Rheumatoid Arthritis Causes- रूमेटाइड अर्थराइटिस यानी गठिया, एक ऐसी बीमारी है, जो आपके जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न का कारण बनता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें आपकी इम्यूनिटी हेल्दी सेल्स पर ही हमला करके उन्हें डैमेज कर देती है। ऐसे में अगर सुबह उठने के बाद आपको शरीर के किसी अगर में अकड़न, या दर्द महसूसस हो तो ये रूमेटाइड अर्थराइटिस (Symptoms Of Rheumatoid Arthritis) का संकेत हो सकता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस सिर्फ आपके जोड़ों के दर्द तक ही सीमित नहीं है बल्कि अगर समय रहते इसका इलाज न करवाया जाए तो यह आपके जोड़ों और हड्डियों को भी नुकसान पहुंचने के साथ शरीर के अन्य अंगों को भी डैमेज कर सकता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस होने से रोकने के लिए जरूरी है कि आप इसके होने के जोखिम कारकों के बारे में जानें। तो आइए लखनऊ के मेदांता अस्पताल के निदेशक और ऑर्थोपेडिक्स डॉ. सैफ एन शाह से जानते हैं रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या होने के कारण (Rheumatoid Arthritis Hone Ke Karan) और बचाव के तरीके।
रूमेटाइड अर्थराइटिस होने के कारण - Causes Of Rheumatoid Arthritis in Hindi
जेनेटिक
रूमेटाइड अर्थराइटिस जेनेटिक भी हो सकता है। ऐसे में इस समस्या का पारिवारिक इतिहास बीमारी के विकास के खतरे को बढ़ा सकता है। इनमें HLA-DR4 जीन, रूमेटाइड अर्थराइटिस के खतरेको ज्यादा बढ़ाने से जुड़ा है।
इम्यून सिस्टम
इम्यून सिस्टम बैक्टीरिया और संक्रणण से लड़कर हमारे शरीर की रक्षा करते हैं। लेकिन रूमेटाइड अर्थराइटिस, जो एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, इसमें इम्यून सिस्टम गलती से हेल्दी सेल्स पर हमला करते है, जिस कारण । इस कारण जोड़ों के आस पास दर्द, सूजन और लाल दिखाई देता है जिससे जोड़ों को हिलना मुश्किल हो जाता है।
40 से 60 साल की उम्र
रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या आपको किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन यह आमतौर पर 40 और 60 साल की उम्र के बीच शुरू होती है और उम्र बढ़ने के साथ रूमेटाइड अर्थराइटिस होने का खतरा बढ़ने लगता है।
मोटापा
मोटापा भी रूमेटाइड अर्थराइटिस होने के जोखिम को बढ़ा सकता है, क्योंकि ज्यादा वजन जोड़ों पर तनाव डाल सकता है, जिससे रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या को बढ़ावा मिलता है। इतना ही नहीं मोटापा शरीर में सूजन के बढ़े हुए स्तर से भी जुड़ा हुआ है।
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स्मोकिंग
स्मोकिंग रूमेटाइड अर्थराइटिस का एक अहम जोखिम कारक है। यह बीमारी की शुरुआत को ट्रिगर कर सकता है और इसकी गंभीरता को और ज्यादा खराब कर सकता है। स्मोकिंग रूमेटाइड अर्थराइटिस के इलाज को भी प्रभावित करता है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस ठीक करने के उपाय - Ways To Cure Rheumatoid Arthritis in Hindi
- रोजाना एक्सरसाइज करें, हेल्दी डाइट लें और पर्याप्त मात्रा में आराम करें
- फिजिकल थेरेपी लें
- अपने जोड़ों की सुरक्षा करें
- तनाव कंट्रोल करें
- सही इलाज करवाएं
रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या बढ़ने से रोकने के लिए जरूर है कि आप अपने ओवरओल हेल्थ का ध्यान दें, और किसी भी तरह की समस्या होने पर डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।
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