सर्दियों और बदलते मौसम में अक्सर गले से जुड़ी समस्याएं जैसे गले की खराश, गले में दर्द, कफ आदि बढ़ जाते हैं। गले से जुड़ी समस्याएं जैसे खराश, दर्द, सूजन और आवाज बैठना आज के समय में काफी आम हो गई है। ठंडा खानपान, प्रदूषण, ज्यादा बोलने और बदलते मौसम के कारण हमारे गले की सेहत अक्सर प्रभावित होती है। ऐसे में लोग अपने गले को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के घरेलू उपायों को आजमाते हैं। इन उपायों में मुलेठी का सेवन भी काफी फायदेमंद माना जाता है। मुलेठी का सेवन शहद के साथ करने से गले से जुड़ी कई समस्याओं से राहत मिलती है और उन्हें होने या बढ़ने से भी रोका जा सकता है। इसलिए, आइए आज के इस लेख में हम मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं कि गले के लिए मुलेठी और शहद एक साथ खाने के क्या फायदे हैं?
गले के लिए मुलेठी और शहद खाने के फायदे
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता का कहना है कि, आयुर्वेद में मुलेठी का इस्तेमाल खांसी, जुकाम, गले की खराश और पाचन से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है। जबकि शहद एक नेचुरल औषधि है जो अपने एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। इन दोनों को एक साथ खाने से गले से जुड़ी समस्याओं से राहत मिल सकती है, जिसमें:
1. गले की खराश में राहत
मुलेठी और शहद का मिश्रण गले की सूखी खराश और जलन को शांत करने में मदद करता है। मुलेठी गले की अंदरूनी परत पर एक सुरक्षित परत बनाता है, जिससे दर्द और चुभन से राहत मिलती है।
2. खांसी से आराम
लगातार इस मिश्रण का सेवन सूखी और बलगम वाली खांसी से राहत मिल सकता है। मुलेठी बलगम को ढीला करती है और शहद उसे बाहर निकालने में मदद करती है।
3. गले की सूजन से राहत
मुलेठी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन को कम करने में मदद करते हैं। मुलेठी के कारण गले की सूजन में आराम मिलने वाले इस प्रभाव को शहद और बढ़ा देता है, जिससे गले में आराम महसूस होता है।
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4. आवाज बैठने की समस्या
ज्यादा बोलने, गाना गाने या ठंड लगने के कारण अक्सर आवाज बैठ जाती है, जिससे राहत पाने के लिए भी आप मुलेठी और शहद का सेवन कर सकते हैं, जो आपके वोकल कॉर्ड्स को आराम दिलाता है और आवाज साफ करने में मदद करता है।

5. गले के इंफेक्शन से बचाता है
शहद और मुलेठी का मिश्रण गले में होने वाले बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है। नियमित रूप से इसका सेवन गले में बार-बार होने वाली समस्याओं से बचाव करता है, जिससे इंफेक्शन का जोखिम भी कम होता है।
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मुलेठी और शहद का सेवन कैसे करें?
मुलेठी और शहद एक साथ खाना बहुत आसान है, इसे खाने के लिए आप:
- आधा चम्मच मुलेठी पाउडर लें
- उसमें एक चम्मच शुद्ध और साफ शहद मिलाएं
- इस मिश्रण को दिन में 1 से 2 बार खाएं
- अच्छे रिजल्ट के लिए सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले खा सकते हैं
- इसके अलावा अगर आप चाहे तो मुलेठी की डंडी को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बनाकर और उसमें शहद मिलाकर भी पी सकते हैं।
निष्कर्ष
गले से जुड़ी समस्याओं से राहत पाने के लिए आप मुलेठी और शहद का सेवन कर सकते हैं। यह उपाय न सिर्फ गले की खराश, खांसी और सूजन से राहत दिलाने में मदद करता है, बल्कि इम्यूनिटी बढ़ाने और अन्य कई समस्याओं से भी राहत दिलाता है। अगर आप बिना दवा नेचुरल तरीके से अपने गले से जुड़ी समस्याओं से राहत चाहते हैं तो इस घरेलू उपाय को आजमा सकते हैं।
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FAQ
गले में कौन-कौन सी प्रॉब्लम हो सकती है?
गले में कई तरह की समस्याएं हो सकती है, जिसमें आम वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन, टॉन्सिलाइटिस, गले में जलन और गंभीर मामलों में ट्यूमर की समस्या शामिल हैं।गले की खराश को तुरंत कैसे ठीक करें?
गले की खराश को तुरंत ठीक करने के लिए आप गुनगुने पानी में नमक मिलाकर गरारे कर सकते हैं। इसके अलावा, अदरक की चाय या शहद का सेवन कर सकते हैं।गले का इंफेक्शन कब गंभीर होता है?
गले के इंफेक्शन आमतौर पर 5 से 7 दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन अगर यह 1 या 2 हफ्ते से ज्यादा बना रहे और तेज बुखार हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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Feb 04, 2026 12:17 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Feb 04, 2026 12:17 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta