पीठ पर दानों और मुंहासों से हैं परेशान, तो इन 5 आसान तरीकों से पाएं छुटकारा

अगर आप सोच रहे हैं कि मुंहासे आने की आपकी उम्र अब लद चुकी है तो यह आपकी गलतफहमी है, आपको इस बारे में दोबारा से सोचने की जरूरत है। पीठ पर मुंहासे चेहरे पर आए मुंहासे के समान ही है और यह किसी भी उम्र में आ सकते हैं। 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: May 23, 2019
पीठ पर दानों और मुंहासों से हैं परेशान, तो इन 5 आसान तरीकों से पाएं छुटकारा

यह कहना सही है आपके लिए किसी भी उम्र में मुंहासे से निपटना मुश्किल हो सकता है। अगर आप सोच रहे हैं कि मुंहासे आने की आपकी उम्र अब लद चुकी है तो यह आपकी गलतफहमी है, आपको इस बारे में दोबारा से सोचने की जरूरत है। मुंहासे होने के मुख्य कारणों में जेनेटिक, खराब आहार यानी फैटी एसिड का अधिक सेवन, उच्च आर्द्रता के साथ कार्य स्थिति, अत्यधिक पसीना आना, तनाव और सप्लीमेंट का अधिक सेवन विशेष रूप से विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की उच्च खुराक।

पीठ पर मुंहासे चेहरे पर आए मुंहासे के समान ही है और यह किसी भी उम्र में आ सकते हैं...अगर आप भी इससे जूझ रहे हैं तो हम आपको इससे बचाव के उपाय सुझा रहे हैं। आप इन उपायों के सहारे मुंहासे से निजात पा सकते हैं।

एक्सफोलिएट

एक्सफोलिएशन (त्वचा की सबसे बाहरी सतह पर मौजूद पुरानी मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाना) स्वस्थ त्वचा के लिए बेहद जरूरी है। हम हमेशा हमारे चेहरों को एक्सफोलिएशन के बारे में बात करते हैं हालांकि हमें हमारी पीठ को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह भी बेहद जरूरी है। दो सप्ताह में कम से कम एक बार एक्सफोलिएट करना जरूरी है ताकि छिद्र कभी बंद न हों। एक्सफोलिएशन पसीना आने से रोकता है, जिसके परिणामस्वरूप पीठ में मुंहासे और संक्रमण हो सकता है।

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डैनड्रफ से छुटकारा पाएं

विशेषज्ञों का कहना है कि डैनड्रफ मूल रूप से एक फंगल इंफेक्शन है।  सिर की खाल में सीबम जमा होने के कारण डैनड्रफ जमा हो जाता है। वहीं ग्लेंज भी पीठ पर पाया जाता है और फंगल इंफेक्शन आपके सिर से होते हुए आपकी पीठ तक पहुंच जाता है, जिसके कारण मुंहासे होते हैं। इसलिए अपनी पीठ पर संक्रमण की संभावना को कम करने के लिए सबसे पहला कदम है कि डैनड्रफ को हटाएं।

डाइट का प्रभाव

सैचुरेटेड फैट के सेवन को कम करने से पीठ के मुंहासे से छुटकारे पाने में मदद मिल सकती है। इसका मतलब है कि फास्ट फूड से परहेज करें। कॉफी, वातित पेय और रेडबुल जैसे कैफीन के उच्च सांद्रता वाले पेय का सेवन भी कम किया जाना चाहिए। 10 से 12 गिलास पानी पीने से तेल स्राव को कम करने में मदद मिलेगी और मुंहासे में कमी आएगी।

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पीठ को पसीना मुक्त रखें

अगर आपके बाल लंबे हैं तो सुनिश्चित करें कि वर्कआउट करते वक्त उन्हें बांध लें। लंबे बाल और पसीना दोनों का संयोजन ग्लैंड में दिक्कत पैदा कर सकता है, जिससे पीठ पर मुंहासे हो सकते हैं। विशेषज्ञ वर्कआउट करते वक्त पसीना सोखने वाले कपड़े पहनने की सलाह देते हैं। इसके अलावा वर्कआउट के बाद तुरंत नहाएं और मुंहासे रोधी साबुन का प्रयोग करें।

पेशेवर मदद लें

अगर इन नुस्खों के प्रयोग के बाद भी दो सप्ताह से अधिक समय तक भी मुंहासे रहते हैं तो डॉक्टर से परामर्श लें। दवाएं आपके लिए आखिरी हथियार हैं क्योंकि ये संक्रमण और जलन को कम करने में मदद कर सकती हैं।

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