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गर्मियों में बार-बार क्यों होने लगती है उल्टी की समस्या? डॉक्टर से जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Causes of vomiting in summers In Hindi: गर्मियों में उल्टी होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे डायरिया, डिहाइड्रेशन आदि।

Causes of vomiting in summers In Hindi: गर्मियों के दिनों में अक्सर लोगों को पाचन से जुड़ी समस्या हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह गर्मी का मौसम है और कुछ भी खाया-पिया आसानी से हजम नहीं होता है। वहीं, अगर कोई फ्राइड या तली-भुनी चीजें ज्यादा खाता है, तो ऐसे में पेट खराब होने का रिस्क बढ़ जाता है। कुछ मामलों में यह भी देखने में आता है कि लोगों को इस मौसम में उल्टी और जी मचलाने की समस्या ज्यादा हो जाती है। सवाल है, ऐसा क्यों होता है? इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि, यह सच है कि अगर आप उल्टी की समस्या का जल्द से जल्द निदान नहीं करते हैं, तो बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है, शरीर में एनर्जी की कमी हो सकती है और पोषक तत्वों की कमी होने के कारण रिकवरी में देरी हो सकती है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप यह जानें कि आखिर गर्मियों में बार-बार उल्टी आने के क्या कारण हो सकते हैं? स बारे में हमने शारदा अस्पताल में General Medicine के प्रोफेसर डॉ. अनुराग प्रसाद से बात की।

गर्मियों में बार-बार उल्टी आने के कारण- Causes of vomiting in summers In Hindi

Causes of vomiting in summers In Hindi

फूड पॉइजनिंग

गर्मियों में फूड पॉइजनिंग होना सबसे कॉमन समस्याओं में से एक है। दरअसल, गर्मियों के दिनों में हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम तुलनात्मक रूप से धीमे काम करता है। ऐसे में अगर हम ओवर ईटिंग करें या बासी चीजों का सेवन अधिक करें, तो फूड पॉइजनिंग हो सकती है। कुछ लोगों को फूड पॉइजनिंग होने पर सिर्फ उल्टी आती है। जबकि, कुछ लोगों को फूड पॉइजनिंग होने पर उल्टी के साथ-साथ दस्त भी होने लगते हैं।

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गर्मी लगने पर

गर्मियों के दिनों में खुद को हीट वेव से बचाए रखना काफी जरूरी होता है। अगर लू लग जाए, तो उल्टी और दस्त होने का रिस्क बढ़ जाता है। दरअसल, गर्मी लगने के कारण बॉडी थकान से भर जाती है, पेट में असहजता होती है। ऐसे में उल्टी महसूस होना आम बात है। आपको चाहिए कि इन दिनों कम से कम घर से बाहर निकलें और जब भी निकलें, तो खुद को कवर रखें, छतरी लेकर जाएं और अपने पास पानी की बोतल जरूर रखें।

डिहाइड्रेशन

गर्मियों के मौसम में डिहाइड्रेट होना सबसे आम समस्याओं में से एक है। दरअसल, कई लोग पूरे दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं। जबकि, गर्मी के दिनों में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। ध्यान रखें कि गर्मियों के दिनों में पसीना बहुत ज्यादा आता है। ऐसे में शरीर में पानी बह जाने से पानी की कमी हो सकती है। लेकिन, अक्सर पसीने की वजह से बॉडी टेंप्रेचर कम हो जाता है। नतीजतन, प्यास का अहसास नहीं होता है। जबकि, धीरे-धीरे बॉडी डिहाइड्रेट होने लगती है। ऐसे में उल्टी या उल्टी आने जैसा महसूस हो सकता है।

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GERD के कारण

GERD तब होता है जब लंबे समय से पेट पर बहुत ज्यादा दबाव बनता है। इसका तलब है कि खाना सही हजम नहीं होता है, खट्टी डकारें आ रही होती हैं और खाना एसोफेगस की ओर वापिस लौट रहा होता है। इस तरह की कंडीशन में सीने में जलन, क्रॉनिक इनडाइजेशन, जी मचलना और उल्टी आने की समस्या हो सकती है। गर्मियों के दिनों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है। कई बार जीईआरडी की वजह से ब्लोटिंग की समस्या भी हो जाती है।

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डायरिया

Causes of vomiting in summers In Hindi

आमतौर पर गर्मी के दिनों में पसीना काफी ज्यादा आता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। नतीजतन, बॉडी डिहाइड्रेट होने लगती है। ऐसे में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) ट्रैक्ट में इंबैलेंस होने लगता है, जिससे इम्यूनिटी इफेक्ट होती है। यही कारण है कि गर्मियों में पेट में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, जिससे डायरिया जैसी समस्या हो सकती है। डायिरया के कारण उल्टी की समस्या भी हो सकती है। ध्यान रखें, अगर दोनों समस्याएं एक साथ होने लगे, तो बेहतर है कि आप तुरंत डॉक्ट से संपर्क करें। इस तरह की कंडीशन किसी के लिए सही नहीं है।

गर्मी में उल्टी से बचने के लिए क्या करें- Preventive Tips For Vomiting In Hindi

  • इन दिनों ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
  • फूड एलर्जी से बचने के लिए बासी या फ्राइड चीजों से दूर रहें।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। इससे इम्यूनिटी बूस्ट होती है।
  • आप क्या खा रहे हैं, इस पर अच्छी नजर रखें। अनहेल्दी चीजों को डाइट से बाहर निकालें।

All Image Credit: Freepik

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 07, 2024 13:48 IST

    Published By : Meera Tagore

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