किसी को दुख या परेशानी में सांत्वना देते समय हमेशा ध्यान रखें ये 6 बातें, जानें उससे क्या कहें और क्या न कहें

किसी भी व्यक्ति को जो किसी ट्रामा, दुःख या परेशानी से गुजर रहा है उसे सांत्वना देते समय ये बातें नहीं कहनी चाहिए।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 18, 2021Updated at: Jun 18, 2021
किसी को दुख या परेशानी में सांत्वना देते समय हमेशा ध्यान रखें ये 6 बातें, जानें उससे क्या कहें और क्या न कहें

कोई भी व्यक्ति जो आघात, ट्रामा या दुःख से गुजर रहा हो उसे मानसिक रूप से मजबूत रखने के लिए सपोर्ट की जरूरत होती है। ट्रामा (Trauma) या आघात की स्थिति जीवन में हुए घटनाओं या खराब अनुभव की वजह से हो सकती है। ऐसे व्यक्तियों को जो पहले किसी दर्दनाक घटना से गुजर चुके हैं उनकी मनोवैज्ञानिक और व्यक्तिगत रूप से उचित देखभाल की जानी चाहिए। ऐसी स्थिति के बारे में अगर कोई आपसे बात कर रहा है तो उससे बात करते समय हमेशा सोच समझकर बोलना चाहिए। ऐसे लोग जो किसी अपने को ट्रामा या किसी दुःख व परेशानी के बारे में बताते हैं उन्हें अच्छी तरह से सुनना चाहिए। आघात या दुःख शारीरिक हो या भावनात्मक, दोनों स्थितियों में इंसान का मनोबल टूटने पर दूसरी दिक्कतें भी आ सकती हैं। अगर आप भी किसी को दुःख या परेशानी में सांत्वना दे रहे हैं तो इन 6 बातों का ध्यान जरूर रखें। आइए जानते हैं इनके बारे में।

किसी को दुख या परेशानी में सांत्वना देते समय ये कहने से बचें (Avoid Saying this When Comforting Someone in Trauma and Grief)

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कोई भी व्यक्ति अगर आपसे अपने दुःख या परेशानी के बारे में बातचीत कर रहा हो तो उसकी पूरी बात को ध्यान से जरूर सुनना चाहिए। अगर उस विषय पर आपके कोई अनुभव हैं तो उसके बारे में भी उनसे बात की जानी चाहिए। इसके अलावा अगर आप किसी भी व्यक्ति को दुःख या परेशानी में सांत्वना दे रहे हैं तो उससे बात करते समय ऐसी बातें नहीं बोलनी चाहिए जिसकी वजह से उस व्यक्ति को और परेशानी हो। ऐसे में इन 6 बातों का ध्यान आपको रखना चाहिए।

1. इतना बुरा नहीं होना था (It Could Not Have Been That Bad)

अगर आप किसी भी व्यक्ति को दुःख या परेशानी की स्थिति में सांत्वना दे रहे हैं तो उससे बात करते हुए 'इतना बुरा नहीं होना था' जैसी बातें कहने से बचें। अक्सर देखा गया है कि लोग किसी घटना या ट्रामा की स्थिति के बाद सामने वाले व्यक्ति से बात करते हुए यह बोल देते हैं। ऐसा बोलने से स्थिति और कमजोर हो सकती है। अगर आप किसी को सांत्वना देते समय इतना बुरा नहीं होना था जैसे वाक्यों का प्रयोग करते हैं तो इससे सामने वाले व्यक्ति को ऐसा लग सकता है कि उसका दुःख या आघात आपके लिए कोई मायने नहीं रखता है। साफ तौर पर कहें तो किसी के भी दुःख, परेशानी या आघात को कम या ज्यादा नहीं कहा जा सकता और उसे नजरअंदाज भी नहीं किया जाना चाहिए। हो सकता है कि जो बात किसी के लिए दुखदायी हो, वह किसी अन्य व्यक्ति के लिए दुखदायी न हो लेकिन ऐसे में अगर आप किसी को दुःख या परेशानी से उबरने की सलाह या सांत्वना दे रहे हैं तो ऐसी बातें कहने से जरूर बचें।

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2. ये दुःख और परेशनी को भूलकर आगे बढ़ने का समय है (It's Time to Move On)

