहित अन्य चीजों को रोकती है। इस तरह ये दवाएं कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को रोकने का काम करते हैं। तेज विकास और बढ़ी हुई मेटाबॉलिक गतिविधियों के कारण कैंसर कोशिकाओं में ज्यादा ऊर्जा खपत होती है, जोकि एनर्जी सप्लाई बंद होने पर उन्हें पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर ला खड़ा करती हैं।

बेंजामिन ने कहा, 'हम या दिखाने में सक्षम हैं कि किसी एक दवा की तुलना में दो ज्ञान दवाओं का कैंसर की कोशिकाओं के विकास पर ज्यादा प्रभावी असर होता है।' उन्होंने कहा, 'इस स्टडी का डेटा कैंसर मरीजों के उपचार के लिए दवाओं के संयोजन के विकास को सपोर्ट करता है।'

यह स्टडी जर्नल साइंस अडवांसेज में प्रकाशित की गई है।

Image Source: The Fact File&Medical News Today

News Source: IANS

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