झड़ते बालों के लिए वरदान है ये घास, बुढ़ापे तक बाल रहेंग हेल्दी और मजबूत

अल्‍फा-अल्‍फा को रिजका भी कहते हैं। अल्‍फा-अल्‍फा अरबी शब्‍द है जिसका अर्थ है 'पौधों का बाप'। अल्‍फा-अल्‍फा की जड़ें जमीन से लगभग बीस से तीस फीट नीचे होती हैं।

Rashmi Upadhyay
आयुर्वेदWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: Dec 07, 2018Updated at: Dec 07, 2018
झड़ते बालों के लिए वरदान है ये घास, बुढ़ापे तक बाल रहेंग हेल्दी और मजबूत

अल्‍फा-अल्‍फा को रिजका भी कहते हैं। अल्‍फा-अल्‍फा अरबी शब्‍द है जिसका अर्थ है 'पौधों का बाप'। अल्‍फा-अल्‍फा की जड़ें जमीन से लगभग बीस से तीस फीट नीचे होती हैं। यहां उन्‍हें वे खनिज लवण मिलते हैं, जो आमतौर पर धरती की सतह पर मौजूद नहीं होते। अल्‍फा-अल्‍फा विटामिन, मिनरल और अन्‍य पोषक तत्‍वों से भरपूर होता है। यह आपकी हड्डियों को ताकत देने के साथ उनके विकास में भी सहायक होता है। इसके अलावा यह स्‍वस्‍थ शरीर के रख रखाव में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें प्रोटीन और विटामिन ए, विटामिन बी 1, विटामिन बी 6, विटामिन सी, विटामिन ई, और विटामिन के होता है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, पोटेशियम, कैरोटीन, आयरन और जिंक भी होता है। इसका सेवन बीज, पत्ते या गोलियों के रूप में लिया जा सकता है।

क्यों फायदेमंद है अल्फा का सेवन 

अल्फा-अल्‍फा का इस्‍तेमाल कई स्‍वास्‍थ्‍य स्थितियों के इलाज के लिए किया जाता है। इसे मिनरल का सबसे उच्‍च स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल और अन्य पोषक तत्व कई इसे गुणकारी बनाते हैं। किडनी की समस्‍याओं, अर्थराइटिस, यूरीन से जुड़ी समस्‍याओं, कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर, स्‍ट्रोक जैसी कई समस्‍याओं का इलाज करने में इसका इस्‍तेमाल किया जाता है। आइए इसके फायदों के बारे में जानें।

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इन रोगों को करता है दूर

  • हड्डियों के गठन और मजबूत बनाने के लिए मिनरल की आवश्‍यकता होती है। यह आवश्‍यक मिनरल अल्‍फा-अल्‍फा में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इसे गठिया के उपचार के लिये बहुत फायदेमंद माना जाता है। अल्‍फा-अल्‍फा (विशेष रूप से इसके बीज से) से बनी चाय गठिया के उपचार में लाभदायक परिणाम देती है।
  • अल्‍फा-अल्‍फा ब्‍लड शूगर के स्‍तर को कम करने के लिए भी जाना जाता है। इसलिए इसे डायबिटीज को दूर करने का एक प्राकृतिक उपचार माना जाता है। डा‍यबिटीज से पी‍ड़ि‍त व्‍यक्तियों को इसका सेवन करना चाहिए।
  • किडनी से पथरी को दूर करने के लिए भी अल्‍फा-अल्‍फा का उपयोग किया जा सकता है। किडनी की पथरी को गलाकर निकालने में विटामिन ए, सी, ई और जिंक मददगार साबित होते है। इन सब विटामिन और मिनरल को आप अल्फा-अल्‍फा पाउडर और अल्फा-अल्‍फा स्प्राउट में पा सकते हैं।
  • अल्‍फा-अल्‍फा का रस और बराबर मात्रा में ही गाजर और सलाद के पत्तों को मिलाकर नियमित रूप से बालों में लगाइए। इससे आपके बालों के विकास में मदद मिलती है। पोषक तत्‍वों से समृद्ध यह रस बालों के विकास और बालों के झड़ने की रोकथाम के लिए विशेष रूप से उपयोगी होता है।
  • अल्‍फा-अल्‍फा का इस्‍तेमाल महिलाओं के लिए भी बहुत उपयोगी होता है। अल्‍फा-अल्‍फा में मौजूद एस्ट्रोजेनिक गुण के कारण यह महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान होने वाले लक्षणों और दर्द को कम करने का बहुत ही प्रभावी उपाय है।
  • अल्‍फा-अल्‍फा का जूस क्‍लोरोफिल का बहुत अच्‍छा स्रोत है इसलिए यह सांस से जुड़ी परेशानियों के उपचार में भी कारगर होता है। सांस की तकलीफ विशेष रूप से फेफड़ो और साइनस के कारण होने वाली समस्‍याओं के समाधान के लिए इसके जूस का इस्‍तेमाल किया जाता है।

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