Cbse Result 2020 : बच्चे पर न होने दें रिजल्ट का प्रेशर, कम नंबर आने पर इन तरीकों से उनके तनाव को करें कम

रिजल्ट का प्रेशर बच्चे पर कम करने के लिए उन्हें बताएं कि जीवन में अब भी बहुत से विकल्प खुले हुए हैं, आपको बस आगे बढ़ने की जरूरत है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Jul 16, 2020 09:39 IST
Cbse Result 2020 : बच्चे पर न होने दें रिजल्ट का प्रेशर, कम नंबर आने पर इन तरीकों से उनके तनाव को करें कम

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने क्लास 10 के घोषित कर दिए हैं। यह छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए तनावपूर्ण समय हो सकता है। रिजल्ट्स के बाद कई बच्चे ऐसे हैं, जो महसूस कर रहे हैं कि उन्होंने वह ग्रेड हासिल नहीं किया है, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। रिजल्ट्स में विफलता के कारण व तनाव और घबराहट महसूस कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें समझाने की सबसे बड़ी भूमिका माता-पिता की है। बच्चों को समझना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि उनके इस नकारात्मक विचार या भावनाओं का उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि अगर आपके बच्चे परीक्षा परिणाम से निराश महसूस कर रहे हैं, तो माता-पिता अपने बच्चों से कैसे डील करना है इसके बारे में जानें। 

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बच्चे के कम नंबर लाने पर तुरंत रिएक्ट न करें

एक अभिभावक के रूप में, आपको निराशाजनक परिणामों की स्थिति में शांत रहने की आवश्यकता है। वे अपनी उम्मीद से कम नंबर पाने के लिए पहले से ही व्याकुल या उदास महसूस कर रहे होते हैं, ऐसे में आप रिएक्ट न करें। अगर आप उन्हें कम अंक प्राप्त करने के लिए डांटते हैं, तो वे शर्मिंदा महसूस कर सकते हैं और आपसे बचने की कोशिश कर सकते हैं। साथ ही उनकी तुलना अपने दोस्तों या पड़ोसी के बच्चे से न करें। याद रखें कि प्रत्येक बच्चा एक व्यक्ति है और उनकी क्षमता भी भिन्न होती है। अगर एक बच्चा किसी चीज में अच्छा है, तो वह अन्य चीजों में बुरा हो सकता है।

उन्हें नकारात्मक भावनाओं को बढ़ने न दें

तनाव या चिंताओं को दूर करने से चीजें बदतर हो सकती हैं, इसलिए अपने बच्चे को अपनी भावनाओं को अंदर ही अंदर दफनाने न दें। अपने किशोर से बात करने की कोशिश करें और उसे अपने साथ खुलने के लिए सहज महसूस कराएं। उसे बताएं कि वह अगली बार बेहतर कर सकता है और आप उससे परेशान नहीं हैं। वे कई अन्य अवसरों की तलाश कर सकते हैं और आगे बहुत सी चीजें हैं करने को।

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उन्हें आश्वस्त करें कि उनके पास बहुत सारे विकल्प हैं

आपका बच्चा परिणाम से परे चीजों को देखने और समझने में संघर्ष कर सकता है। अपने व्यापक अनुभव का उपयोग करें, और उन्हें आश्वस्त करें कि बहुत सारे विकल्प हैं, जो उन्हें कई रास्ते दिखाते हैं। फिर, उन्हें कई विकल्प दिखाएं और उन्हें एक नए रास्ते में सहायता करें। उसे समझाएं कि परीक्षा अंतिम नहीं है, जीवन वास्तव में चलता रहता है।

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अपने बच्चे को एक उज्जवल भविष्य के सपने दिखाएं 

परीक्षा परिणाम की खबर साझा करते समय सावधान रहें क्योंकि कुछ टिप्पणियां और लोगों की सलाह आपके किशोर के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। केवल उन लोगों के साथ परिणामों पर चर्चा करें जिन्हें आप जानते हैं कि वे सहायक होंगे। फिर उन्हें समझाएं कि उनका भविष्य और उज्जवल हो सकता है और वो आगे बहुत कुछ कर सकते हैं।

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अपने बच्चे को रिजल्ट के बाद थोड़ा समय दें

अपने और अपने बच्चे को परिणामों को पचाने के लिए उचित समय दें, और फिर आप अगले चरणों पर चर्चा कर सकते हैं। आप अपने बच्चे के साथ बैठें, लगातार बात करें, जो उन्हें भविष्य की योजना बनाने में मदद कर सकता है। साथ अगर आपको लगे कि उसका मानसिक स्वास्थ्य खराब हो रहा है तो आप संगठनों या ऐसे लोगों से भी सलाह ले सकते हैं, जो उन्हें इन सबसे निकले का रास्ता दिखआ सकते हैं।

याद रखें कि एग्‍जाम रिजल्‍ट कभी भी लाइफ का फाइनल रिजल्ट नहीं है, ये बस ये बताता है कि आप ये नहीं कर पा रहे हैं, तो कुछ और अपने मन का करें। अपने मन के विषयों को पढ़ें और चीजों को सीखें। लाइफ सीखने का नाम है, रिजल्ट्स देखकर दुखी होने का नाम नहीं।

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