उम्र के 5 पड़ाव, 5 बदलाव, 5 केयर टिप्स और 5 अंदरूनी परिवर्तन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 26, 2017
Quick Bites

  • उम्र के ये 5 पड़ाव हैं महत्वपूर्ण, केयर करें हेल्दी रहें।
  • महिलाओं को अपनी सेहत की फिक्र नहीं होती है।
  • प्रोटीन की अधिकता वाली चीजें जरूर खिलाएं।

28 मई को इंटरनेशनल एक्‍शन वॉर वूमेन मनाया जाता है। इस मौके पर हम आपको बताना चाहते हैं कि महिलाओं को खुद की देखभाल जरूर करनी चाहिए। जी हां लड़कियों और औरतों की जिंदगी इतनी संघर्ष भरी होती हैं और वह अपनी दिनचर्या में इतनी बिजी होती है कि अपनी हेल्‍थ पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे पाती है। फिर वो चाहें स्‍कूल जाने वाली लड़की हो या कॉलेज की बाला या फिर ऑफिस जाने वाली वर्किंग वुमन हो या हाउस वाइफ या फिर एक बड़ी उम्र की महिला, व्यस्त होने के कारण अपनी डाइट पर बिल्कुल ध्यान नहीं देती हैं। जबकि उम्र के 5 पड़ावों में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण उन्‍हें अपनी सेहत का ज्‍यादा ध्‍यान रखना चाहिए।

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आपने अक्‍सर देखा होगा कि ज्यादातर लड़कियों और महिलाओं को अपनी सेहत की फिक्र नहीं होती है। उन्हें लगता है कि इससे उनकी हेल्थ पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा। लेकिन ऐसा नहीं है एक उम्र के बाद लड़कियों की सेहत पर असर दिखने लगता है। ये असर महिलाओं में 30 की उम्र पार करने के बाद ज्‍यादा दिखाई देने लगता है। उन्हें हड्डियों से सम्बंधित परेशानियां शुरू हो जाती है, कभी जोड़ों में दर्द तो कभी कमर में। ऐसा बढ़ती उम्र में कैल्शियम कम होने के कारण होता है। आज हम आपको बताएंगें कि उम्र के हर पड़ाव में लड़कियों को अपनी देखभाल कैसे करनी चाहिए।   


लड़कियों में आने वाले बदलाव

लड़की के शारीरिक विकास के साथ-साथ उसमें मानसिक बदलाव होता है। लेकिन चरण ऐसे भी होते हैं जिससे प्रत्‍येक लड़की को गुजरना पड़ता है, और ये चरण जन्‍म के बाद से आते ही हैं। बाल्‍यावस्‍था, यौवनावस्‍था, वयस्‍क, मां बनने के बाद और बुढा़पे के दौरान महिलाओं में बदलाव होते हैं।


बचपन

छोटी बच्ची अपनी देखभाल खुद से नहीं कर सकती है। वह खुद इतनी छोटी होती है कि उसे आपकी जरूरत होती है। इसलिए इस पड़ाव में अपनी बच्ची को निर्धारित समय पर भोजन करने की आदत डलवायें। इस दौरान उनकी डाइट में गेंहू, ओट्स, रागी, हरी सब्जियां, फल, मीट, अंडे, बीन्स, नट्स आदि होना जरूरी है। उन्हें प्रोटीन की अधिकता वाली चीजें जरूर खिलाएं।  


