एलडीएल कोलेस्ट्रॉल क्या होता है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 10, 2013
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रक्त में वसा के प्रोटीन कॉम्प्लेक्स को लिपो-प्रोटीन कहते हैं। लिपो-प्रोटीन के दो प्रमुख प्रकार एलडीएल (कम घनत्व लेपोप्रोटीन) और एचडीएल (उच्च घनत्व लेपोप्रोटीन) होते हैं। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को खराब (बैड) कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है। कोलेस्ट्रॉल रक्त में घुलनशील नहीं होता। एलडीएल के धमनियों की दीवारों में जमा होने से धमनियों में रुकावट होती है, और आगे चल कर यह हृदय के दौरे का कारण बनता है।


हृदय की समस्याएंकम घनत्व लिपोप्रोटीन (लो डेनसिटी लिपोप्रोटीन्स) कोलेस्ट्रॉल को सबसे ज्यादा नुकसानदेह माना जाता है। यह लिवर द्वारा पैदा किया जाता है, जो वसा को लिवर से शरीर के अन्य भागों जैसे मांसपेशियों, ऊतकों, इंद्रियों और हृदय तक पहुंचाता है। यह बहुत आवश्यक है कि शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम रहे। इसके अधिक होने की स्थिति में यह रक्तनली की दीवारों पर यह जमना शुरू हो जाता है और कभी-कभी नली के छिद्र बंद हो जाते हैं। ऐसे में हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। राष्ट्रीय कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर सौ मिली ग्राम/डीएल से कम होना चाहिए। यदि शरीर में एलडीएल (बुरा) कोलेस्ट्रॉल अत्यधिक होता है, तो यह धीरे-धीरे हृदय तथा दिमाग को रक्त प्रवाह करने वाली धमनियों की भीतरी की दीवारों में जमा हो जाता है। यदि एक थक्का(क्लॉट) जमकर संकरी हो चुकी धमनी में रुकावट डाल देता है, तो इससे हृदयाघात या स्ट्रोक हो सकता है।

 

[इसे भी पढ़ें: कार्डियोवस्कुलर हार्ट डिजीज क्या है]

 

अपने एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की जांच कराने से, अपके हृदय रोग के जोखिम के बारे में पता करने में मदद मिलती है। अगर आपका एलडीएल कोलेस्ट्रॉल उच्च है, तो समय पर और सही इलाज, दिल के दौरा होने की संभावना को कम कर सकता है।

 

एलडीएल और कोलेस्ट्रॉल
आपके शरीर में एलडीएल हमेशा होना चाहिए, लेकिन जब इसकी मात्रा अधिक दो जाती है तो समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इस प्रकार का कोलेस्ट्रॉल अपकी धमनियों की भीतरी दीवारों पर जम सकता है। और समय के साथ एक प्लेक (पट्टिका) नामक पदार्थ बना सकते हैं जो धमनी की दीवारों जमा हो जाता है और उन्हें संकरा और कम लचीला बना देता है। यह स्थिति खतरनाक होती है, क्योंकि रक्त इन्ही धमनियों के माध्यम से हृदय व दिमाग तक पहुंचता है।

 

उच्च एलडीएल का प्रभाव
जब आपके शरीर में एलडीएल अधिक हो जाता है तो दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा भी अधिक हो जाता है। जब प्लेक धमनी की दीवारों पर जमा हो जाता है तो वहां रक्त के थक्के बनने के लिए अनुकूल स्थिति बन जाती है। इसी कारण से दिल के दौरे और स्ट्रोक होते हैं। यदि आप धूम्रपान करते हैं या आपका हार्ट अटैक का कोई अतीत रहा है या फिर अगर आपको उपापचयी सिंड्रोम या मधुमेह है, तो आपको सबसे ज्यादा खतरा होता है।

 

[इसे भी पढ़ें: मेडिकल चेकअप]

एलडीएल स्तर
एलडीएल का स्तर कुछ हद तक हृदय रोग के अपके जोखिम कारकों पर भी निर्भर कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपको मधुमेह है तो अपके एलडीएल का इष्टतम स्तर, उस व्यक्ति से कम होगा जिसे मधुमेह नहीं है। यदि आप अधिक जोखिम पर हैं तो अपके एलडीएल का इष्टतम स्तर एक लिटर का दशमांश का 100 मिलीग्राम होगा। (लिवस्ट्रोग नामक पोर्टस के अनुसार)


एलडीएल को कैसे करें कम
कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए कई तरह के खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना चाहिए। केवल कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थों के खाने भर से कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी नहीं होती। नियमित कसरत को भी जीवनशैली में शामिल करना चाहिये। एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग तीन ग्राम बीटा ग्लूकॉन की जरूरत होती है। अगर रोजाना एक कटोरी ओट्स या दो स्लाइस ओट्स ब्रेड का सेवन किया जाए तो हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में बीटा ग्लूकॉन मिल जाता है। इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स, लहसुन, ओट्स, सोयाबीन और दालें, नीबू तथा ऑलिव ऑयल का संतुलित मात्रा में सेवल करना चाहिए।

 

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टिप्पणियाँ
  • mohit arora 11 Jun 2013

    Is Article me di gayi LDL cholesterol ki information acchi hai. lekin me iske testing ke bare me information lena chahta hun. LDL cholesterol ko kam karne ki medicines ke bare me bhi jankari den. kya LDL or HDl cholesterol ki niyamit janch bhi karnai chahiye? me ye bhi janna chahunga ki agar kisi ko LDL cholesterol hai to use sabse pahle kya karna chaiye.

  • Mohit Arora 11 Jun 2013

    शरीर में एलडीएल की मात्रा को कैसे नापा जाए सभी के लिए यह एक जानने योग्य प्रश्न है। में यह भी जानना चाहता हूं कि यदि एलडीएल शरीर के लिए हानीकारक है तो इसे पूरी तरह खतम क्यों नहीं कर दिया जाता है। अगर किसी इन्साम को पहले से ही दिल की कोई बीमारी है तो क्या उसकी एलडीएल की जांच नीयमित की जाती है या नहीं। खैर इस लेख में एलडीएल क्या है? इसके प्रभाव और इसे कम करने जैसी जालकारी तो संतिष्ठीजनक दी गयी हैं,लेकिन अगर मेरे द्वारा पूछे गये सवालों का उत्तर मिलेगा तो मेरा तथा अन्य दिल के मरीजों का ज्ञान बढ़ेंगा।

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