सिकल सेल एनीमिया से जुड़ी बातों की जानकारी है जरूरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 05, 2014
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Quick Bites

  • सिकल सेल एनीमिया लाल रक्त कोशिकाओं में होने वाली अनियमित वृद्धि है।
  • यह समस्या अदिवासी इलाकों में ज्यादा देखने को मिलती है।
  • इसके निदान के लिए ब्लड टेस्ट की मदद ली जाती है।
  • उपचार में बिना देर किए डॉक्टर से संपंर्क करें।

मानव शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं में होने वाली अनियमित वृद्धि को सिकल सेल एनीमिया कहते हैं। इस समस्या को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।  यह एक गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर में दरांती (हसुंवा) के आकार जैसी अर्थात अर्द्धचंद्राकार लाल रक्त कोशिकाएं (रेड ब्‍लड सेल्‍स) विकसति होने लगती है। सामान्य लाल रक्त कोशिकाएं डिस्क के आकार जैसी होती हैं और केंद्र में बिना छिद्रों के छल्ले जैसी दिखाई देती हैं। वो रक्त वाहिकाओं में सुगमता से संचार करती हैं।

 

लाल रक्त कोशिकाओं में आयरन प्रचुर प्रोटीन होता है इसे हीमोग्लोबिन कहा जाता है। यह प्रोटीन ऑक्सीजन को फेफडों से बाकी शरीर में पहुंचाता है। सिकल सेल होने के बाद लाल रक्‍त कोशिकाओं में हिमोग्‍लोबिन वहन करने की क्षमता खत्म हो जाती है। इससे शरीर में रक्त की कमी होने लगती है और अंत में व्‍यक्ति की मौत भी हो जाती है। आदिवासी महिलाओं में यह बीमारी ज्‍यादा देखने को मिलती है।

sickle cell anemia in hindi

सिकल सेल एनीमिया के लक्षण

जिन किशोरों में सिकल सेल एनीमिया होता है उनमें पीलिया के लक्षण दिख सकते हैं। पीलिया कि स्थिति में लाल रक्त कोशिकाएं ज्यादा मात्रा में नष्ट होती हैं। जिसकी वजह से रोगी की आंखों और त्वचा में पीलापन दिखायी देने लगता है। सिकल सेल एनीमिया से ग्रस्त लोगों में सीने, पेट, बांहों, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द की शिकायत होती है। जिन अंगों के क्षेत्र में सिकल सेल के कारण रक्त का संचार बंद हो जाता है वहां दर्द की समस्या शुरु हो जाती है। थकान महसूस होना या संक्रमण से लड़ने में समस्या पेश आना भी सिकल सेल एनीमिया का लक्षण है। इसके अलावा जब लोग सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त होते हैं जो सीने में दर्द, बुखार, कफ और सांस लेने में भी समस्या होती है।


सिकल सेल एनीमिया के कारण

सिकल सेल एनीमिया किन कारणों से होता है इसकी जानकारी होना बहुत जरूरी है। जीन में होने वाले अनियमित बदलाव जो शरीर में हीमोग्लोबीन के  निर्माण को प्रेरित करते हैं के कारण सिकल सेल एनीमिया होता है। कई बार यह समस्या अनुवांशिक भी हो सकती है। अगर यह समस्या परिवार में से किसी को है या अगर माता-पिता में से किसी एक को यह समस्या है तो संतान में इस बीमारी के लक्षण दिखायी दे सकते हैं।
sickle cell anemia

निदान

सिकल सेल एनीमिया के निदान के लिए रोगी का ब्लड टेस्ट कराया जा सकता है। जिसके जरिए दूषित या खराब हीमोग्लोबीन के बारे में जाना जा सकता है। हीमाग्लोबीन में थोड़ी खराबी का अर्थ है कि व्यक्ति को सिकल सेल के लक्षण है ना कि सिकल सेल एनीमिया। जब यह खराबी बढ़ जाती है तो सिकल सेल एनीमिया का खतरा हो सकता है। गर्भवती महिलाओं के लिए एंटीनेटल स्क्रीनिंग होती है। जिससे वंशानुगत बीमारियों के बारे में पता लगया जाता है जैसे सिकल सेल एनीमिया।


उपचार

जो लोग सकिल सेल एनीमिया के लक्षणों से ग्रस्त होते हैं उन्हें बिना देर किए डॉक्टर से संपंर्क करना चाहिए। ऐसे स्थिति में डॉक्टर रोगी को लाइफस्टाइल से जुड़ी सलाह दे सकता है जिसमें खूब सारा पानी पीना एक है। इसके अलावा कुछ दवाएं दे सकता है जो इस समस्या को ठीक करने में मददगार हो सकती हैं।

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