पुरुषों में अवसाद के खतरनाक संकेत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 13, 2014
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Quick Bites

  • अवसाद के कारण पड़ता है निर्णय लेने की क्षमता पर असर।
  • लगातार घबराहट भी है अवसाद का संभावित लक्षण।
  • किसी एक लक्षण को न मानें अवसाद का कारण।
  • महिलाओं और पुरुषों दोनों में होता है अवसाद।

अवसाद चिंता और तनाव की अंतिम सीढ़ी है। दुनिया भर में लाखों लोग इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार अकेले अमेरिका में हर वर्ष 50 लाख लोग अवसादग्रस्‍त होते हैं। यह एक मानसिक रोग है, जो हमारी शारीरिक और मानसिक गतिविधि पर असर डालता है।  

depression in menमहिलाओं और पुरुषों में अवसाद दुख का सबसे बड़ा कारण होता है। इससे व्‍यक्ति का खुशनुमा चीजों में दिल नहीं लगता। लेकिन, कई बार अवसाद अलग-अलग लोगों में अलग-अलग प्रकार से सामने आता है। आइए जानते हैं उन बातों को जो पुरुषों के अवसादग्रस्‍त होने का संकेत देते हैं।

थकान

अवसादग्रस्‍त व्‍यक्ति गंभीर मानसिक और शारीरिक बदलावों से गुजरता है। वह हमेशा थका-थका सा महसूस करता है। उसकी शारीरिक गतिविधियां भी सीमित हो जाती हैं। उसके बोलने और वैचारिक प्रक्रिया की रफ्तार पर भी नकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है। अवसाद के दौरान महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में थकान अधिक होती है। यह अवसाद के सभी लक्षणों में सबसे सामान्‍य होता है।

 

नींद पर असर

अवसाद के कारण लोगों की नींद पर विपरीत असर पड़ता है। वे या तो बहुत कम या बहुत अधिक सोने लगते हैं। कुछ लोग 12 घंटे तक सोने के बाद भी थकान महसूस करते हैं, तो वहीं कुछ लोग रात में थोड़ी-थोड़ी देर बाद जागते रहते हैं। थकान की ही तरह नींद की समस्‍या भी अवसादग्रस्‍त पुरुषों में सामान्‍य लक्षण है।

पेट या पीठ दर्द

कब्‍ज या डायरिया, और सिरदर्द और कमर दर्द जैसे स्‍वास्‍थ्‍य लक्षण, अवसादग्रस्‍त लोगों में सामान्‍य हैं। लेकिन, अक्‍सर पुरुष इस बात को नहीं समझते कि तेज दर्द और पाचन क्रिया में अनि‍यमितता का संबंध अवसाद से भी हो सकता है। डॉक्‍टर बताते हैं कि अवसादग्रस्‍त लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें लगी रहती हैं। लेकिन, अक्‍सर वे इसे लेकर गंभीर नहीं होते।

 

चिढ़चिढ़ापन

अवसादग्रस्‍त पुरुषों का स्‍वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। अगर वे भावनात्‍मक बातें कर रहे हों, तो दुख और चिड़चिड़ेपन का मेल सामने आ सकता है। पुरुषों में चिड़चिड़ेपन की बड़ी उनके मस्तिष्‍क में लगातार आने वाले नकारात्‍मक विचार आते हैं।

एकाग्रता में कमी

साइकोमीटर रेडिएशन से पुरुषों में सूचना प्रक्रिया करने की क्षमता कम हो जाती है, इससे व्‍यक्ति को काम और अन्‍य कामों पर ध्‍यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। अवसाद के कारण व्‍यक्ति नकारात्‍मक विचारों से भर जाता है। इससे उसके लिए किसी भी अन्‍य काम पर ध्‍यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। जब आप अवसाद में होते हैं, तो आपका मस्तिष्‍क सही प्रकार से काम नहीं कर पाता।

 

