नसों में ब्लॉकेज होने पर दिखते हैं ये 6 लक्षण, जानें क्यों बंद हो जाती हैं नसें

नसों में ब्लॉकेज के कारण आपके सीने में दर्द और थकान का अनुभव हो सकता है। इसके कारण स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। 

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: Jun 07, 2022Updated at: Jun 07, 2022
नसों में ब्लॉकेज होने पर दिखते हैं ये 6 लक्षण, जानें क्यों बंद हो जाती हैं नसें

आपने सुना होगा कि हमारे शरीर में नसों का जाल फैला हुआ है। ये अलग-अलग तरह की नसें आपके शरीर के सभी अंगों तक खून और जरूरी पोषक तत्वों को पहुंचाने का काम करता है। इन नसों में किसी तरह की परेशानी होने पर आपके शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही इससे स्ट्रोक, ब्रेन फंक्शन में परेशानी और अन्य नसों संबंधित परेशानियां हो सकती है। नसों की ब्लॉकेज के कई कारण हो सकते हैं जैसे स्मोकिगं, कोलेस्ट्रोल, फैट या किसी तरह की गंदगी जमा होने के कारण आपको नसों में सूजन औऱ दर्द की दिक्कत हो सकती है। इससे आपको शरीर के अनेक अंगों से परेशानी हो सकती है। आइए नसों में ब्लॉकेज के लक्षण और उसे ठीक करने के उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

नसों में ब्लॉकेज के लक्षण

1. छाती या सीने में दर्द महसूस होना 

कई बार आपने काम करने के दौरान या ऐसे भी महसूस किया होगा कि आपको सीने या छाती में दर्द का अनुभव होता है। कई बार सोते समय या अधिक देर तक काम के दौरान भी आपको सीने के लेफ्ट साइड में दर्द का अनुभव होता है। ये दर्द कभी-कभार हार्ट अटैक का संकेत भी हो सकता है। नसों के जाम या ब्लॉक हो जाने पर आपको हार्ट अटैक का खतरा भी हो सकता है। इसके अलावा दिल की घबराहट, कमजोरी या चक्कर आना, जी मिचलाना या पसीना आना जैसी समस्याएं हो सकती है। 

veins-blockage 

2. पीठ के निचले हिस्से में दर्द

नसों की ब्लॉकेज के कारण कई लोगों को पीठ के निचले हिस्से में भी दर्द की समस्या हो सकती है। ब्लॉकेज के कारण पीठ के निचले हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन की दिक्कत की वजह से डिस्क कमजोर हो सकती है। साथ ही कई बार शरीर का निचला हिस्सा सूखने या सूजन के कारण फूलने लगता है। इससे आपको नसों के दबने की दिक्कत हो सकती है। 

3. स्ट्रोक का खतरा 

नसों के ब्लॉक होने पर आपको हार्ट स्ट्रोक की दिक्कत हो सकती है। इसे भी आप ब्लॉकेज के एक लक्षणो में से एक मान सकते हैं। इससे आपकी ब्रेन तक जाने वाली नसें जाम हो जाती है और ब्लड सर्कुलेशन के कमी के कारण आपकी परेशानी बढ़ सकती है। ऑक्सीजन के अभाव में मस्तिष्क की कोशिकाओं को काफी नुकसान पहुंचता है। कई बार आपको बेहोशी और थकान का अनुभव भी हो सकता है।

इसे भी पढे़ं- शरीर की ब्लॉक नसों को खोलने के लिए आजमाएं ये 7 घरेलू उपाय

4. सांस लेने में तकलीफ 

नसों में फैट या ब्लॉकेज जमा होने के कारण आपको सीने में तेज दर्द के साथ सांस लेने में भी तकलीफ हो सकती है। दरअसल फैट या ब्लॉकेज के कारण नसों में गंदगी जमा हो जाती है और इसकी वजह से ब्लड फ्लो कम हो जाता है और ऑक्सीजन की कमी होने के कारण आपके फेफड़ों को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाती है। साथ ही आपको अंदर से कमजोरी और लेफ्ट साइड में दर्द का अनुभव हो सकता है। 

5. थकान और नींद की कमी

कई लोगों को नसों में ब्लॉकेज के कारण थकान और नींद की कमी का अनुभव हो सकता है। इसकी वजह से आप छोटा-बड़ा काम करके भी थक जाते हैं और सोते समय भी आपकी हृदय की गति तेज हो सकती है और साथ ही बेचैनी का अनुभव भी हो सकता है। अगर आपको भी ऐसे लक्षण लंबे समय से नजर आ रहे हैं, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

6. हाथ-पैर ठंडा होना 

अगर आपके हाथ-पैर बराबर ठंडे रहते हैं और हाथ-पैर में हमेशा दर्द की शिकायत रहती है। अच्छे से सोने के बाद भी आपको शरीर में दर्द की शिकायत रहती है, तो आपको इन चीजों को बिल्कुल इग्नोर नहीं करना चाहिए। यह आपके शरीर में नसों की ब्लॉकेज का कारण हो सकता है। 

veins-blockage

कारण 

आपके नसों और धमनियों में ब्लॉकेज के कई कारण हो सकते हैं। ऐसा स्मोकिंग, शराब पीने, डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल, तनाव, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर की समस्याओं में भी हो सकता है। इससे नसों में गंदगी जमा हो सकती है या फिर नसों में सूजन के कारण भी ऐसा हो सकता है। जिसकी वजह से नसों में रक्त प्रवाह अच्छे से नहीं हो पाता है और ऑक्सीजन का प्रवाह भी प्रभावित होता है। शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से भी कमजोरी महसूस हो सकती है। 

इन चीजों का करें सेवन

1. इसके लिए आपको कम शुगर, कम सैचुरेटेड फैट और ऑयली चीजों का सेवन करना चाहिए। 

2. अधिक से अधिक फलों और हरी सब्जियों का सेवन करने की कोशिश करें। 

3. ध्रूमपान और शराब का सेवन न करें। इससे आपको नुकसान हो सकता है। 

4. नियमित रूप से व्यायाम और योग करें। 

5. अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट की समस्या है, तो आपको कम से कम आधे घंटे वॉक जरूर करना चाहिए। 

6. नियमित तौर पर अपनी सभी प्रकार की जांच करवाते रहे। इससे आपको काफी लाभ होगा।

(All Image Sources- Freepik.com)

Disclaimer