किन स्थितियों में नहीं करना चाहिए सुखासन?

कमर या पीठ में दर्द व अन्‍य कुछ बीमार‍ियों में आपको सुखासन अवॉइड करना चाह‍िए

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: May 26, 2021Updated at: May 26, 2021
किन स्थितियों में नहीं करना चाहिए सुखासन?

सुखासन को करने से बॉडी पॉश्‍चर अच्‍छा होता है पर इसे कुछ स्‍थ‍ित‍ियों में नहीं करना चाह‍िए। वैसे तो सुखासन सबसे आसान योगा पोज माना जाता है पर अगर आपको बैठने में परेशानी हो रही है तो आपको सुखासन नहीं करना चाह‍िए। सुखासन को करने के दौरान पूरी बॉडी का भार कूल्‍हों पर आता है और बाक‍ि शरीर को वजन सपोर्ट करने का मौका नहीं म‍िलता। सुखासन से म‍िलते-जुलते अन्‍य पोज जैसे पदमासन को करना सुखासन से आसान है, इसमें बॉडी का वजन केवल शरीर के एक ह‍िस्‍से पर नहीं आता क्‍योंक‍ि घुटने जमीन के बहुत करीब होते हैं। तो अगर आपकी कमर या पीठ में दर्द है, आप साइट‍िका या माइग्रेन के मरीज है तो सुखासन को अवॉइड करें। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के रवींद्र योगा क्लीनिक के योगा एक्सपर्ट डॉ रवींद्र कुमार श्रीवास्तव से बात की। 

backpain

1. कमर या पीठ में दर्द है तो न करें सुखासन (Avoid sukhasana in back pain)

अगर आप एक लंबे थकान भरे द‍िन के बाद घर लौटे हैं और सुखासन करना चाहते हैं तो हम आपको बता दें क‍ि डॉक्‍टर इसकी सलाह नहीं देते। जो लोग बैठकर पूरे द‍िन काम करते हैं उनकी कमर या पीठ में दर्द बना रहता है। ज‍िन लोगों को कमर में दर्द हो रहा है उन्‍हें एक ही पोज‍िशन में पांच मि‍नट से ज्‍यादा नहीं रहना चाह‍िए। इससे आपका दर्द बढ़ सकता है। इसल‍िए पीठ या कमर दर्द होने पर सुखासन न करें।

2. साइट‍िका, स्‍पाइन से जुड़ी समस्‍या है तो न करें सुखासन (Avoid sukhasana in sciatica and spine problems)

ज‍िन लोगों को साइट‍िका है उन्‍हें भी सुखासन नहीं करना चाह‍िए। इससे साइट‍िक नर्व पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा ज‍िन लोगों को स्‍पाइन या स्‍पाइनल ड‍िस्‍क की समस्‍या है उन्‍हें भी सुखासन या ईजी पोज नहीं करना चाह‍िए।  

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3. च‍िंता या डर महसूस कर रहे हैं तो सुखासन अवॉइड करें (Avoid sukhasana in fear or anxiety)

fear or anxiety

मनोच‍िकित्‍स‍क ऐसा मानते हैं क‍ि अगर आप च‍िंता या डर महसूस हो रहा है तो ये पोज न करें। सुखासन में आंखों को बंद करके लंबे समय तक ध्‍यान क‍िया जाता है और जिसे डर महसूस हो रहा है उन्‍हें आंखें बंद रखने में परेशानी हो सकती है। इस स्‍थ‍ित‍ि में डॉक्टर मरीज को व्‍यस्‍त रहने की सलाह देते हैं। ज‍िन लोगों को माइग्रेन की समस्‍या है उन्‍हें भी ये पोज अवॉइड करना चाह‍िए। 

4. अर्थराइट‍िस है तो न करें सुखासन (Avoid sukhasana in arthritis) 

जो अर्थराइट‍िस के श‍िकार होते हैं उन्‍हें बैठने में परेशानी हो सकती है, बैठने से घुटनों पर प्रेशर पड़ता है इसलि‍ए आपको ये आसान अवॉइड करना चाह‍िए। इसके अलावा ज‍िन लोगों के घुटने की सर्जरी हुई है उन्‍हें भी डॉक्‍टर ये आसान करने के लि‍ए मना कर सकते हैं इसल‍िए डॉक्‍टर से सलाह लेकर ही योगा करें। 

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सुखासन में इन बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए   

  • 1. अगर आप पहली बार सुखासन ट्राय कर रहे हैं तो उसे 45 से 50 सेकेंड के लि‍ए ही करें।
  • 2. अगर आप कई द‍िनों से इसे कर रहे हैं तो 2 से 3 म‍िनट कर सकते हैं।
  • 3. अगर आप एक्‍सपर्ट हैं तो 2 से 5 म‍िनट तक सुखासन कर सकते हैं।
  • 4. सुखासन को सुबह के समय करना चाह‍िए। 
  • 5. आप खाली पेट भी सुखासन कर सकते हैं। 
  • 6. अगर खाकर सुखासन कर रहे हैं तो खाने और योग के बीच दो घंटे का गैप रखें। 
  • 7. सुखासन करते समय आपके दोनों कूल्‍हों की हड्डी पर शरीर का भार, बराबर होना चाह‍िए। 

सुखासन के नाम में ही सुख है, इससे बॉडी रिलैक्‍स होती है पर सुखासन को करते समय अगर आपका पॉश्‍चर गलत है तो आप इस योग का पूरा फायेदा नहीं उठा पाएंगे, इसल‍िए इसे करने से पहले क‍िसी एक्‍सपर्ट से सलाह लें। 

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