'कार्डियक टैम्पोनेड' है दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

'कार्डियक टैम्पोनेड दिल से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है जिसे डॉक्टर्स मेडिकल इमरजेंसी मानते हैं, एक्सपर्ट से जानें इस बीमारी के कारण, लक्षण और इलाज।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghUpdated at: Aug 23, 2021 15:49 IST
'कार्डियक टैम्पोनेड'  है दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

दिल (हृदय) हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है जो बिना आराम किए लगातार काम करता रहता है। शरीर में ठीक ढंग से ब्लड सर्कुलेशन हो इसके लिए सबसे जरूरी है दिल का स्वस्थ होना। आज के समय में खानपान और गलत जीवनशैली की वजह से हजारों लोगों को दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो रही हैं। दिल से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है कार्डियक टैम्पोनेड (Cardiac Tamponade)। डॉक्टर्स इस समस्या को मेडिकल इमरजेंसी मानते हैं। हालांकि इस बीमारी के बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है और इसकी वजह से भी शरीर में कार्डियक टैम्पोनेड के लक्षण दिखने पर भी लोग इसे अन्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कार्डियक टैम्पोनेड की स्थिति को नजरअंदाज करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। कार्डियक टैम्पोनेड में हमारे दिल की मांसपेशियों के आसपास लिक्विड इकठ्ठा होने लगता है जिसकी वजह से गंभीर समस्या होती है। आइये दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ के के कपूर से जानते हैं कार्डियक टैम्पोनेड के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में।

'कार्डियक टैम्पोनेड' क्या है? (What is Cardiac Tamponade?)

मेडिकल की भाषा में कार्डियक टैम्पोनेड को एक प्रकार का क्लिनिक एंट्रो सिंड्रोम माना जाता है जिसकी वजह से पेरीकार्डियम में के अंदर दिक्कतें बढ़ती हैं। दरअसल कार्डियक टैम्पोनेड की समस्या में हृदय की अंदरूनी मांसपेशी में लिक्विड इकठ्ठा होने लगता है जो दिल की पेरीकार्डियम थैली में दबाव उत्पन्न करता है। पेरीकार्डियम पर अधिक दबाव पड़ने की वजह से हृदय के वेंट्रिकल्स ठीक ढंग से नहीं खुल पाते हैं। जिसकी वजह से दिल ठीक से काम नहीं कर पाता है। कार्डियक टैम्पोनेड की वजह से दिल शरीर के सभी अंगों में ठीक ढंग से खून का संचार नहीं कर पाता है और इस समस्या के कारण शरीर का वह अंग काम करना बंद कर सकता है जहां सही ढंग से खून नहीं पहुंच पाता है। इस बीमारी की वजह से मरीज की मौत भी हो जाती है। यही कारण है कि डॉक्टर्स इसे मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति मानते हैं। कार्डियक टैम्पोनेड के लक्षण दिखने पर व्यक्ति तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

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(Image Source - Freepik.com)

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कार्डियक टैम्पोनेड के लक्षण (What Are The Symptoms of Cardiac Tamponade?)

कार्डियक टैम्पोनेड की समस्या में दिल की मांसपेशियों में अतिरिक्त लिक्विड जमा हो जाता है जिसकी वजह से हार्ट पम्पिंग सिस्टम में रुकावट पैदा होती है। पम्पिंग सिस्टम में रुकावट के कारण मरीज का दिल सही ढंग से शरीर के सभी अंगों तक खून को नहीं पहुंचा पाता है। इस समस्या से ग्रसित अधिकतर मरीज को दिल में दर्द, छाती में भारीपन और घबराहट, कमजोरी या ब्लड प्रेशर में उतार चढ़ाव जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। कार्डियक टैम्पोनेड की समस्या में दिखने वाले प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

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कार्डियक टैम्पोनेड की समस्या के कारण (What Causes Cardiac Tamponade?)

कार्डियक टैम्पोनेड आमतौर पर दिल की अंदरूनी परत के आसपास खाली जगह में लिक्विड के इकठ्ठा होने की वजह से होता है। पेरीकार्डियम थैली पर जैसे ही यह द्रव्य दबाव डालता है आपका दिल कम मात्रा में खून पंप करने लगता है। जिसकी वजह से शरीर के अन्य अंगों में खून का सर्कुलेशन प्रभावित होता है। इस स्थिति के जोखिम और कारण कई होते हैं, आइए जानते हैं कार्डियक टैम्पोनेड की समस्या के कारणों के बारे में।

  • सीने में गंभीर चोट लगने की वजह से।
  • हार्ट अटैक या फेलियर की वजह से।
  • पेरिकार्डिटिस (पेरिकार्डियम की सूजन)
  • अंडरएक्टिव थायराइड या हाइपोथायरायडिज्म।
  • हार्ट इंफेक्टशन के कारण।
  • टीबी की समस्या में।
  • किडनी खराब होने के कारण।
  • कैंसर या हार्ट कैंसर की वजह से।
  • कार्डिएक कैथीटेराइजेशन, एंजियोग्राफी या पेसमेकर लगाने के बाद।
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कार्डियक टैम्पोनेड का इलाज (Cardiac Tamponade Treatment)

कार्डियक टैम्पोनेड को आपातकालीन चिकित्सा स्थिति यानि मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है। इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति में लक्षण दिखाई देने पर उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए। इस समस्या में चिकित्सक दिल में मौजूद अतिरिक्त लिक्विड को निकालने का काम करता है और उसके बाद कार्डियक टैम्पोनेड के कारणों को दूर करने के लिए इलाज करते हैं। इस समस्या के इलाज में पेरीकार्डियोसेंटेसिस की प्रक्रिया अपनाई जाती है जिसमें पेरीकार्डियम थैली में छेद करके लिक्विड को निकाला जाता है। इसके अलावा गंभीर मामलों में चिकित्सक मरीज को सर्जरी की भी सलाह देते हैं। सर्जरी में पेरीकार्डियक्टोमी और थोरैकोटॉमी का इस्तेमाल किया जाता है। पेरीकार्डियक्टोमी में चिकित्सक हृदय पर दबाव को दूर करने के लिए पेरीकार्डियम के हिस्से को सर्जरी के माध्यम से हटाने का काम करते हैं। थोरैकोटॉमी में भी सर्जरी की जाती है जो हृदय के चारों ओर रक्त या रक्त के थक्कों को निकालने के लिए उपयोगी होती है। सर्जरी के बाद मरीज को कुछ दवाओं का सेवन करने की सलाह भी चिकित्सक देते हैं।

कार्डियक टैम्पोनेड की समस्या से बचाव के टिप्स (Cardiac Tamponade Prevention Tips)

सभी लोगों में कार्डियक टैम्पोनेड की समस्या से बचाव संभव नहीं है। कुछ लोगों को यह बीमारी अंतर्निहित कारणों से होती है जिसका एकमात्र उपाय समय पर इलाज ही है। लेकिन अन्य तमाम कारणों से होने वाली इस समस्या से बचाव के लिए आप ये टिप्स अपना सकते हैं।

कार्डियक टैम्पोनेड एक गंभीर चिकित्सा स्थिति है जिसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है। इस बीमारी के कारण मरीज की मौत भी हो सकती है। इसलिए हमेशा इसके लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज के लिए अस्पताल जाना चाहिए। दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मरीजों को समय-समय पर अपने दिल के स्वास्थ्य की जांच जरूर करानी चाहिए। इसके अलावा दिल को स्वस्थ रखने वाले भोजन का सेवन और नियमित व्यायाम से आप अपने दिल (हृदय) को बीमारियों से मुक्त रख सकते हैं।

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