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अक्सर लोग किसी भी व्यक्ति को सांत्वना देते समय या दुःख और परेशानी से उबरने की सलाह देते हुए उसे जो हुआ उसे भूलकर आगे बढ़ने की सलाह देते हैं। लेकिन किसी भी पीड़ित व्यक्ति से ऐसी बातें कहने से उसपर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। दुःख या आघात को सहने की कोई तय समय सीमा नही होती है। आघात, दुःख या परेशानी की स्थिति में इंसान कई तरह की दिक्कतों से गुजर सकता है। इसलिए उसे आग बढ़ने की सलाह देने के बजाय उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए बात करनी चाहिए। कुछ लोगों को ऐसी स्थिति से उबरने में साल भर का समय भी लग सकता है। वहीं दुःख या परेशानी या ट्रामा की स्थिति आगे चलकर कभी भी ट्रिगर हो सकती है। ऐसे समय में बातों को भूलकर आगे बढ़ने की सलाह देने की जगह पर आप 'ऐसी स्थितियों से उबरने में समय लगता है' जैसी बातें बोल सकते हैं। इससे यह पता चलता है कि आप उनकी भावनाओं को समझ रहे हैं और सामने वाले व्यक्ति को यह लगता है कि आप उन्हें किसी बोझ के रूप में नहीं देखते हैं।

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3. इससे भी बुरा हो सकता था (It Could Have Been Worse)

'इससे भी बुरा हो सकता था' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किसी को दुःख या परेशानी में सांत्वना देते समय बिल्कुल भी नही करना चाहिए। ऐसे सब्दों के इस्तेमाल से सामने वाले व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर आघात या दुःख से गुजर रहा हो तो उससे यह कहना कि 'इससे भी बुरा हो सकता था' सामने वाले व्यक्ति की परेशानी को और अधिक बढ़ाने जैसा हो सकता है। अगर कोई भी व्यक्ति आपसे अपने दर्द या आघात को साझा कर रहा है तो इसका मतलब यह है कि वह आपसे इस बात की उम्मीद लेकर बैठा है कि आप उसकी परेशानी को स्वीकार करेंगे। इसलिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति को दुःख या परेशानी की स्थिति में सांत्वना देने के लिए नहीं करना चाहिए।

4. सब कुछ होने के पीछे कोई वजह होती है (Everything Happens for a Reason)

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किसी को भी दुःख या परेशानी में सांत्वना देते समय यह कहना कि 'सब कुछ किसी न किसी वजह से होता है' नकारात्मक माना जाता है। ऐसा कहने से सामने वाले व्यक्ति पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर आप किसी को सांत्वना दे रहे हैं तो ऐसे शब्दों का उपयोग करने से बचें। बुरी घटना किसी ही समय हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसका कोई अंतिम कारण है या इसके होने के पीछे कोई अच्छी वजह हो। ऐसा कहने से दुःख या परेशनी से गुजर रहे व्यक्ति को लग सकता है कि आप उसके दुःख में खुद को शामिल करने की बजाय उसे अलग अर्थ में ले रहे हैं।

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5. मैं आपके नुकसान के लिए माफी चाहता हूं (I’m Sorry for Your Loss)

इस वाक्य का इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति को सांत्वना देने के लिए सबसे ज्यादा किया जाता है। किसी को दुःख या परेशानी की स्थिति में यह कहना कि 'मैं आपके नुकसान के लिए माफी चाहता हूं' या 'आपके नुकसान के लिए हमें खेद है' नकारात्मक हो सकता है। ऐसी स्थिति में इस प्रकार की सहानुभूति देने की जगह अगर आप सामने वाले व्यक्ति की मदद के लिए खड़े होने की बात कहेंगे तो इसका प्रभाव ज्यादा होगा। 

6. नकारात्मक होना बंद करो (Stop Being Negative)

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दुःख, परेशानी और आघात की स्थिति हमेशा नकारात्मकता ही पैदा करती है और ऐसे समय में किसी भी व्यक्ति को सांत्वना देते समय या उससे बात करते समय यह कहना कि 'नकारात्मक होना बंद करो' उन्हें उस स्थिति से बाहर निकलने के लिए बोलने जैसा है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि सामने वाला व्यक्ति तुरंत ही उस नकारात्मक स्थिति से बाहर निकल सकता हो। अगर कोई भी व्यक्ति आपसे अपने ट्रामा या दुःख की स्थिति के बारे में बात भी कर रहा है तो उसे ऐसे शब्द नहीं बोलने चाहिए।

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हमें उम्मीद है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। किसी भी व्यक्ति को दुःख या परेशानी में सांत्वना देते समय या अगर कोई भी व्यक्ति आपसे अपने दुःख या आघात को लेकर बात कर रहा है तो ऐसे समय में उपर बताई गयीं बातों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से हो सकता है कि उस व्यक्ति पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़े।

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