युवावस्‍था

लड़कियों के जीवन का यह दौर सबसे मुश्किल भरा होता है, क्‍योंकि इस दौरान शरीर में सबसे ज्‍यादा बदलाव आते हैं। इस समय लड़कियां अपने खानपान को लेकर लापरवाह भी हो सकती हैं। 10 साल की उम्र के बाद महिलाओं में मासिक धर्म होना शुरू हो जाता है। लड़की के शरीर में सबसे अधिक बदलाव किशोरावस्‍था के दौरान होता है। इस समय एस्‍ट्रोजन नामक हार्मोन का स्‍तर शरीर में बढ़ता है, इसके कारण लड़की के स्‍तनों में वृद्धि होती है। इस दौरान प्रजनन अंगों में भी बदलाव होते हैं। इसलिए लडकियों को अच्‍छी डाइट देनी चाहिए और अपनी अच्‍छे से देखभाल करनी चाहिए। तेजी से विकास और खून की कमी होने के खतरे के कारण उनके आहार में आयरन, हाई कैलोरी व प्रोटीनयुक्त चीजों को शामिल करें।


वयस्‍क

शादी के बाद लड़की जिंदगी बदलती है, उसकी जिम्‍मेदारियां बढ़ती हैं और वह एक नई जिंदगी में प्रवेश करती है। नई जिम्‍मेदारियों के साथ नये रिश्‍ते जुड़ते हैं और लड़की के जीवन का नजरिया भी बदलता है। शादी के बाद लड़कियों में शारीरिक आने लगते हैं जैसे सेक्‍स हार्मोंस में वृद्धि, स्‍तनों का आकार बढ़ना और साथ ही उत्‍तकों का विकास होना। इसके अलावा उन्‍हें मानसिक बदलाव का भी समाना करना पड़ता है, क्‍योंकि हर बात को लेकर सोच बदल जाती है और किसी भी काम को करने से पहले उसे बहुत सोचना पड़ता है। ऐसे में वह अपनी देखभाल नहीं कर पाती। लेकिन उम्र के इस पड़ाव में उसे अपनी डाइट को पूरा ध्‍यान रखना चाहिए।

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मां

लड़की को उस समय एक अलग सा एहसास होता है जब वह मां बनती है। शायद यह उसके जीवन का सबसे अच्‍छा दौर होता है। एक मां की जिम्‍मेदारियों को वहन करना भी एक चुनौती की तरह होता है। अक्सर देखा गया है कि बच्‍चे के जन्‍म के बाद हार्मोंस में बदलाव के कारण महिलाएं ज्यादा चि‍ड़चिड़ी हो जाती हैं। लेकिन इन सब जिम्‍मेदारियों के चलते वह अपना ध्‍यान बिल्‍कुल भी नहीं रख पाती है। जबकि बच्‍चे को पोषक तत्‍व अपनी मां से ही मिलते हैं। जब बच्‍चा मां का दूध पीता है तो वो अंदर से बहुत थकान और कमजोरी महसूस करती है। इसका कारण बच्‍चे को दूध पिलाना नहीं बल्कि अपनी देखभाल न करना है। इसलिए ऐसे समय में महिलाओं को बच्‍चे के साथ-साथ अपनी भी देखभाल करनी चाहिए।


मेनोपॉज

महिला के जीवन में यह दौर तब आता है जब उसके पीरियड्स आने बंद हो जाते हैं। इस समय हार्मोन में परिवर्तन के कारण शरीर में जलन का महसूस होना, अनिद्रा, दिल का तेजी से धड़कना, बात-बात पर गुस्‍सा आना, घबराना, परेशान रहने जैसी समस्‍या हो सकती है। इस दौरान बालों का रंग सफेद भी हो जाता है, और कैल्शियम की कमी के कारण शरीर कमजोर हो जाता है। लेकिन ऐसे समय में भी महिलाएं अपना ध्‍यान नहीं रखती है। इसीलिए डाइट में ऐसा खाना खाएं जो कैल्शियम और मिनरल्स से युक्त हो। इसीलिए डाइट में ऐसा खाना खाएं जो मिनरल्स से युक्त हो।

महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ शरीर में बदलाव लाजमी है। जिसकी अनदेखी करने से समस्या और भी बढ़ सकती है। इसीलिए अपनी डाइट का ख्‍याल रखना चाहिए समय-समय पर बॉडी चेकअप कराते रहना चाहिए।

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Image Source : Shutterstock.com

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