इन विट्रो गर्भाधान अर्थात कृत्रिम गर्भाधान से गर्भधारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 05, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • आईवीएफ तकनीक से ना उम्मीद महिलाएं बन सकती हैं मां।
  • फैलोपियन ट्यूब खराब होने के कारण होती है  मां बनने में अक्षमता।
  • आईवीएफ में शुक्राणुओं द्वारा अंड कोशिकाओं को कराया जाता है निषेचन।
  • हार्मोन असंतुलन या शुक्राणु न होने के कारण होता है बांझपन।

इन-विट्रो फर्टीलाइजेशन को ही 'आईवीएफ' या कृत्रिम गर्भाधान के नाम से जाना जाता है इन विट्रो फर्टीलाइजेशन आईवीएफ तकनीक दरअसल उन महिलाओं के लिए उपयोग में लाई जाती हैं जिनको सामान्यतौर पर मां बनने में दिक्कतें आ रही हो। इस लेख में हम आपको इन-विट्रो फर्टीलाइजेशन के बारे में विस्तिृत जानकारी दे रहे हैं।

इन विट्रो गर्भाधान

दरअसल जिन महिलाओं में फैलोपियन ट्यूब खराब हो जाती है वे मां बनने में अक्षम होती हैं । ऐसे में आईवीएफ प्रजनन के माध्यम से उनको मां बनने में मदद की जाती हैं। अर्थात इन विट्रो फर्टीलाइजेशन (आईवीएफ) एक तकनीक है जिसमें महिलाओं मे कृत्रिम गर्भाधान किया जाता है। इस प्रकिया मे महिला के अंडाशय से अंडे को अलग कर उसका निषेचन शुक्राणुओं से कराया जाता है। जिसके बाद अंडे को महिला के गर्भाशय मे रख दिया जाता है। दुनिया के सबसे पहले आईवीएफ शिशु लुइस ब्राउन का जन्म 25 जुलाई, 1978 को ब्रिटेन में हुआ था। भारत की पहली आईवीएफ शिशु दुर्गा का जन्म भी इसी साल तीन अक्टूबर को हुआ।

कैसे होता है आईवीएफ-

आईवीएफ प्रक्रिया में मानव शरीर के बाहर शुक्राणुओं द्वारा अंड कोशिकाओं का निषेचन कराया जाता है। और मरीज को हार्मोन सम्बंधी इंजेक्शन दिए जाते हैं ताकि उसके शरीर में अंड कोशिकाएं अधिक बनने लगें। इसके बाद अंडाणुओं को अंडकोष से निकाल लिया जाता है और नियंत्रित वातावरण में मरीज के साथी के शुक्राणु से उन्हें निषेचित कराया जाता है। इसके बाद सफल गर्भावस्था के मकसद से निषेचित अंडाणु को मरीज के गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है।




अब तनावपूर्ण जीवन, काम के लम्बे घंटों और देर से विवाह होने के चलते इस पर निर्भर शहरी युवतियों की संख्या बढ़ती जा रही है। आईवीएफ विशेषज्ञ बताते हैं कि  "पहले आईवीएफ इलाज करवाने वाली महिलाओं में 38 से 45 वर्ष के बीच की आयु की महिलाएं अधिक होती थीं लेकिन बीते कुछ सालों में इस इलाज के लिए आने वाली महिलाओं के आयु समूह में बदलाव हुआ है। अब कम आयु वर्ग की महिलाएं भी आईवीएफ के लिए आती हैं।

दरअसल हार्मोन असंतुलन, नलिकाओं में रुकावट या फिर शुक्राणु न होना व इनकी अपर्याप्त संख्या बांझपन के प्रमुख कारण हैं। आजकल व्यस्त जीवनशैली और काम व तनाव के अधिक होने के चलते भी दम्पत्तियों के लिए इस प्रकार की परेशानियां खड़ी हो रही हैं।


इन-विट्रो फर्टीलाइजेशन के जुडें कुछ अन्य तथ्य-

 

  •     जब सारी प्रजनन की तकनीकें फेल हो जाती हैं, तब विट्रो गर्भाधारण तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
  •     प्रजनन के समय आने वाली दिक्कतों में ट्यूब ब्लॉक होने, पुरूष के सीमन में स्पर्म की गुणवत्ता कम होने, कन्सीव न होना इत्यादि शामिल है।
  •     इस तकनीक का फायदा यह है कि यह पुरूष इनफर्टिलिटी में भी सहायक है।
  •     आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान एक स्वस्थ अंडाणु, निषेचित करने वाले शुक्राणु और गर्भाशय की आवश्यकता होती है।
  •     हालांकि यह तकनीक बहुत महंगी है और दूसरी बात यह भी जरूरी नहीं कि इस प्रक्रिया के तहत पहली बार में ही सफलता मिल जाए।
  •     इस तकनीक का सहारा लेने के लिए महिलाओं की उम्र लगभग 23 से 40 के बीच हो सकती है।
  •     धूम्रपान और एल्कोहल लेने वाली महिलाओं के लिए यह तकनीक सफल नहीं होती और यदि सफल हो भी जाती है तो गर्भपात का खतरा बना रहता है।
  •     इस प्रक्रिया के तहत जुड़वा बच्चों का जन्म भी आराम से हो सकता है। लेकिन बच्चे का वजन कम होने की आशंका बराबर बनी रहती है।
  •     आज के समय में ये तकनीक बांझपन को दूर कर निसंतान दंपत्तियों के लिए एक नयी आशा की किरण है।
  •     इस तकनीक को और अधिक डवलप करने की कोशिशें जारी है जिससे मनचाही संतान पैदा की जा सकें और उसको जीवन पर्यन्त रोगों से दूर रखा जा सकें।



बांझपन की जांच जितनी जल्दी हो सके करा लेनी चाहिए क्योंकि उमर बढ़ने के साथ आईवीएफ की सफलता दर भी कम होती जाती है। बांझपन से बचने व आईवीएफ जैसी तकनीक का सहारा न लेना का सबसे अच्छा तरीका है स्वस्थ खान-पान, नियमित व्यायाम तथा तनाव से दूरी।

 

Read More Articles on Pregnancy in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES276 Votes 63395 Views 3 Comments
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • shyam04 Feb 2013

    Mujhe ivf ki puri jaankari aur is par kitna Kharch aayega, jaankari chahiye.

  • paramjit30 Jul 2012

    Dear sir/mam, i have one problem in pregnancy. ( me Jab apna sperm apni wife k garbhasay me dalta hu to wo turant bahar aa jata hai, mene doctor ke bataye huve steps karliye fir bhi yah problem hai.>>>>>>..plz solv

  • nazar abbas12 Jan 2012

    kya aap bata sakti hai ivf kis hospital me hota hai utter pardesh me kaha hota hai

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर