आपके घर के सामान, चीजों के रखरखाव और माहौल का असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर कैसे पड़ता है?

आपके घर या रहने की जगह का मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर होता है, घर में अव्यवस्था और घर के माहौल से आपके तनाव और अनिद्रा जैसी समस्या भी हो सकती है।

 
Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 08, 2021
आपके घर के सामान, चीजों के रखरखाव और माहौल का असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर कैसे पड़ता है?

हर व्यक्ति रहने के लिए अच्छा और सुंदर घर बनाना चाहता है। औसत व्यक्ति ज्यादातर समय अपने घर की डिजाइन, सजावट, और दूसरी अन्य चीजों के बारे में सबसे ज्यादा सोचता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर के सभी एलिमेंट्स आपके मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर असर डालते हैं? जी हां एक्सपर्ट्स का मानना है कि आपके घर का सामान, चीजों का रखरखाव और घर के माहौल का सीधा असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। हम सभी जानते हैं कि जिस वातावरण में हम रहते हैं उसका सीधा प्रभाव हमारे दिमाग यानि कि मस्तिष्क पर भी पड़ता है। इंसान का मन और शरीर एक दूसरे से जुड़े हुए होते हैं। हम जिस वातावरण में रहते हैं या जिस किसी भी स्थान पर अधिक समय गुजारते हैं उसका उतना ही असर हमारे मानसिक सेहत पर भी पड़ता है। उदाहरण के तौर पर एक शांतिपूर्ण और व्यवस्थित घर में रहने से इंसान मानसिक रुप से स्वस्थ रहता है और अगर वही व्यक्ति किसी अराजक या अव्यवस्थित माहौल में रहे तो उसका नकारात्मक असर उस पर जरूर होगा। आइये जानते हैं कि हमारा घर किस तरह से हमारे मानसिक सेहत पर असर डालता है।

घर का मानसिक स्वास्थ्य पर असर (How Does Your Home Affect Your Mental Health)

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कुछ समय पहले वातवरण और रहने की जगह के प्रभाव को जानने के लिए एक कॉलेज की इमारत को कई रंगों में रंग गया था जिससे छात्रों की मनोदशा और उसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव को पता किया जा सके। इस स्टडी में यह निकलकर सामने आया कि अलग-अलग रंग और व्यवस्था में रहने वाले छात्रों पर अलग-अलग प्रभाव हुए थे। अगर आप निराशाजनक या अव्यवस्थित माहौल में रहते हैं तो उसका असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर जरूर देखने को मिल सकता है। घर एक ऐसी जगह होती है जहां हम सबसे ज्यादा समय बिताते हैं ऐसे में इस जगह का मन पर बहुत गहरा असर होता है। मनोविज्ञान कहता है कि इसकी बनावट और व्यवस्था का सीधा असर आपके स्वभाव और मनोदशा पर जरूर पड़ता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में जिनका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। 

1. कहते हैं कि अगर आपका घर या रूम अव्यवस्थितहै तो इसकी वजह से आपका मन भी उसी तरह से हो सकता है। घर में रखी हुई अव्यवस्थित चीजों की वजह से तनाव जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है। एक रिसर्च के मुताबिक जो महिलाएं अव्यवस्थित घर में रहती हैं, उनमें तनाव हार्मोन, कोर्टिसोल का उत्पादन अधिक होता है। अगर आपका रूम या घर अव्यवस्थित है तो इसकी वजह से आपका मन भी क्रोधित हो सकता है, अव्यवस्थित घर में चीजों के इधर उधर होने से तनाव और क्रोध बढ़ने का खतरा लगातार बना रहता है। 

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2. घर की बनावट का भी असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर जरूर होता है, अगर आप किसी ऐसे घर में रहते हैं जहां जगह की कमी है या पर्याप्त हवा नहीं आती तो इसका सीधा असर मनोदशा पर होता है। ऐसे लोग जो छोटे या संकुचित जगहों पर रहते हैं जहां हवा आदि की सही से व्यवस्था नही होती है उनमें तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याएं आसानी से हो सकती हैं।

3. आपके घर में सभी चीजें अगर ठीक तरीके से नहीं रखी गयी हैं तो इसका भी नकारात्मक असर आपकी मानसिक सेहत पर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक घर में अगर चीजें सही तरीके और सही जगह पर रखी हुई हैं तो उसकी वजह से मन शांत और स्थिर रहता है। 

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4. प्रकाश और छाया का का भी असर मन और मनोदशा को बदल सकता है। बोल्ड और चमकदार रंग आपको उर्जावान महसूस कराने का काम कर सकते हैं वहीं अगर आप बेहद सुस्त या आलसी हैं तो आपको केवल ऐसे ही रंग पसंद आयेंगे जो बेहद धीमे या हल्के होते हैं। आपके घर में हवा और प्रकाश की स्थिति कैसी है इसका भी प्रभाव मनोस्थिति पर देखने को मिलता है।

5. घर और रहने की जगह का मानसिक स्वास्थ्य पर असर कम करने के लिए आपको हमेशा अपने घर या रहने की जगह को व्यवस्थित रखना चाहिए। अगर आपके घर में चीजें बेहद अव्यवस्थित तरीके से रखी हुई हैं तो उन्हें सही ढंग से रखना चाहिए। इसके अलावा घर मं रहने वाले दूसरे लोगों के रहन सहन का भी असर बाकी लोगों पर पड़ता है इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

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6. कई अध्ययनों में यह बात कही गयी है कि अगर आप बेहद शोर शराबे और तनाव भरे माहौल में रहते हैं तो इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर देखा जाता है। अगर आप किसी शांत या बेहद संतुलित माहौल में रहते हैं और अचानक से आप कुछ देर के लिए भीड़-भाड़ या शोर शराबे वाली जगह में पहुंच जाते हैं तो यह आपके बेहद खराब और तनाव भरा लग सकता है। ऐसी स्थितियों में कई बार ऐसा हो सकता है कि आप ठीक-ठीक पता न लगा सकें कि आपको किस चीज से परेशानी हो रही है, लेकिन आम तौर पर अव्यवस्था, खराब रोशनी और वेंटिलेशन, सजावट, और स्वच्छता की कमी की वजह से बेचैनी और तनाव जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे स्थानों पर लंबे समय तक रहने से कभी-कभी तनाव और यहां तक कि अवसाद भी हो सकता है।

ऐसी समस्याओं से बचने के लिए टिप्स (Ways to Improve Your Current Space)

 

  • रहने की जगह या घर को व्यवस्थित रखना 
  • घर में इधर-उधर पड़ी चीजों को सही तरीके से रखना
  • कमरे और पढ़ाई करने वाली जगह पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना 
  • आपके मूड को जिन रंगों से संतुष्टि मिले उनका चयन करना

किसी भी व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ और फिट रहने के लिए उसका मानसिक रूप से फिट और हेल्दी होना जरूरी है। अव्यवस्थित और शोर-शराबे वाले स्थान भारीपन और चिंता की भावना पैदा कर सकते हैं, जबकि साफ-सुथरी और शांत जगहें मानसिक शांति प्रदान करती हैं। इसलिए घर या रहने की जगह को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण रखना चाहिए। अगर आपको भी घर की अव्यवस्था या आसपास के माहौल की वजह से किसी भी प्रकार की मानसिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तो ऐसी स्थिति में चिकित्सक से परामर्श जरूर करना चाहिए।

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