ये 5 लक्षण बताते हैं लिवर की बीमारी का संकेत, एक्सपर्ट से जानें जरूरी सावधानियां और बचाव के तरीके

लिवर से जुड़ी बीमारियों का पता एक दिन में नहीं चलता। ये धीमे-धीमे बढ़ते हैं और किसी बड़ी बीमारी का कारण बन सकते हैं। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Dec 22, 2020Updated at: Dec 22, 2020
ये 5 लक्षण बताते हैं लिवर की बीमारी का संकेत, एक्सपर्ट से जानें जरूरी सावधानियां और बचाव के तरीके

लिवर (liver)एक ऐसा अंग है, जो शरीर से जहरीले रसायनों को फिल्टर करता है और इसे मल या मूत्र के रूप में शरीर से बहार निकालता है। शरीर के इन वेस्ट चीजों को पित्त भी कहते हैं, जो कि लिवर में बनता है और मल का भूरा रंग भी इसी के कारण होता है। इसके अलावा लिवर के कई और काम भी हैं, जैसे कि ब्लड शुगर को नियंत्रित करना, ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलना और प्रोटीन का संतुलन बनाना। पर अगर आपके लिवर के काम काज में गड़बड़ी आ जाए, तो ये तमाम चीजें प्रभावित हो जाती है। लिवर से जुड़े सबसे गंभीर परेशानियों की बात करें, तो इसमें लिवर में ट्यूमर का बनना और लिवर में कैंसर आदि शामिल हैं। पर इसके अलावा लिवर से जुड़ी कुछ आम बीमारियां भी हैं, जिन्हें आप लाइफस्टाइल की मदद से सही कर सकते हैं। लिवर से जुड़ी इन्हीं तमाम बीमारियों  के बारे में जानने के लिए हमने डॉ. कपिल शर्मा से बात की, जो कि गैस्ट्रो स्पेशलिस्ट हैं और दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल और मेडिकल रिसर्च सेंटर में कार्यरत हैं।

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लिवर से जुड़ी आम बीमारियां -Liver Diseases

1. हेपेटाइटिस

हेपेटाइटिस आपके लिवर का एक वायरल संक्रमण है। यह लिवर में सूजन और लिवर फ्लेयोर का कारण बनता है, जिससे आपके लिवर का काम करना मुश्किल हो जाता है। हेपेटाइटिस संक्रामक कई प्रकार के होते हैं, लेकिन आप ए और बी के लिए टीकाकरण करवाकर या अन्य निवारक कदम उठाकर अपने जोखिम को कम कर सकते हैं।

2. फैटी लिवर की बीमारी

लिवर में फैट बिल्डअप से फैटी लिवर की बीमारी हो सकती है। फैटी लीवर रोग के दो प्रकार के हाते हैं। पहला जो कि ज्यादा शराब पीने के कारण होता है और दूसरा गैर-फैटी लिवर रोग, जो अन्य कारकों के कारण होता है। इन दोनों के कारण व्यक्ति को सिरोसिस और  लिवर फेल्योर की परेशानी हो सकती है। इसे ठीक करने के लिए आहार और अन्य जीवन शैली में परिवर्तन करना बेहद जरूरी है।

3. ऑटोइम्यून स्थितियां

ऑटोइम्यून स्थितियों में आपके प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से आपके शरीर में स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करती हैं। इसमें आपकी कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं और अन्य परेशानियां होने लगती हैं।

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लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियां

1.लिवर में शुरुआती ट्यूमर -Benign tumor

डॉ. कपिल शर्मा बताते हैं कि लिवर में होने वाले ट्यूमर को आप दो तरीके से बांट सकते हैं। पहला जिसमें हम प्राथमिक लिवर के ट्यूमर (Benign tumors of the liver)की बात करें, तो इसमें लिवर के अंदर ट्यूमर कुछ गांठ के रूप में उत्पन्न होता है। इसमें पहले को व्यक्ति के पेट में हाइड्रेटेड सिस्ट और बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह से गांठें पड़ने लगती हैं। इसके कारण व्यक्ति को बुखार आता है, उल्टी होती है, सुस्त रहती है और पीलिया भी हो जाता है।

2.सेकंडरी लिवर ट्यूमर -Malignant tumor

इसमें ट्यूमर का रूप बदलने लगता है और वो बाकी अंगों को भी प्रभावित करने लगता है। जैसे कि लिवर का बाकी अंगों से भी कनेक्शन रहता है, जिस वजह से ये मेटास्टैटिक ट्यूमर के लिए आसान सा साइट बन जाता है, और इसी की वजह से लोगों को लिवर कैंसर हो जाता है।

