6 मंत्र जो मुश्किल वक्‍त में भी दें आपको सहारा

वक्‍त कब आपके साथ हो और कब आपके खिलाफ, कोई नहीं जानता। वक्‍त जब आपके साथ होता है तो आपको सब कुछ अच्‍छा-अच्‍छा लगता है। आपको सारी दुनिया अपनी साथी लगती है और जैसे ही वक्‍त आपके खिलाफ हो जाता है आपका साया भी आपका साथ छोड़ देता

Bharat Malhotra
मानसिक स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Bharat MalhotraPublished at: Mar 08, 2014
6 मंत्र जो मुश्किल वक्‍त में भी दें आपको सहारा

वक्‍त कब आपके साथ हो और कब आपके खिलाफ, कोई नहीं जानता। वक्‍त जब आपके साथ होता है तो आपको सब कुछ अच्‍छा-अच्‍छा लगता है। आपको सारी दुनिया अपनी साथी लगती है और जैसे ही वक्‍त आपके खिलाफ हो जाता है आपका साया भी आपका साथ छोड़ देता है। आपको हर ओर अंधकार और परेशानियां दिखने लगती हैं। आप खो देते हैं अपने जीवन का उद्देश्‍य भी। लेकिन, यही वो वक्‍त होता है जब किसी इनसान के व्‍यक्तित्‍व की परख होती है। कहते हैं सोने की परख आग में तपकर ही होती है और इनसान के व्‍यक्तित्‍व की परख मुश्किलों से लड़कर ही होती है। यकीन रखिये, खुद पर भी और कुदरत पर भी। कोई भी चीज हमेशा के लिए नहीं रहती, फिर चाहे वो बुरा वक्‍त ही क्‍यों न हो।

याद रखें यह अस्‍थायी है

अकबर ने बीरबल से कहा था कि एक ऐसी बात बताओ जिसे सुख में पढ़ने पर दुख हो, और दुख में पढ़ने पर खुशी हो। इस पर बीरबल ने लिखा था, 'यह वक्‍त गुजर जाएगा।' जी... जब वक्‍त आपके साथ न हो, इस बात को याद रखिये। वक्‍त कभी रुककर नहीं रहता। चलते रहना और बदलते रहना ही इसकी फितरत है। अगर आज यह आपके बरखिलाफ है, तो कल यह आपके साथ भी होगा। आज गम है, तो कल खुशी भी होगी। चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं जैसी आप सोचते हैं, इस तथ्‍य को स्‍वीकार करें। रात कितनी ही गहरी हो, सुबह का सूरज उसे भेद कर निकल ही आता है। तो, आप भी इस विश्‍वास को बनाये रखें कि यह वक्‍त आज नहीं तो कल गुजर जाएगा। संयम रखें, धैर्य रखें और अपना काम किये जाएं। चीजें आज नहीं तो कल सुधर ही जाएंगी।

be positve

नजरिया बदलिये, नजारा बदलेगा

सकारात्‍मकता हर गम का इलाज है। मुश्किल वक्‍त में यह आपका सबसे भरोसेमदं सा‍थी होता है। कोई और भले ही आपके साथ न हो, लेकिन आपका यह दोस्‍त अगर आपके साथ है, तो आपको किसी दूसरे की जरूरत नहीं है। हमें हमेशा सकारात्‍मक चीजों और सकारात्‍मक लोगों के आसपास रहना चाहिए। सकारात्मक चीजों में बहुत सी चीजें शामिल हो सकती हैं। इसमें किताबें पढ़ने से लेकर मनोरंजन और कई अन्‍य चीजें शामिल हो सकती हैं। याद रखिए, बुद्ध ने कहा है कि आप वैसे ही बन जाते हैं, जैसे आपके विचार होते हैं। तो अपने विचारों को सकारात्‍मक रखिये और सोचिए कि आप इन परिस्थितियों से कैसे निपट सकते हैं। यह मुश्किल हालात आपको क्‍या सिखा सकते हैं। उन सीखों को गिरह बांध लीजिए। वे हमेशा आपके काम आएंगी। याद रखिये नजरिया बदलते ही नजारे बदल जाते हैं।

 

कभी किसी को मुकम्‍मल जहां

किसी का जीवन संपूर्ण नहीं है। हर किसी की जिंदगी में किसी न किसी चीज की कमी रहती ही है। तो बजाय इसके कि हम उन चीजों का रोना रोयें जो हमारे पास नहीं है, हमें उन चीजों का शुक्रिया अदा करना चाहिए जो कुदरत ने हमें दी हैं। और यदि हम एक बार उन चीजों को याद करेंगे जो यकीन जानिये आपका दुख खुद-ब-खुद कम हो जाएगा। असल में हम अपने पास मौजूद चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं। हम उन्‍हें तवज्‍जो नहीं देते और इसी चक्‍कर में हम परेशान होते रहते हैं।

 

डरे नहीं

हम अकसर एक अनजाने से डर में जीते रहते हैं। और यही बाधा होती है जो हमें जीवन में आगे बढ़ने से रोकती है। सच्‍चाई यह है कि कई बार डरने जैसा कुछ नहीं होता। लेकिन, क्‍योंकि हम कदम बढ़ाने से डरते हैं इसलिए वह डर हम पर हावी होता जाता है। यह डर हमें नकारात्‍मक बनाता है। और नकारात्‍मक जीवन रूपी गाड़ी की सबसे बड़ी ब्रेक है।

 

खुद पर रखें यकीं

यदि आपको खुद पर यकीन है, तो हर मुश्किल आसान है। स्‍वयं से कहें कि आप हर मुश्किल से लड़ सकते हैं। हौसले के सामने तो बड़े-बड़े पर्वत झुक जाते हैं। तो स्‍वयं को प्रेरित करें। अपने मस्तिष्‍क में लगातार इन बातों को दोहराते रहें। और यकीन जानिये आपका शरीर भी धीरे-धीरे इन बातों को स्‍वीकार कर लेगा। और आप पूरे जी-जान से अपने काम करने में जुट जाएगा। खुद पर यकीन से बड़ा दूसरा कोई हथियार नहीं।

 

be positive

बदलने को रहें तैयार

वक्‍त के साथ बदलने की कला सीखें। याद रखिये जड़ नहीं जल बनिये। बहते पानी के साथ बहते जाएं। रवानगी ही जिंदगी है और समय के साथ बदलते रहना ही इनसान का धर्म। यहां मतलबी होना इसका अर्थ नहीं है। बदलने का अर्थ है कि अड़ें नहीं। आप जिस चीज को सत्‍य मानते आए हैं, संभव है कि आज उसकी प्रासंगिकता न हो। यहां नये विचारों को अपनाने के लिए तैयार रहें। याद रखिये, हकीकत को स्‍वीकार आप अपने आप को उनका सामना करने के लिए तैयार कर पाते हैं।

 

याद रखिये वक्‍त हमेशा एक जैसा नहीं रहता। वक्‍त बदलता है और आपको उसे स्‍वीकार करना होगा। अपनी अच्‍छाइयों को बनाये रखते हुए आपको मुश्किलों से लड़ने की हिम्‍मत रखें। आपका हौसला ही आपकी ताकत है।

 

Image Courtesy- Getty Images

 

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