Sat Oct 10, 2026 | 01:29 AM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

बार-बार स्किन पर दाने निकलना किस दोष के बिगड़ने का संकेत? आयुर्वेदाचार्य से जानें

बार-बार स्किन पर दाने निकलना आयुर्वेद के अनुसार पित्त या कफ दोष के असंतुलन का संकेत हो सकता है। सही खानपान और लाइफस्टाइल से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
बार-बार स्किन पर दाने निकलना किस दोष के बिगड़ने का संकेत? आयुर्वेदाचार्य से जानेंबार-बार स्किन पर दाने निकलना किस दोष के बिगड़ने का संकेत? आयुर्वेदाचार्य से जानें

चेहरे पर बार-बार दाने निकलना एक सबसे आम समस्याओं में से एक बन चुका है। खासतौर पर 20 से 25 साल की उम्र के बीच पिंपल्स, लाल दाने, सूजन और मवाद वाली समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। कई लोग इसे केवल बाहरी स्किन प्रॉब्लम समझकर क्रीम और फेसवॉश का इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, स्किन पर दिखाई देने वाले दाने शरीर के अंदर चल रहे दोषों के असंतुलन का संकेत हो सकते हैं। सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि जब शरीर में पित्त, कफ या वात दोष बिगड़ने लगते हैं, तब उसका असर सबसे पहले स्किन पर दिखाई देता है।

बार-बार स्किन पर दाने निकलना किस दोष के बिगड़ने का संकेत?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में स्किन संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण रक्त दोष को माना गया है। अगर शरीर में पित्त अधिक बढ़ जाए तो चेहरे पर लाल और छोटे दाने निकल सकते हैं। वहीं कफ दोष बढ़ने पर बड़े और मवाद वाले पिंपल्स होने लगते हैं। कई बार दर्द वाले दानों के पीछे वात दोष भी जिम्मेदार हो सकता है। गलत खानपान, जरूरत से ज्यादा तला-भुना खाना, ज्यादा घी या मीठा खाना और पाचन शक्ति कमजोर होना भी इन समस्याओं को बढ़ा सकता है।

इसे भी पढ़ें: पीठ पर एक्ने क्यों होते हैं? एक्सपर्ट से जानें कारण और बचाव के तरीके 

  • आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि खराब खानपान और गलत लाइफस्टाइल स्किन संबंधी समस्याओं का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं।
  • उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति गर्मियों में बहुत ज्यादा आम खाता है, तो शरीर में पित्त बढ़ सकता है, जिससे चेहरे पर दाने निकलने लगते हैं।
  • इसी तरह जरूरत से ज्यादा घी या ऑयली भोजन का सेवन करने से कफ दोष बढ़ सकता है, जो बड़े और मवाद वाले पिंपल्स का कारण बनता है।
  • बहुत ज्यादा भोजन करना, बिना भूख के खाना और भोजन को ठीक से चबाकर न खाना भी पाचन अग्नि को कमजोर कर सकता है। जब भोजन ठीक तरह से नहीं पचता, तो शरीर में विषैले तत्व बनने लगते हैं, जिनका असर स्किन पर दिखाई देता है।

स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा के अनुसार, स्किन को हेल्दी रखने के लिए सबसे पहले खानपान और डेली रूटीन को संतुलित करना जरूरी है। ज्यादा फ्राइड और ऑयली चीजों से दूरी बनानी चाहिए। इसके अलावा भोजन को धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए ताकि पाचन सही बना रहे।

which dosha causes frequent skin breakoutswhich dosha causes frequent skin breakouts

इसे भी पढ़ें: धूप में रहने से चेहरे पर हो गए हैं छोटे-छोटे दाने, तो अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय, दूर होगी समस्या

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि करेला, त्रिफला और नीम जैसी चीजें शरीर के शोधन में मदद करती हैं। सीमित मात्रा और सीमित समय तक इनका सेवन करने से रक्त शुद्ध करने और स्किन को हेल्दी बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, किसी भी आयुर्वेदिक उपाय को लंबे समय तक अपनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है।

निष्कर्ष

चेहरे पर बार-बार दाने निकलना केवल बाहरी समस्या नहीं, बल्कि शरीर के आंतरिक दोषों के असंतुलन का संकेत है। आयुर्वेद के अनुसार, पित्त बढ़ने से लाल दाने और कफ बढ़ने से मवाद वाले पिंपल्स होते हैं। इसका मुख्य कारण खराब खानपान, कमजोर पाचन और रक्त में अशुद्धि है। स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्रीमों के बजाय लाइफस्टाइल में सुधार जरूरी है।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या ज्यादा घी खाने से दाने हो सकते हैं?

    जरूरत से ज्यादा घी खाने से स्किन पर दाने निकल सकते हैं।
  • क्या आम खाने से पिंपल्स हो सकते हैं?

    गर्मी में ज्यादा आम खाने से पित्त बढ़ सकता है, जिससे चेहरे पर दाने हो सकते हैं।
  • क्या नीम स्किन के लिए अच्छा है?

    सीमित मात्रा में नीम का सेवन रक्त शुद्धि में मदद कर सकता है।

Read Next

→ आम पन्ना या बेल शरबत: गर्मी में कौन देता है ज्यादा ठंडक और फायदे?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 07, 2026 16:24 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • May 07, 2026 16:24 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma