शरीर के लिए क्‍यों जरूरी है विटामिन डी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 17, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • शरीर में कैल्शियम का निर्माण होता है।
  • इसके अभाव में हड्डी कमजोर होती हैं।
  • कैल्शियम के स्तर को नियंत्रि‍त करता है।
  • घुलनशील प्रो-हार्मोन का एक समूह होता है।

विटामिन डी की मदद से शरीर में कैल्शियम का निर्माण होता है और कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक होता है। इसके अभाव में हड्डी कमजोर होती हैं व टूट भी सकती हैं, साथ ही इसके अभाव से हड्डियों की नरमाई बढ़ जाती है। विटामिन डी की कमी से बच्चों में रिकेट्स का खतरा बढ़ जाता है। विटामिन डी का स्तर अधिक होने पर शरीर के विभिन्न अंगों- जैसे गुर्दों, हृदय, रक्त वाहिकाओं और अन्य स्थानों में पथरी हो सकती है। विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के स्तर को भी नियंत्रि‍त करता है। आइए जानें विटामिन डी क्या हैं।

vitamin d in hindi

विटामिन डी

विटामिन डी वसा में घुलनशील प्रो-हार्मोन का एक समूह होता है। जो आंतों से कैल्शियम को सोखकर हड्डियों में पहुंचाता है। ये दो प्रकार के होते हैं-विटामिन डी 2 या अर्गोकेलसीफेरोल और विटामिन डी 3 या कोलेकेलसीफेरोल। शरीर को बाहरी संक्रमण से बचाने वाली टी कोशिकाओं की क्रियाविधि को भी विटामिन डी के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में विटामिन डी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


विटामिन डी की कमी से बीमारियों का खतरा

दीकन यूनिवर्सिटी के राबिन डैली के अनुसार, आस्ट्रेलिया में विटामिन डी कमी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यह समस्या पूरे विश्‍व में भी पनपती जा रही है। सूर्य के प्रकाश में इसकी उपलब्धता के बावजूद आस्ट्रेलिया के लोग इसके शिकार हैं। उन्होंने बताया, ‘विटामिन डी की कमी से कई गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं। हड्डियों की कमजोरी, हृदय संबंधी रोग, ओस्टोपोरेसिस, मांसपेशियों में कमजोरी, कैंसर और टाइप टू का मधुमेह जैसी बीमारियां पनप सकती हैं।

vitamin d in hindi

विटामिन डी के स्रोत

विटामिन डी अंडे के पीले भाग, मछली के तेल, मक्खन, दूध और धूप सेंकने से प्राप्त किया जा सकता है। विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए जरूरी है कि प्रतिदिन सुबह-सुबह धूप सेंकी जाए। इतना ही नहीं विटामिन डी से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से भी शरीर की भीतरी कमजोरी को दूर किया जा सकता है।


विटामिन डी अधिकता से भी बीमारियों का खतरा

हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर को सक्रिय रखने के लिए विटामिन डी की भरपाई करना जरूरी है लेकिन इसका ये अर्थ नहीं कि विटामिन डी का ओवर डोज लिया जाए। विटामिन डी की अधिकता से कई बीमारियां हो सकती हैं जैसे- कोलेस्ट्रोल का बढ़ जाना, रक्तचाप का बढ़ जाना, हृदय संबंधी रोग। इसके साथ ही चक्कर आना, कमजोरी लगना और सिरदर्द, आदि भी हो सकता है। पेट खराब होने से दस्त भी हो सकता है।

Image Source : Getty
Read More Articles on Healthy Living in Hindi  

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES210 Votes 33045 Views 2 Comments
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • harsh06 Jan 2016

    This is very intresting article, everyone need vitamin D, Thanks for sharing such a nice article.

  • ashokbhai01 Jan 2012

    thanks for helpness advice

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर