Tue Oct 27, 2026 | 01:49 AM IST

गर्मी में त्वचा और पेट के रोगों से निजात दिलाए बबूल की गोंद, आयुर्वेदाचार्य से जानें इस गोंद के फायदे नुकसान

गर्मी के मौसम में बबूल गोंद का सेवन करने से गर्मी के कई रोग खत्म होते हैं। इसका अलग-अलग तरीके से उपयोग किया जा सकता है।   
गर्मी में त्वचा और पेट के रोगों से निजात दिलाए बबूल की गोंद, आयुर्वेदाचार्य से जानें इस गोंद के फायदे नुकसानगर्मी में त्वचा और पेट के रोगों से निजात दिलाए बबूल की गोंद, आयुर्वेदाचार्य से जानें इस गोंद के फायदे नुकसान

बबूल का पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर है। इसकी जड़, पत्ती, फूल, छाल आदि का उपयोग शरीर के रोगों से निजात पाने के लिए किया जाता है। बबूल के पेड़ पर आने वाला गोंद भी शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। जैसे बबूल की छाल, पत्ती आदि शरीर की गर्मी को दूर करते हैं और गर्मी में इसका सेवन लाभदायक होता है। ठीक वैसे ही बबूल गोंद वजन घटाने, डायरिया, मधुमेह जैसी बीमारियों में मदद करता है। बबूल के तने और शाखाओं से गोंद निकलता है। इस पेड़ की खासियत यह है कि यह कम पानी वाले क्षेत्रों में उगता है। साथ ही इसके साथ व्यापार और रोजगार जुड़ा हुआ है। इसके अलावा स्वास्थ्य के लिए भी यह बहुत गुणकारी पेड़ है। इस गोंद का इस्तेमाल खाद्य सामग्री में भी किया जा सकता है। राष्ट्रीय समाज एवं धर्मार्थ सेवा संस्थान के आयुर्वेदाचार्य राहुल चतुर्वेदी ने इस बबूल गोंद के कई लाभ बताए हैं। उनके मुताबिक गर्मी में बबूल गोंद का सेवन करने से शरीर के कई रोग खत्म होते हैं। 

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बबूल पेड़ की पहचान

बबूल अकैसिया प्रजाति का पेड़ है। डॉ. राहुल चतुर्वेदी ने बताया कि बहुत से लोगों को बबूल की पहचान नहीं होती, इसलिए वे इसका उपयोग नहीं कर पाते। उन्होंने इसकी पहचान बताते हुए बताया कि बबूल के पेड़ के अंदर से सुईनुमा सफेद कांटे निकलते हैं। कई बार यह कांटे लाल रंग के भी होते हैं। पेड़ जब नया होता है तब इसके पत्ते हरे होते हैं और जब यह पुराना हो जाता है तब इसके पत्ते काले हो जाते हैं। कई बबूल के पेड़ में डार्क हरे रंग के पत्ते दिखाई देते हैं। बबूल के पत्तों का आकार बहुत छोटा होता है। यह पेड़ बहुत मोटे नहीं होते पर इनकी लंबाई बढ़ती रहती है। इसके फूल पीलें रंग के होते हैं। इस पेड़ के तने और शाखाओं पर पीले रंग का गोंद निकलता है। यह गोंद शुरुआत में चिपचिपा और ज्यादा समय पेड़ पर चिपके रहने से यह टाइट हो जाता है और गोल आकार ले लेता है।

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बबूल गोंद में मौजूद पोषक तत्त्व

  • एंटीबैक्टीरियल
  • मैग्‍नीशियम
  • कैल्शियम
  • प्रोटीन
  • एंटीऑक्सीडेंट
  • फाइबर
  • एंटीकार्सिनोजेनिक

बबूल गोंद के फायदे (Benefits of babool gond)

जोड़ों के दर्द को करे दूर

आयुर्वेदाचार्य राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि बबूल गोंद एसिडिक फ्री होता है। इसमें दर्द को खत्म करने और हड्डियों को मजबूती प्रदान करने की ताकत होती है। जिन लोगों को हड्डियों में दर्द रहता है और जोड़ों को दर्द की समस्या है। उन्हें बबूल गोंद और अखरोट साथ लेना चाहिए। इसके लिए अखरोट को रात में भिगों दें। सुबह छिलका उतार दें। अखरोट का एक दाना, दो ग्राम गोंद और दो ग्राम मिश्री खाली पेट दूध के साथ लेने से जोड़ों के दर्द में मदद मिलती है। 

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शरीर की गर्मी को करे शांत

गर्मी के मौसम में सूरज की तपिश ज्यादा परेशान करती है। गर्मी से लोगों का बुरा हाल होता है। एक तरफ लोगों में डिहाइड्रेशन हो जाता तो दूसरी तरफ शरीर में अन्य रोग बढ़ने लगते हैं। इसी मौसम में हाथों से पसीना, पैरों से पसीना आना जैसी परेशानियां भी लोगों को देखने लगती हैं। इन समस्याओं के निपटान के लिए बबूल गोंद बहुत लाभदायक है। गर्मी को शांत करने और शरीर में ठंडक लाने के लिए 2 ग्राम गोंद और मिश्री साथ में सुबह-शाम खाने से फायदा मिलता है। 

