घर के बुजुर्गों में दिखने वाले ये 5 लक्षण बताते हैं उनके स्वास्थ्य का हाल, जानें कैसे रखें उनका खास ख्याल

आपके माता-पिता उम्रदराज हैं, तो आपको उनकी स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर खास ध्यान देना चाहिए।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Jan 29, 2020
घर के बुजुर्गों में दिखने वाले ये 5 लक्षण बताते हैं उनके स्वास्थ्य का हाल, जानें कैसे रखें उनका खास ख्याल

माता-पिता को बूढ़े होते हुए देखना हर बच्चे के लिए निराशाजनक होता है। पर वक्त के साथ आपके माता-पिता की उम्र जैसे-जैसे बढ़ने लगती है, उन्हें शरीर से जुड़ी कोई न कोई परेशानी होने लगती है। ऐसे में जरूरत है आप अपने माता-पिता जितना हो सके, उतना ख्याल रखें। सबसे पहले आपको अपने माता-पिता में हो रहे शारीरिक और व्यवहारगत परिवर्तनों पर अधिक ध्यान देना होगा, ताकि यह पता लग सके कि उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है या उन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता तो नहीं है। वहीं कुछ बेसिक चीजों की बात करें, तो आपको अपने माता-पिता का रेगुलर चेकअप करवाते रहना चाहिए। वहीं जैसे ही वो रिटायरमेंट लें उन्हें आप कुछ नई और रोचक चीजों को करने के लिए प्रेरित करें। वहीं आप उन कुछ संकेतों को समझने की कोशिश करें, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आपके माता-पिता बीमार हो रहे हैं या अब उनको आपकी जरूरत है।

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वे अभी अपनी जिम्मेदारियों से फ्री नहीं हो रहे हैं

आपके माता-पिता हर दिन किसी बीमारी या कमजोरी के कारण काम से अधिक दिन दूर रहते हैं। हर सीजन परिवर्तन के लिए आपको अपने बीमार माता-पिता को डॉक्टर से मिलने के लिए ले जाना पड़ता है। वे शायद उतने शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं थे जितना कि वे हुआ करते थे। ये कुछ संकेत हैं जो उनकी प्रतिरक्षा और शारीरिक शक्ति कमजोर होने पर इशारा कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि आपके माता-पिता किस तरह से थक रहे हैं और कई कामों को किस तरह से कर रहे हैं।

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अधिक भुलक्कड़ होना

घर की छोटी-छोटी चीजें जैसे- टेलीविजन, पंखे या वाशिंग मशीन को बंद करना भूल जाता है। लोगों और स्थानों समय के बीच भ्रमित हो जाना भी भुलक्कड़ होने का एक सबसे बड़ा संकेत है। वहीं बूढ़े होने के साथ  निर्देशों का पालन करना मुश्किल हो जाता है। ऐसा अगर होता है तो आपको अपने माता-पिता को उचित चिकित्सीय परीक्षण के लिए ले जाना चाहिए। ऐसा इसलिए भी क्योंकि भूलने की बीमारी डिमेंशिया या अल्जाइमर रोग की शुरुआत हो सकती है। वहीं वक्त के साथ इसका इलाज नहीं किया गया तो ये और गंभी रूप धारण कर सकती है।

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चिड़चिड़ाहट और शरीर में दर्द 

चिड़चिड़ाहट और शरीर में जकड़न जैसी शारीरिक परेशानियां उम्र बढ़ने के साथ बढ़ने लगती हैं। इस वजह से कई गतिविधियों को आसानी से करने में कठिनाई होती है जो वो पहले बड़े आराम से कर सकते थे। वहीं जब आपके माता-पिता जोड़ों के दर्द की शिकायत करने लगे तो या गर्म पानी गर्म पानी की बोतल के साथ बैठें, ये संकेत संकेत दे सकत हैं कि आपके माता-पिता की हड्डियों की सेहत बिगड़ रहा है। इसके साथ ही अगर आपके माता-पिता बात पर गुस्सा हो जा रहे हैं, तो ये संकेत है कि उनके स्वास्थ्य में लगातार बदलाव आ रहा है।

अचानक से गुस्सा होना या एकांत में रहना

वृद्धावस्था आपके माता-पिता को कई तरह से परेशान कर सकता है। उदाहरण के लिए, उनकी गिरती स्वास्थ्य और गतिशीलता और बढ़ती निर्भरता उन्हें और अधिक गुस्सेल और अशांत बना सकती है। अचानक से गुस्सा होना और फिर कभी एकांत की मांग करना आपको परेशान कर सकता है। अगर माता-पिता की इन चीजों को आप पहले ही पहचान लें, तो ये आप उनके इन चीजों को कम करने की कोशिश कर सकते हैं। इस तरह की चीजों से बचने के लिए आपव उन्हें योगा क्लास और आस पास के लोगों से दोस्ती करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। 

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लगातार वजन का घटाना

अगर आपके माता-पिता अपने आहार को नियंत्रित किए बिना या किसी शारीरिक गतिविधि में संलग्न हुए बिना अपना वजन कम कर रहे हैं, तो इसका मतलब ये है कि वो बीमार हैं। अगर वो लगातार इसी तरह से कमजोर लग रहे हैं तो ये कुपोषण, अवसाद, मनोभ्रंश, चिंता विकार जैसे कई अंतर्निहित गंभीर कारणों के कारण हो सकता है। कनाडा के मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार हृदय श्वसन जठरांत्र संबंधी रोग या किसी पुराने संक्रमण के कारण भी आपके माता-पिता का लगातार वजन घट सकता है।

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