कब्‍ज दूर कर पेट साफ करते हैं ये 5 कारगर आयुर्वेदिक उपचार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 25, 2018
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Quick Bites

  • कब्‍ज के कारण तमाम तरह की बीमारियां पैदा होती है।
  • आयुर्वेदिक उपचार के माध्‍यम से आप कब्‍ज को दूर कर सकेंगे
  • सुबह-सुबह पेट साफ होने में किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं होगी।

कब्‍ज एक ऐसी समस्‍या है जिससे ज्‍यादातर लोग परेशान रहते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, इस प्रकार की समस्‍या वात, पित्‍त और कफ के बिगड़ने से होती है। जब भी कब्‍ज की समस्‍या होती है तो इसका सीधा असर मल पर पड़ता है। कब्‍ज की वजह से सुबह-सुबह ठीक तरह से मल का निष्‍कासन नहीं हो पाता है। यह आमतौर पर खराब जीवनशैली की वजह से होता है। खानपान में फाइबर की कमी और कम पानी पीने की वजह और एक्‍सरसाइज न करने और ज्‍यादा मीट का सेवन करने से ये समस्‍या ज्‍यादा देखने को मिलती है। कब्‍ज के कारण तमाम तरह की बीमारियां पैदा होती है। आज हम आपको इस लेख के माध्‍यम से 5 ऐसे आयुर्वेदिक उपचार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके माध्‍यम से आप कब्‍ज को दूर कर सकेंगे, साथ ही इससे आपको सुबह-सुबह पेट साफ होने में किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं होगी।

वात दोष को शांत करने की डाइट

कब्‍ज का मुख्‍य कारण वात दोष होने के कारण इसे शांत करना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए जरूरी है कि आप ठंडे आहार और पानी ये दूर रहें। इसके आलावा कुछ ड्राई फ्रूट, सलाद और बीन्‍स का भी सेवन नहीं करना चाहिए। हमेशा गर्म प्रकृति के आहार और हल्‍का गर्म पानी का सेवन करें और सब्जियों को अच्‍छी तरह से पकाकर खाएं।

त्रिफला है बेहतरीन उपचार

वात दोष में त्रिफला को सबसे विश्‍वसनीय और प्रभावी उपचार माना जाता है। ये फल कब्‍ज में बहुत लाभकारी होते हैं। आप त्रिफला चाय या फिर आप त्रिफला को एक चौथाई चम्‍मच, आधा चम्‍मच धनिया के बीच, एक चौथाई चम्‍मच इलायची के दाने को पीस लें और इसे दिन में दो बार लें। त्रिफला में ग्लाइकोसाइड होता है जिसमें रेचक गुण होते हैं। इलायची और धनिया के बीज पेट फूलना और अपमान से छुटकारा पाने में मदद करते हैं। 

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दूध और घी

आयुर्वेद के अनुसार, एक से दो चम्‍मच देसी घी को एक ग्‍लास गर्म दूध में मिलाकर सोने से पहले पीएं, यह कब्‍ज के लिए बहुत ही प्रभावी और बेहतरीन उपाय साबित हो सकता है। यह विशेषकर वात और पित्‍त दोष के लिए लाभकारी होता है।

बेल का गुदा

खासकर गर्मी के मौसम में पैदा होने वाला बेल सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसे कब्‍ज के लिए रामबाण इलाज माना जाता है। वात दोष को शांत करने और कब्‍ज से छुटकारा पाने के लिए आप रोजाना आधा कप बेल का गुदा और एक चम्‍मच गुड़ का सेवन रात को खाने से पहले शाम को ले सकते हैं। यह आपको कब्‍ज की समस्‍या से निजात दिलाएगा। इसके अलावा आप बेल के शरबत का भी सेवन कर सकते हैं। यह भी उतना ही फायदेमंद होता है। 

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अंजीर है जबरदस्‍त

अंजीर को अंग्रेजी में Fig कहते हैं। अंजीर को गर्म पानी में भिगोकर खाने से कब्‍ज की समस्‍या से छुटकारा मिलता है। यह खासकर बच्‍चों को होने वाली कब्‍ज के लिए उन्‍हें दिया जा सकता है। दरअसल, अंजीर में भारी मात्रा में फाइबर होता है जो आंतों की अच्‍छी तरह से सफाई करता है। आयुर्वेद के अनुसार अंजीर का सेवन रोजाना किया जा सकता है इससे पुराने से पुराना कब्‍ज दूर हो सकता है।

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