बेवजह गुस्‍सा

कई लोग अवसाद की वजह से शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाने लगते हैं। उन्‍हें बेवजह गुस्‍सा आता है और उनका स्‍वभाव भी आक्रामक हो जाता है। कोई ऐसा व्‍यक्ति जिसे इस बात का अहसास हो कि कुछ गलत है तो वह क्रोध दिखाकर स्‍वयं को मजबूत और सक्षम साबित करने का प्रयास करता है। गुस्‍सा और शत्रुतापूर्ण रवैया चिड़चिड़ेपन से अलग होता है। गुस्‍से में व्‍यक्ति चिढ़ के मुकाबले स्‍वयं को अधिक प्रभावी दिखाने का प्रयास करता है। ऐसे में व्‍यक्ति को परिवार और दोस्‍तों से खास मदद की जरूरत होती है।

तनाव

तनाव भी पुरुषों में अवसाद का एक लक्षण हो सकता है। हालांकि तनाव हर बार अवसाद का कारण बने, ऐसा नहीं होता। कई बार तनाव किसी अन्‍य कारण से भी हो सकता है और वह कारण दूर होते ही व्‍यक्ति सामान्‍य जीवन जी सकता है। शोध यह साबित कर चुके हैं कि लंबे समय तक बने रहने वाला तनाव मानसिक और शारीरिक रूप से बदलाव ला सकता है, जो आगे चलकर तनाव का कारण बन सकता है।

 

घबराहट

घबराहट यानी एंजाइटी डिस्‍ऑर्डर और अवसाद में सीधा संबंध होता है। हालांकि, पुरुषों में महिलाओं के मुकाबले घबराहट कम होती है। हालांकि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह मसमस्‍या दोगुनी होती है, लेकिन पुरुषों के लिए घबराहट अथवा चिंता की बात करना अ‍पेक्षाकृत अधिक आसान होता है। पुरुष अपने परिवार और काम को लेकर होने वाली चिंताओं को लेकर अधिक खुलकर चर्चा कर सकते हैं।

शारीरिक असक्रियता

शारीरिक असक्रियता का एक बड़ा कारण अवसाद होता है। अवसाद के कारण स्‍तंभन दोष (संभोग के दौरान लिंग का उत्तेजित नहीं हो पाना) होना सामान्‍य है। और अधिकतर पुरुष इस बारे में बात करने से डरते हैं। वे स्‍वयं को कोसने लगते हैं, जिस कारण उनके अवसाद का स्‍तर बढ़ता चला जाता है। हालांकि यह रोग कई अन्‍य चिकित्‍सीय कारणों से भी हो सकता है। अकेला स्‍तंभन दोष अवसाद का कारण नहीं है। "

अनिर्णय

अगर आपको लगातार निर्णय लेने में कठिनाई आ रही है, तो यह अवसाद का संकेत हो सकता है। कुछ लोगों को नैसर्गिक रूप से दुविधा में रहते हैं। उन्‍हें फैसले लेने में परेशानी आ सकती है। अगर आपके साथ पहले से यह परेशानी है, तो आपको अधिक घबराने की जरूरत नहीं। लेकिन, आपके स्‍वभाव में यह आदत नयी शामिल हुई है, तो आपको सोचने की जरूरत है। जानकार मानते हैं कि अवसाद आपके क्षमता लेने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।

 

आत्‍महत्‍या के विचार

महिलाओं में आत्‍महत्‍या की प्रवृत्ति अधिक देखी जाती है, लेकिन पुरुष अगर आत्‍महत्‍या का प्रयास करें, तो उनकी मौत होने की आशंका महिलाओं की अपेक्षा चार गुना होती है। इसकी एक वजह यह भी है कि पुरुष आत्‍महत्‍या के लिए अधिक खतरनाक तरीके चुनते हैं। बुजुर्गों में आत्‍महत्‍या की प्रवृत्ति अधिक देखी जाती है। कई बार डॉक्‍टर भी इस आयु वर्ग के लोगों में अवसाद के लक्षणों को सही से पहचान नहीं पाते। अधिक उम्र के पुरुषों और महिलाओं दोनों में अवसाद के लक्षण पाये जाते हैं।



अवसाद एड्स, कैंसर और मधुमेह जैसी बीमारियों से भी अधिक सामान्‍य है और इसके कारण हर साल अमेरिका में करीब चार लाख लोग आत्‍महत्‍या का प्रयास करते हैं। अवसाद के साथ एक अहम बात यह ध्‍यान रखनी चाहिए कि किसी एक लक्षण से ही इसका अंदाजा न लगायें। इसके लक्षण आमतौर पर समूह में नजर आते हैं।

 

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