Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

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बार-बार स्किन पर दाने निकलना किस दोष के बिगड़ने का संकेत? आयुर्वेदाचार्य से जानें

बार-बार स्किन पर दाने निकलना आयुर्वेद के अनुसार पित्त या कफ दोष के असंतुलन का संकेत हो सकता है। सही खानपान और लाइफस्टाइल से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

चेहरे पर बार-बार दाने निकलना एक सबसे आम समस्याओं में से एक बन चुका है। खासतौर पर 20 से 25 साल की उम्र के बीच पिंपल्स, लाल दाने, सूजन और मवाद वाली समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। कई लोग इसे केवल बाहरी स्किन प्रॉब्लम समझकर क्रीम और फेसवॉश का इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, स्किन पर दिखाई देने वाले दाने शरीर के अंदर चल रहे दोषों के असंतुलन का संकेत हो सकते हैं। सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि जब शरीर में पित्त, कफ या वात दोष बिगड़ने लगते हैं, तब उसका असर सबसे पहले स्किन पर दिखाई देता है।

बार-बार स्किन पर दाने निकलना किस दोष के बिगड़ने का संकेत?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में स्किन संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण रक्त दोष को माना गया है। अगर शरीर में पित्त अधिक बढ़ जाए तो चेहरे पर लाल और छोटे दाने निकल सकते हैं। वहीं कफ दोष बढ़ने पर बड़े और मवाद वाले पिंपल्स होने लगते हैं। कई बार दर्द वाले दानों के पीछे वात दोष भी जिम्मेदार हो सकता है। गलत खानपान, जरूरत से ज्यादा तला-भुना खाना, ज्यादा घी या मीठा खाना और पाचन शक्ति कमजोर होना भी इन समस्याओं को बढ़ा सकता है।

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  • आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि खराब खानपान और गलत लाइफस्टाइल स्किन संबंधी समस्याओं का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं।
  • उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति गर्मियों में बहुत ज्यादा आम खाता है, तो शरीर में पित्त बढ़ सकता है, जिससे चेहरे पर दाने निकलने लगते हैं।
  • इसी तरह जरूरत से ज्यादा घी या ऑयली भोजन का सेवन करने से कफ दोष बढ़ सकता है, जो बड़े और मवाद वाले पिंपल्स का कारण बनता है।
  • बहुत ज्यादा भोजन करना, बिना भूख के खाना और भोजन को ठीक से चबाकर न खाना भी पाचन अग्नि को कमजोर कर सकता है। जब भोजन ठीक तरह से नहीं पचता, तो शरीर में विषैले तत्व बनने लगते हैं, जिनका असर स्किन पर दिखाई देता है।

स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा के अनुसार, स्किन को हेल्दी रखने के लिए सबसे पहले खानपान और डेली रूटीन को संतुलित करना जरूरी है। ज्यादा फ्राइड और ऑयली चीजों से दूरी बनानी चाहिए। इसके अलावा भोजन को धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए ताकि पाचन सही बना रहे।

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आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि करेला, त्रिफला और नीम जैसी चीजें शरीर के शोधन में मदद करती हैं। सीमित मात्रा और सीमित समय तक इनका सेवन करने से रक्त शुद्ध करने और स्किन को हेल्दी बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, किसी भी आयुर्वेदिक उपाय को लंबे समय तक अपनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है।

निष्कर्ष

चेहरे पर बार-बार दाने निकलना केवल बाहरी समस्या नहीं, बल्कि शरीर के आंतरिक दोषों के असंतुलन का संकेत है। आयुर्वेद के अनुसार, पित्त बढ़ने से लाल दाने और कफ बढ़ने से मवाद वाले पिंपल्स होते हैं। इसका मुख्य कारण खराब खानपान, कमजोर पाचन और रक्त में अशुद्धि है। स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्रीमों के बजाय लाइफस्टाइल में सुधार जरूरी है।

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FAQ

  • क्या ज्यादा घी खाने से दाने हो सकते हैं?

    जरूरत से ज्यादा घी खाने से स्किन पर दाने निकल सकते हैं।
  • क्या आम खाने से पिंपल्स हो सकते हैं?

    गर्मी में ज्यादा आम खाने से पित्त बढ़ सकता है, जिससे चेहरे पर दाने हो सकते हैं।
  • क्या नीम स्किन के लिए अच्छा है?

    सीमित मात्रा में नीम का सेवन रक्त शुद्धि में मदद कर सकता है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 07, 2026 16:24 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • May 07, 2026 16:24 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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