ब्राह्मी (मंडूकपर्णी) को आयुर्वेद में माना जाता है कई समस्याओं का रामबाण इलाज, एक्सपर्ट से जानें इसके 5 फायदे

Gotu Kola को हमारे यहां मंडूकपर्णी या ब्राह्मी कहा जाता है। ये स्ट्रेस और एंग्जायटी को दूर करने के साथ मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाता है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Nov 26, 2020
ब्राह्मी (मंडूकपर्णी) को आयुर्वेद में माना जाता है कई समस्याओं का रामबाण इलाज, एक्सपर्ट से जानें इसके 5 फायदे

कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया भर में इसके कारण लोगों को आर्थिक, सामाजिक और निजी तौर पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन तमाम नुकसानों का सबसे ज्यादा असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर हो रहा है। इसके चलते लोगों को एंग्जायटी, स्ट्रेस, नींद की कमी और कई तरह के मानसिक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आयुर्वेद इन मानसिक परेशानियों से लड़ने और इन्हें कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकता है।  मण्डूकपर्णी या ब्राह्मी  (Gotu Kola) एक कारगर आयुर्वेदिक औषधी है, जो कि मानसिक परेशानियों को कम करने में एक रामबाण उपाय साबित हो सकता है। इसलिए हमने मण्डूकपर्णी के फायदे  (Benefits Of Brahmi) और  मंडूकपर्णी का उपयोग को लेकर डॉ. नीलेश निगम से बात की, जो कि एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं और नवम आयुर्वेद पंचकर्म एवं कल्याण केंद्र, लखनऊ के निदेशक और मुख्य सलाहकार भी हैं।

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 ब्राह्मी (मण्डूकपर्णी) के फायदे  (benefits of brahmi or gotu kola in hindi)

डॉ. नीलेश निगम  बताते हैं कि इन दिनों कोरोना वायरस के कारण लोगों में काफी मानसिक हलचल है। इसका असर लोगों के मन, मस्तिष्क और नींद पर गहराई से हो रहा है। मण्डूकपर्णी एक ऐसा औषधी है, जो कि ब्रेन बूस्टर (brain booster) और मूड को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा ये मेमोरी और नर्व फंक्शन को भी स्मूद रखने में मदद करता है। बात चाहे बच्चों की हो या बूढों की, ये हर उम्र के उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो कि कमजोर मस्तिष्क या किसी तरह की मानसिक स्मस्याओं से गुजर रहें हो। 

1.बच्चों के लिए मेमोरी बूस्टर है ब्राह्मी (मण्डूकपर्णी)  

बच्चों के लिए ब्राह्मी मेमोरी बूस्टर (memory booster herbs) की तरह काम करता है। दरअसल, ब्राह्मी उन बच्चों के लिए ज्यादा फायदेमंद है, जो कि कंस्ट्रक्शन से जुड़ी परेशानियों को झेल रहे होते हैं। ये ब्रेन के कॉग्निटिव फंक्शन को बढ़ाता है, जो कि बच्चों में  क्रिएटिव थिंकिंग और लर्निंग को भी बढ़ावा देता है। इसके लिए आप बच्चों को  ब्राह्मी का चेबलेट या ब्राह्मी वटी दे सकते हैं।

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2.स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करता है

ब्राह्मी (मण्डूकपर्णी) हर उस इंसान के लिए फायदेमंद है, जो कि स्ट्रेस और एंग्जायटी (brahmi for stress and anxiety) से जुड़ी परेशानियों से गुजर रहा है। ब्राह्मी ब्रेन में लोकोमोटर एक्टिविटी को बेहतर बनाता है और ऑक्सीडेटिव डैमेज को कम करता है। इस तरह से ये एंग्जायटी में कमी लाता है। साथ ही ब्राह्मी में कुछ ऐसे गुण भी हैं, जो कि आपके मूड को बूस्ट करता है और हार्मोनल डिसबैलेंस में कमी लाकर मूड स्विंग्स को कम करता है।

3.नींद से जुड़ी गड़बड़ियों को ठीक करता है

नींद न आना युवाओं में तेजी से बढ़ रही परेशानियों में से एक है। ब्राह्मी इंसोमेनिया (insomnia) के लक्षणों में कमी लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मस्तिष्क का लगातार एक्टिव रहना, नींद न आना और दिन भर थकान महसूस करने जैसे तमाम लक्षणों में लोगों को ब्राह्मी के सेवन की सलाह दी जाती है।

4.डिप्रेशन से लड़ने में मददगार है

ब्राह्मी को एंटी-डिप्रेसेंट भी कहा जाता है। ब्राह्मी अर्क को लेना मस्तिष्क के पित्त उत्तेजना को शांत करता है और चिड़चिड़ापन, बेचैनी और अवसाद से जुड़ी भावनाओं (brahmi for depression)में कमी लाने में मदद करता है। इसमें स्लीप इंड्यूसिग गुण होते हैं, तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को अंदर से शांत करती है और दिमाग में ठहराव लाती है। इसलिए जो लोग बहुत ज्यादा लो मूड में रहते हैं, उन्हें इसका चूर्ण और शरबत पीना चाहिए।

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5.अल्जाइमर के लक्षणों को कम करता है

उम्र बढ़ने के साथ अक्सर लोगों में अल्जाइमर के लक्षण तेजी से बढ़ने लगते हैं। अल्जाइमर के लक्षणों को कम करने में  ब्राह्मी आपकी काफी मदद कर सकता है।  ब्राह्मी उम्र बढ़ने के साथ सेल्स के डिजेनरेशन में कमी लाते हैं और ब्रेन के सेल्स  (brahmi benefits for brain)को हेल्दी रखते हैं। ये उम्र बढ़ने के साथ ब्रेन सेल्स में जमा होने वाले प्लॉक में को भी रोकते हैं, जो कि अल्जाइमर के लक्षणों को ट्रिगर कर सकते हैं। इन सबसे के अलावा उम्र बढ़ने के साथ ब्राह्मी लेने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये ब्रेन में सूजन को कम करता है और मेमोरी लॉस की परेशानी से बचाता है।

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ब्राह्मी (मण्डूकपर्णी) का सेवन कैसे करें?

ब्राह्मी (मण्डूकपर्णी) का सेवन पहले तो डॉक्टर की सलाह पर ही करें। पर अगर आपका बच्चा कम दिमाग और कंस्ट्रक्शन से जुड़ी परेशानियों से गुजर रहा है, तो आप उसे ब्राह्मी (मण्डूकपर्णी) से बना  टेबलेट या गोली  और ब्राह्मी घृत (घी) दे सकते हैं। ब्राह्मी अर्क युवाओं के लिए मूड बूस्टर काम कर सकता है और इसलिए आप इसका जूस या शरबत भी सकते हैं। तो, बड़े-बूढ़े ब्राह्मी के चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।

इन सबके अलावा एक बात का और ध्यान रखें कि सर्दियों के इस मौसम में ब्राह्मी का शरबत न पिएं। आप इसकी जगह चाय में इसका अर्क या गर्म पानी के साथ चूर्ण ले सकते हैं। तो, कोरोना काल में अपना और अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें और हेल्दी रहें।

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