इसलिए रक्‍तदान को कहते हैं महादान

blood donation in hindi : शायद आपने पहले कभी इस बात पर ध्‍यान नहीं दिया होगा कि आपके रक्‍त की कुछ बूंदें किसी को जीवन दे सकती हैं। लेकिन रक्‍तदान से पहले और बाद में आपको कुछ सामान्‍य बातों का ध्‍यान ज़रूर रखना होता है। आइए ऐसी

Pooja Sinha
तन मनWritten by: Pooja SinhaPublished at: Jul 19, 2012
इसलिए रक्‍तदान को कहते हैं महादान

शायद आपने पहले कभी इस बात पर ध्‍यान नहीं दिया होगा कि आपके रक्‍त की कुछ बूंदें किसी को जीवन दे सकती हैं। हर दूसरे सेकण्‍ड में दुनिया भर में कोई न कोई जि़दगी मौत से जूझ रही होती है, ऐसे में आपका रक्‍त किसी को जीवनदान दे सकता है।

blood donation in hindi


ज्‍़यादातर लोग रक्‍तदान इसलिए नहीं करते क्‍योंकि उन्‍होंने रक्‍तदान के विषय में अपने मन में गलत धारणाएं पाल रखी हैं। कुछ लोगों का तो यह भी मानना है कि रक्‍तदान करने से एड्स हो सकता है। रक्‍तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है, इसके लिए कीटाणुमुक्‍त डिस्‍पोज़ेबल सिरिंज का प्रयोग होता है। आप किसी भी रक्‍तदान शिविर में जाकर देख सकते हैं। हां, रक्‍तदान से पहले और बाद में आपको कुछ सामान्‍य बातों का ध्‍यान ज़रूर रखना होता है।


क्‍या आप रक्‍तदान के योग्‍य हैं:

  • रक्‍तदान करने वाले व्‍यक्‍ति की उम्र 17 साल से अधिक होनी चाहिए।
  • रक्‍तदान के लिए वही लोग योग्‍य होते हैं, जिनका वज़न 45 किलो से अधिक होता है।
  • महावारी के दौर से गुज़र रही महिलाएं या बच्‍चे को स्‍तनपान कराने वाली महिलाएं रक्‍तदान नहीं कर सकतीं।
  • अगर आपने रक्‍तदान के 48 घंटे पहले एल्‍कोहल का सेवन किया है तो आप रक्‍तदान नहीं कर सकते।
  • रक्‍तदान करने वाले व्‍यक्‍ति के हीमोग्‍लोबीन का स्‍तर 12 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए।

 

रक्‍तदान के सुझाव:

  • रक्‍तदान से पहले धूम्रपान ना करें।
  • रक्‍तदान से पहले और बाद में पौष्टिक भोजन करें।
  • ध्‍यान रखें रक्‍तदान के लिए डिस्‍पोज़ेबल सिरिंज का ही प्रयोग किया जा रहे हो।

हम या हमारे प्रियजनों में से कोई भी, कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकता है। ऐसे में हो सकता है, आपके रक्‍त की कुछ बूंदों से किसी की जान बच जाये। रक्‍तदान करें और अपने मित्रों और रिश्‍तेदारों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

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