सफेद पानी की समस्या को करे दूर 

जिन महिलाओं को सफेद पानी की समस्या होती है, उन्हें दो ग्राम मिश्री और दो ग्राम गोंद को साथ में मिलाकर एक एंटीबायोटिक बना लेना चाहिए। इसे पाने के साथ सुबह-शाम खाएं। ऐसा करने से महिलाओं में सफेद पानी की समस्या खत्म होती है। 

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पुरुषों में धातु रोग

पुरुषों को होने वाले धातु रोगों में यह बहुत फायदेमंद है। धातु रोगों से बचने के लिए पुरुषों को दो ग्राम मिश्री और दो ग्राम बबूल गोंद को साथ में लेना चाहिए। इससे पुरुषों में होने वाले धातु रोगों में मदद मिलती है। 

बालों की समस्याओं को करे दूर

बालों का झड़ना, बालों का पतला होना, सिर में डैड्रफ होना आदि बालों की समस्याओं को बबूल गोंद दूर करता है। यही नहीं बबूल की पत्तियां और रीठा कंसंट्रेट साथ लगाने से भी बालों की समस्याएं दूर होती हैं। डॉ. राहुल चतुर्वेदी का  कहना है कि बबूल गोंद का बालों में सेवन करने से बालों की ग्रोथ ठीक होती है। बबूल गोंद से बालों के रोम में रक्त प्रवाह ठीक होता है। इसलिए कहा जाता है कि बबूल बालों के लिए अच्छा है।

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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए (Immunity booster)

बबूल गोंद रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। बबूल गोंद का लड्डू दूध के साथ खाने से इम्यूनिटी बढ़ती है। जबसे कोरोना आया है तब से लोगों में इम्यूनिटी बढ़ाने को लेकर समझ बढ़ी है। उसी के मद्देनजर अब वे ऐसे खाद्य पदार्थ खाना पसंद करते हैं जिससे इम्यूनिटी सिस्टम ठीक से काम करे। इस मामले में बबूल गोंद बहुत लाभदायक है।

पेट के रोगों को भगाए 

बबूल गोंद में फाइबर होता है। जो कब्ज से दूर रखता है। तो वहीं डॉ. चतुर्वेदी का कहना है कि अगर आप गोंद और दही का सेवन साथ में करते हैं तो ज्यादा फायदा मिलता है। गर्मी के मौसम में पेट में दर्द, जलन, अफरा, कब्ज जैसी परेशानियों की शिकायत होने लगती है, इससे बचाने में गोंद मदद करता है। तो वहीं बबूल गोंद तनाव को भी दूर रखता है। 

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कमर दर्द को करे दूर

दो ग्राम बबूल गोंद और दो ग्राम मिश्री साथ लेने से कमर दर्द में सहायता मिलती है। गोंद उन सभी रोगों से निजात दिलाता है जो उग्रता से पैदा होते हैं। लंबे समय बैठने से जिन लोगों को कमर दर्द की समस्या है वे बबूल गोंद का उपभोग कर सकते हैं। 

बबूल गोंद के नुकसान (Side effects of babool gond)

1.बबूल का गोंद खाने मिचलाने की समस्या

2.गैस बन सकती है

3.अधिक मात्रा में लेने से दस्त की दिक्कत हो सकती है

4.गोंद खाने से अफरा भी लग सकता है

5.गर्भवती महिलाएं इसका सेवन सावधानी से करें

6.बबूल गोंद का उपयोग अपच की दिक्कत कर सकता है

7. जिन लोगों की किसी मर्ज की दवा चल रही है वे डॉक्टर की सलाह लें

बबूल गोंद स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसके साइड इफैक्ट कम हैं। लेकिन जिन लोगों को कोई गंभीर बीमारी है, वे इसका सेवन सावधानी से करें। गर्मी के मौसम में गोंद का सेवन कई बीमारियों से बचाता है।

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Meena Prajapati

Sub Editor

पत्रकारिता में आए तीन साल से अधिक समय हो गया है। कुछ महीने डिजिटल में इंटर्नशिप करने के बाद औपचारिक रूप से पत्रकारिता की शुरुआत प्रिंट से की। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की। दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी पत्रकारिता में सर्वश्रेष्ठ अंक आने की वजह से देश के उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू द्वारा विश्वविद्यालय पदक दिया गया। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन हरियाणा से किया। महिला मुद्दों पर लिखने में विशेष रुचि रही, यही वजह थी कि साल 2020 में लाडली मीडिया अवार्ड दिया गया। इसके अलावा 18 कहानियां 18 कहानीकार कहानी संग्रह (पुस्तक) में एक कहानी भी प्रकाशित हो चुकी है। समसामयिक मुद्दों पर विभिन्न लेख पत्रिकाओं और अखबारों में लिखती रही हूं।

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    Mar 25, 2021 11:16 IST

    Published By : Meena Prajapati