जानें ब्रेन कैंसर में क्‍यों जरूरी है सिटी स्‍कैन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 01, 2016
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Quick Bites

  • अंदरूनी चोटो को जानने के लिए करते है सीटी स्कैन।
  • ब्रेन कैंसर के लिए भी सीटी स्कैन किया जाता है।
  • सीटी स्कैन के नए तरीके है हेलीकल और स्पाइरल।
  • ब्रेन कैंसर का स्थायी इलाज सिर्फ ऑपरेशन है।

जब भी कोई अंदरूनी गंभीर चोट लगती है, तो उसका पता सीटी स्कैन से लगाया जा सकता है। आमतौर पर सीटी स्कैन की आवश्यकता हड्डी टूटने या हड्डियों से जुड़ी समस्या को जानने, सिर में लगी कोई गंभीर चोट या फिर कोई अंदरूनी समस्या को जानने के लिए होता है। ब्रेन कैंसर के लिए भी सीटी स्कैन किया जाता है। पर क्या आप जानते हैं सीटी स्कैन के शरीर पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ते हैं। ब्रेन कैंसर के रोगियों को किस हालात में सीटी स्कैन कराना चाहिए, इसके लिए क्या सावधानियां रखनी चाहिए। इन बातों की जानकारी रखना आवश्यक होता है। सीटी स्कैन के बार मे जानकारी के लिए ये लेख पढ़े।

क्या होता है सीटी स्कैन

  • सीटी स्कैन एक कम्यूटराइज एक्सीयल टोमोग्राफी स्कैन है। जो कि एक्स रे की सीरीज है, जिसके जरिए ब्रेन के हिस्सों को देखा जा सकता है। इतना ही नहीं ब्रेन के ढांचे को अच्छी तरह से जांचने के लिए तीन आयामों में देखा जा सकता है।सीटी स्कैन के दौरान निकलने वाली तरंगे बहुत हल्की होती हैं लेकिन फिर भी गर्भवती महिलाओं का सीटी स्कैन नहीं किया जाना चाहिए।
  • ब्रेन कैंसर कितना बढ़ गया है या उसकी क्या स्थिति है, को जानने के लिए सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स रे और एंजियोग्राम की मदद ली जाती है।  हालांकि ब्रेन कैंसर के दौरान सीटी स्कैन करने के नुकसान बहुत कम हैं, लेकिन फिर भी इनके कुछ साइड इफेक्ट्स भी है, जैसे शरीर का तापमान बढ़ जाना, शरीर के विभिन्ना हिस्सों में खुजली होना, लाल रैशेज़ पड़ना। ये सभी साइड इफेक्ट अचानक से दिखाई देने लगते हैं।

 

नई तकनीक

  • विज्ञान और प्रोद्योगिकी की उन्नीति से चिकित्सा पद्घतियों में बहुत बदलाव आ गया है और यह बहुत आसान भी हो गई हैं। इसी कारण सीटी स्कैन की आने वाली इमेज में भी बहुत बदलाव आया है। नई तकनीकों के जरिए ही अब डॉक्टर्स आराम से पता लगाते हैं कि ब्रेन ट्यूमर है या नहीं,है तो किस स्टेज पर है।
  • इससे मरीज को बचाने में मदद मिलती है। नए सीटी स्कैन के तरीकों को हेलीकल और स्पाइरल के नाम से जाना जाता है। सीटी स्कैन से ये पता लगा सकते हैं कि ब्रेन ट्यूमर को निकालना संभव है या नहीं। इतना ही नहीं सीटी स्कैन के जरिए यह भी जाना जा सकता है कि मरीज का मस्तिष्क सामान्य है या नहीं। इसी के जरिए रोगी का सही इलाज हो पाना संभव होता है।

 

सीटी स्कैन के लिए तैयारियां

  • सीटी स्कैन करने वाले रोगी का खाली पेट होना जरूरी है।सीटी स्कैन से पहले मरीज द्वारा कोई भी तरल पदार्थ या फिर कम से कम एक घंटे पहले लिया गया हो।यदि मरीज को किसी भी तरह की एलर्जी होती है या फिर वह बहुत अधिक संवेदनशील है तो उसके बारे में डॉक्टर को पहले से आगाह करना जरूरी है।
  • सीटी स्कैन सही तरह से आए इसके लिए रोगी द्वारा मैटल या किसी भी धातु का कोई सामान नहीं पहना होना चाहिए। यदि ऐसा है तो सीटी स्कैन से पहले उसे हटा देना चाहिए।सीटी स्कैनन 30 मिनट से लेकर 90 मिनट तक के बीच हो सकता है। इसीलिए मरीज में धैर्य होना जरूरी है।


ब्रेन ट्यूमर का स्थायी इलाज सिर्फ ऑपरेशन है। वर्तमान में ऑपरेशन के दौरान जान जाने का खतरा एक फीसदी से भी कम माना जाता है।

 

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टिप्पणियाँ
  • sachin07 Oct 2012

    please send me more details about brain tumor surgery techniques for patient who is suffering from brain tumor from last 12 years.....once we did his surgery in 2000 but we didn,t get any positive result through that surgery........!

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