रिश्ते में कभी-कभी झूठ बोलना इसलिए होता है जरूरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 26, 2016
Quick Bites

  • कभी-कभी बेइमानी भी जरूरी है इश्क में।
  • कभी ना कभी इश्क का बुखार चढ़ता ही है।
  • बेवजह परेशानियों को निमंत्रण नहीं दें!  
  • पूरी ईमानदारी बरतने से पहले अच्छे से सोच लें।

अक्सर हमने सुना है कि ईमानदारी सबसे बेहतर नीति है और बात जब प्रेम या पारिवारिक संबंधों की हो तो यह और भी जरूरी हो जाती है लेकिन कभी-कभी इन्हीं संबंधों को जिंदा रखने के लिए थोड़ी बहुत बेइमानी भी करनी पड़ती है। वैसे भी बड़े-बुजुर्ग कह गए हैं कि आटे में नमक मिलाने से रोटी का स्वाद बढ़ जाता है।
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सब कुछ बताने की क्या जरूरत है-

हम सभी को जिंदगी में कभी ना कभी इश्क का बुखार चढ़ता ही है। लेकिन हमारा जीवनसाथी भी वही हो ऐसा जरूरी नहीं। इसलिए जब हम अपने बारे में निर्णय करते हैं कि शादी करके जीवन में स्थिर हो जाना है तब आपके इन्हीं पुरानी मोहब्ब्तों के लम्हे आपके लिए सिर का दर्द बन जाते हैं। आप चाहते हैं कि नए रिश्ते में कोई छिपाव नहीं रहे। इसलिए आप इस उधेड़बुन में रहते हैं कि अपने जीवनसाथी को अतीत के बारे में बताया जाए या नहीं लेकिन उसी समय यह ख्याल भी रहता है कि आपके जीवनसाथी की इस पर प्रतिक्रिया क्या होगी?


ये ठीक है कि आप अपनी तरफ से पूरी ईमानदारी बरतना चाहते हैं लेकिन आपको इस मामले में आपको यह समझने की जरूरत है कि यह बहुत संवेदनशील मुद्दे होते हैं और कई बार आपका जीवनसाथी इन सबको स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होता। आपके प्यार और व्यवहार से वह इतना संतुष्ट होता है कि उसे शायद इसे जानने की जरूरत ही नहीं होती। ऐसे में निर्णय आपको करना होता है कि आप क्या बताना है और क्या अपने जेहन में दफन करना है? क्योंकि हमेशा सब कुछ बताने की जरूरत नहीं होती।



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स्वयं की भावनाओं पर काबू रखें-

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जब व्यक्ति खुद को अत्याधिक खुश रखना चाहता है तो उस समय उसके शरीर में हार्मोनों का स्त्राव बढ़ जाता है। इसी स्त्राव के बढ़ने की वजह से वह अपनी सारी बातों को साझा कर लेना चाहता है। यह बिल्कुल वैसा ही प्रभाव पैदा करता है जैसा शराब पीने के बाद व्यक्ति अपने दिमाग की सारी बातों को प्रकट कर देता है। ठीक इसी तरह प्रेम-संबंधों में भी जब व्यक्ति अपनी जिंदगी से अत्याधिक खुश होता है तो उसे यह लगता है कि उसे अपने जीवनसाथी से कुछ नहीं छिपाना चाहिए लेकिन यह ईमानदारी हर बार कारगर नहीं होती। आपको नहीं पता होता कि क्या आपका जीवनसाथी इस सच को सुनने के लिए तैयार है, ना ही आप यह जानते हैं कि वह इस पर कैसी प्रतिक्रिया देगा। हो सकता है इसके पीछे आपका इरादा नेक हो लेकिन यह आपके संबंधों में बड़ी दरार भी खड़ी कर सकता है।


बेवजह परेशानियों को निमंत्रण नहीं दें-

यदि आपका जीवनसाथी आपको लेकर बहुत पजेसिव है तो फिर आपको अपने बारे में सारी बातें ईमानदारी से उसे बताने से पहले थोड़ा सोचना चाहिए। क्योंकि आपके अतीत या आपके बारे में सारे सच जानकर हो सकता है कि उस पर आपका भरोसा टूट जाए और फिर वह आप पर हर घड़ी शक करे।
किसी भी रिश्ते में एक बार शक का प्रवेश कर जाना उसे ज्यादा दिन स्थायी नहीं रख सकता इसलिए पूरी ईमानदारी बरतने से पहले अच्छे से सोच लें।

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