लिवर की बीमारियों का आम कारण -Causes of liver disease 

  • -वायरल संक्रमण, जैसे कि हेपेटाइटिस ए, बी, या ई
  • -क्रोनिक हेपेटाइटिस बी या हेपेटाइटिस सी संक्रमण
  • -एंटीबायोटिक दवाओं विशेषतौर पर मिरगी-रोधी दवाओं के कारण
  • -खराब मेटाबोलिज्म के कारण
  • -ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस के कारण
  • -विषाक्त पदार्थों के संपर्क में, जैसे कि औद्योगिक रसायन के संपर्क में आने से
  • -ज्यादा शराब पीने के कारण
  • -खराब लाइफस्टाइल के कारण
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लिवर से जुड़ी बीमारी के 5 संकेत -Sign of liver disease

1. बार-बार पीलिया होना (Jaundice)

अगर किसी का लिवर सही से काम नहीं कर पा रहा है, तो उसे पीलिया हो सकता है। पीलिया अतिरिक्त बिलीरुबिन (bilirubin) के कारण होता है, जो तब बनता है जब हीमोग्लोबिन पुराने या क्षतिग्रस्त लाल रक्त कोशिकाओं को पुनर्नवीनीकरण की सामान्य प्रक्रिया में टूट जाता है। आम तौर पर, बिलीरुबिन लिवर द्वारा ही बनता होता है और पाचन तंत्र में मिल जाता है। पर जब इसमें गड़बड़ी होती है, तो ये पीलिया का कारण बनता है।

2.पेट दर्द और सूजन रहना

जब भी किसी में लिवर से जुड़ी परेशानी शुरू होती है, तो उसमें व्यक्ति को पेट दर्द और सूजन रहता है। इसका आम कारण वैसे तो वायरस इंफेक्शन है, लेकिन अन्य कारणों जैसे कि ज्यादा शराब पीना,  विषाक्त पदार्थों का शरीर में बढ़ जाना, कुछ दवाएं और कुछ चिकित्सा स्थितियां आदि भी पेट दर्द और सूजन का कारण बनते हैं।

3.त्वचा में खुजली

लिवर की  गंभीर बीमारियां होने पर त्वचा में खुजली और रैशेज हो सकते हैं। हालांकि ये कई अन्य लक्षणों के साथ नजर आते हैं, जिसमें कि आप अपने डॉक्टर से मदद ले सकते हैं और इसका इलाज करवा सकते हैं।

4. गहरे रंग का मूत्र

मूत्र जो गहरे नारंगी, एम्बर, कोला-रंग या भूरे रंग का होता है, लिवर के रोग का संकेत हो सकता है। ये रंग बहुत अधिक बिलीरुबिन के निर्माण के कारण होता है क्योंकि जिगर इसे सामान्य रूप से नहीं तोड़ पा रहा होता है। तो, अगर आपके मल-मूत्र के रंग में बदलाव नजर आए, तो ये लिवर की गतिविधियों के खराब होने का संकेत हो सकता है।

5.जी मिचलाना और उल्टी

पाचन तंत्र से जुड़ी किसी भी परेशानी के होने पर जी मिचलाना और उल्टी आना कुछ सामन्य लक्षणों में से एक हैं। मतली, उल्टी और पेट दर्द लिवर की बीमारी के सामान्य शुरुआती लक्षण हैं, जो कि बीमारी के बढ़ने के साथ बढ़ने लगती है।

लिवर की बीमारियों से बचने का उपाय

लिवर से जुड़ी बीमारियों से बचे रखने का आसान उपाय ये है कि पहले तो अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में कुछ हेल्दी बदलाव करें। जैसे कि 

  • -शराब को सीमित करना
  • -वजन संतुलित रखना
  • -अधिक पानी पीना
  • -लिवर के अनुकूल आहार को अपनाना जिसमें फैट, चीनी और नमक को कम करते हुए भरपूर मात्रा में फाइबर शामिल हो।
  • - मशरूम और नट्स जैसे जिंक वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करना।

इन सबके अलावा गंभीर स्थितियों में डॉक्टर एंटीवायरल ड्रग्स की मदद लेकर इन बीमारियों का इलाज करते हैं। साथ ही सूजन को कम करने के लिए स्टेरॉयड, ब्लड प्रेशर की दवा, खुजली का इलाज और लिवर को हेल्थ को बूस्ट करने के लिए विटामिन और सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं। पर अगर आपको लिवर से जुड़ी कोई भी परेशानी है या आपको इनमें से कोई भी संकेत महसूस हो रहे हैं, तो आपको इसके लिए अपने डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए और इलाज करवाना चाहिए।

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