रज मुद्रा करने के तरीके और फायदों के बारे में जानें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 13, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • माहवारी की समस्या से छुटकारा दिलाए रज मुद्रा।
  • छाती में दर्द और सर दर्द से भी निजात दिलाए।
  • रज मुद्रा करने के लिए छोटी उंगली को हथेली से जोड़ें।

मासिक धर्म को अब भी बहुत सारी लड़कियां बोझ समझती हैं। मासिक धर्म को बोझ समझने के पीछे अकेले लड़कियां जिम्मेवार नहीं है। दरअसल लड़कियां मासिक धर्म के दौरान होने वाली पेट दर्द की समस्या, अनियमित माहवारी, बुखार आदि के कारण इसे बोझ समझती है। अगर आपको भी आपकी माहवारी के दौरान ये सारी समस्याएं होती हैं तो रज मुद्रा करें। ये मुद्रा योग मासिक धर्म से जुड़ी सारी समसम्याओं को ठीक कर देगी।

 

कैसे करें रज मुद्रा

इस मुद्रा योग को करना बहुत ही आसान है। इसके लिए कनिष्ठा (छोटी अंगुली) अंगुली को मड़कर हथेली की जड़ में लगाएं रहें। ऐसा करने से रज मुद्रा बन जाती है। आप इसे सुबह-सुबह घूमने और अपने कुछ काम करने के दौरान भी कर सकते हैं। सुबह-शाम ऐसी मुद्रा को पंद्रह मिनट से लेकर आधे घंटे के लिए करें। ऐसा तीन महीने तक रोजाना करें। माहवारी की समस्याओं में फायदा पहुंचेगा। 

इसे भी पढ़ें : शंख मुद्रा के अभ्यास का सही तरीका और इसके लाभ 

रज मुद्रा के फायदे

रज मुद्रा स्त्रियों के लिए वरदान के समान है। ये महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी सभी तरह की समस्याओं को तो दूर करता ही है। साथ ही अन्य रोग जैसे छाती में दर्द, सिर में भारीपन रहना, पेट, पीठ, कमर का दर्द आदि की समस्या भी रज मुद्रा योग करने से दूर हो जाती है। अगर यूं कहें कि महिलाओं के सारे प्रजनन अंगों से संबंधित परेशानियां इस मुद्रा के करने से पूरी तरह से दूर हो जाती है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

 

कब शुरू करें रज मुद्रा

लड़कियां माहवारी के होते ही रज मुद्रा करना शुरू कर दे। माहवारी होते ही लड़कियां इस मुद्रा को करना शुरू कर दें तो उसे माहवारी के दौरान होने वाली समस्याएं नहीं होंगी। रज मुद्रा कभी भी और किसी भी वक्त की जा सकती है। माहवारी के दौरान ज्यादा खून बहता हो तो ये मुद्रा बहुत लाभ करती है।

 

इसे भी पढ़ें : ताड़ मुद्रा करने का सही तरीका और इसके फायदे

पुरुष के लिए भी फायदेमंद

रज मुद्रा केवल महिलाओं के लिए ही नहीं वरन पुरुषों के लिए भी फायदेमंद है। जितना अधिक रजमुद्रा महिलाओं को फायदा पहुंचाती है उतना कोई और मुद्रा नहीं पहुंचाती। महिलाओं के साथ ये पुरुषों के लिए भी फायदेमंद है। अगर पुरुष इस मुद्रा को करते हैं तो वीर्य के सारे रोग दूर हो जाते हैं।

 

Read more articles on Yoga in Hindi.

Write a Review
Is it Helpful Article?YES23 Votes 4761 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर