गठिया, कैंसर, डायबिटीज, हार्ट अटैक जैसी कई बीमारियों से बचा सकती है एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट, जानें क्या है ये

एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट (Anti-inflammatory diet) में आपको कुछ चीजों को खाना है और आप कुछ चीजों को छोड़ना है। आइए जानते हैं क्या है ये डाइट प्लान।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Jan 12, 2021
गठिया, कैंसर, डायबिटीज, हार्ट अटैक जैसी कई बीमारियों से बचा सकती है एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट, जानें क्या है ये

शरीर में सूजन क्यों होती है (what causes inflammation in body)? क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है? दरअसल, शरीर में सूजन होना एक आम और गंभीर, दोनों तरह की परेशानियों का संकत हैं। शरीर में सूजन होना एक्टिव इम्यून सिस्टम का नतीजा है। जब आपका शरीर बाहरी हानिकारक चीजों को पहचानता है तो आपका इम्यून सिस्टम (Immune System) सक्रिय हो जाता है। यानी कि जैसे कि एक हमलावर सूक्ष्म जीव, पौधे का पराग या रसायन हमारे सेल्स और टिशूज पर हमला करने वाले होते हैं,  हमारा इम्यून सिस्टम इनसे लड़ने के लिए एक्टिव हो जाता है और ये शरीर में सूजन नामक प्रक्रिया (inflammation in body) को ट्रिगर करता है। इसके अलावा शरीर में सूजन कुछ गंभीर बीमारियों के कारण भी हो सकता है। जैसे कि मोटापा, डायबीटीज, दिल की बीमारियां, कैंसर और गठिया जैसी बीमारियां, जिनमें सेल्स और टिशूज पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है। इन सभी प्रकार के सूजन से बचने का उपाय है कि आप शुरू से ही एक ऐसी डाइट लें, जो आपके शरीर में सूजन को कम करेगा और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाएगा।

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ऐसी ही एक डाइट है, जिसे  एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट (Anti-Inflammatory diet) कहते हैं। जैसा कि इसके नाम से पता चला रहा है कि ये शरीर में इंफ्लेमेशन यानी कि सूजन को रोकता है। इस डाइट में आपको उन चीजों के बारे में बताया जाता है, जिन्हें आपको सूजन से बचने के लिए खाना सकते हैं। साथ ही इस डाइट प्लान में उन चीजों को खाने की भी मनाही होती है जो कि शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं। इस डाइट प्लान के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने आहार विशेषज्ञ, डाइटिशियन शीला सहरावत, हेड डाइटिशन डाइट क्लिनिक से बात की।

क्या है एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट (Anti-Inflammatory diet)

आहार विशेषज्ञ, डाइटिशियन शीला सहरावत कहती हैं कि एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट (Anti-Inflammatory diet) को लेकर हमेशा से रिसर्च होती है और इसमें डाइट के कई पैर्टन सेट किए गए हैं। पर अगर हम बात आम आदमी की करें, तो हमें इसके सबसे आसान पैर्टन को फॉलो करना चाहिए जिसमें   एंटी-इंफ्लेमेट्री फूड्स  (Anti-Inflammatory Foods) और एंटी ऑक्सीडेंट फूड्स (Antioxidant Foods)शामिल होते हैं। इस डाइट प्लान का एक ही मकसद शरीर में सूजन के स्तर को कम करना है। ये डाइट प्लान भूमध्यसागरीय आहार या मेडिटेरियन डाइट (Mediterranean Diet) की तरह ही है, जिसमें फल, सब्जियां, नट्स, साबुत अनाज, मछली और स्वस्थ तेलों के सेवन पर जोर दिया जाता है।

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एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट के फायदे (Benefits of Anti-Inflammatory diet)

एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट के कई फायदे हैं। इसमें कई ऐसे पेय पदार्थ और खाद्य पदार्थ हैं, जो कि सूजन को कम करते हैं। इस डाइट प्लान के तहत खाने वाली कई चीजों में  प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट और पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो शरीर कि सेल्स और टिशूज को नेचुरल सुरक्षा प्रदान करते हैं और सूजन को कम करते हैं। इसके अलावा इसके कई और फायदे भी हैं, जैसे कि

  • -एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में पाए जाने वाले  प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट और पॉलीफेनोल्स हृदय रोग और डायबिटीज के जोखिमों को कम करते हैं।
  • -एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स कम संसाधित आहार हैं यानी कि ये कम प्रोसेस्ड हैं जो कि आपके शारीरिक ही नहीं बल्कि भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।

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कैसे फॉलो करें एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट (Anti-Inflammatory Foods)

एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट फॉलो करना असल में बहुत आसान है। इसे फॉलो करने के लिए इन चीजों को डाइट में शामिल करें। जैसे कि 

  • -सब्जियां में ब्रोकोली, केल, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, गोभी, फूलगोभी, आदि।
  • -फलों में विशेष रूप से गहरे रंग के बैरीज जैसे अंगूर और चेरी
  • -टमाटर
  • -जैतून का तेल
  • -नारियल का तेल
  • -हरी पत्तेदार सब्जियां, जैसे कि पालक और मेथी
  • -बादाम और अखरोट जैसे नट्स
  • -फैटयुक्त मछली टूना और सार्डिन। 
  • -स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, चेरी और संतरे जैसे फल। 
  • -शिमला मिर्च
  • -डार्क चॉकलेट
  • - हल्दी, मेथी, दालचीनी, आदि।
  • - ग्रीन टी

किन चीजों को न खाएं?

आहार विशेषज्ञ शीला सेहरावत कहती हैं कि सूजन है तो अत्यधिक प्रोसेस्ड चिकना खाना या बहुत ज्यादा मीठा खाने से बचें। साथ ही केक और कुकीज आदि को भी खाने से बचें। कोशिश करें कि सोडा जैसे चीजों के सेवन से भी बचें। इससे शरीर का ब्लड प्रेशर और वजन भी बढ़ सकता है। साथ ही चीनी और उच्च कोलेस्ट्रॉल वाली चीजों को भी खाने से बचें। इसके अलावा फ्रेंच फ्राइज और अधिक तले-भूनी चीजों को खाने से परहेज करें। इन सबके अलावा उन खाद्य पदार्थों को खाने से बचें जो कि जिनमें कि कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा हो। क्योंकि ये चीजें ब्लड में फैट की मात्रा को बढ़ा देते हैं। इसे लेकर वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि हाई ब्लड फैट खून में ज्यादा ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा को बढ़ा सकती हैं और शरीर में भीतरी सूजन पैदा कर सकती है, जिसके कारण व्यक्ति की कई जैविक क्रियाएं प्रभावित होती हैं। यह इतनी खतरनाक हो सकती है कि कई बार शरीर के अंगों या धमनियों को पूरी तरह डैमेज कर सकती है।

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इसके अलावा ध्यान रखें कि शरीर में पांच कार्डिनल संकेतों द्वारा सूजन की पहचान हो सकती है, जैसे कि अगर शरीर में रेडनेस हो, सूजन (ट्यूमर) हो, गर्मी महसूस हो, दर्द हो या शरीर के किसी भी फंक्शन का नुकसान हो तो ये सभी सूजन के लक्षण हैं, जिन्हें नजरअंदाज करने से बचना चाहिए। इसके अलावा आप शरीर में एंटी इंफेल्मेटरी खाद्य पदार्थों को ज्यादा खा कर, ब्लड शुगर को नियंत्रित करके, वजन कम कर करके और तनाव का प्रबंधन करके शरीर को हर तरह के सूजन से बचा सकते हैं।

साथ ही अगर आप सूजन के स्तर को कम करना चाहते हैं, तो आपको समग्र स्वस्थ आहार का लक्ष्य रखना होगा और उसी के तरह अपने लिए सुबह नाश्ता, दोपहर और रात के खाने का लक्ष्य बनाना होगा। इसलिए हर प्रकार के सूजन से बचे रहने के लिए कोशिश करें कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करें, समय पर सोएं और समय पर जागें और एक संतुलित आहार चुनें जो कि नेचुरल हो और एंटी ऑक्सीटेंड गुणों के साथ कई और गुणों की भरमार भी हो।

हालांकि, कभी-कभी सूजन बनी रहती है और ये कम होने का नाम नहीं लेती। ऐसे में ये सूजन कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, गठिया, अवसाद और अल्जाइमर सहित कई बड़ी और पुरानी बीमारियों से जुड़ी हो सकती है, जिसके लिए जरूरी है कि आप अपने डॉक्टर से बात करें और इस स्थिति की जांच करवाएं और इनका इलाज करवाएं।

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