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ट्राइग्लिसराइड लेवल कितना होने पर बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा? जानें डॉक्टर से

Level of Triglycerides Can Cause Heart Attack: शरीर में ट्राइग्लिसराइड का सामान्य लेवल 150 मिलीग्राम/डीएल तक होता है, इससे ज्यादा बढ़ना खतरनाक होता है।

What Level of Triglycerides Can Cause Heart Attack: अनहेल्दी डाइट और भागदौड़ भरी जीवनशैली की वजह से लोग तमाम बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। शरीर में ज्यादातर बीमारियां खानपान से जुड़ी गलतियों के कारण होती हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी इन्हीं में से एक है। बहुत ज्यादा तला-भुना और फैटी खाना खाने की वजह से आपके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है। हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल बनते हैं- एक हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (HDL) जिसे गुड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है और दूसरा लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) जिसे बैड कोलेस्ट्रॉल कहते हैं। शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की स्थिति हो ही हाई कोलेस्ट्रॉल कहते हैं। बैड कोलेस्ट्रॉल दरअसल ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) के फॉर्म में होते हैं, शरीर में इनकी मात्रा बढ़ने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

ट्राइग्लिसराइड लेवल कितना होने पर बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा?- What Level of Triglycerides Can Cause Heart Attack in Hindi

बेहतर सेहत के लिए कुछ ट्राइग्लिसराइड्स का शरीर में हेल्दी लेवल जरूरी है। लेकिन, इसकी ज्यादा मात्रा शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे दिल की बीमारी का खतरा पैदा हो सकता है। साथ ही इसके कारण हाई ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड शुगर भी एक साथ हो सकते हैं। शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स फैट के रूप में होते हैं, जो ऊर्जा में कन्वर्ट हो जाते हैं। लेकिन इसकी मात्रा बढ़ने पर कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

What Level of Triglycerides Can Cause Heart Attack

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बाबू ईश्वर शरण हॉस्पिटल के सीनियर फिजिशियन डॉ समीर कहते हैं कि, "शरीर में ट्राइग्लिसराइड का सामान्य लेवल 150 मिलीग्राम/डीएल तक होता है। अगर आप हार्ट के मरीज हैं, तो इसकी मात्रा 140 मिलीग्राम/डीएल से कम होनी चाहिए। इससे ज्यादा बढ़ने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

शरीर में ट्राइग्लिसराइड बढ़ने के लक्षण- High Triglycerides Level Symptoms in Hindi

शरीर में ट्राइग्लिसराइड बढ़ने के लक्षण कुछ इस तरह से हैं-

  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
  • सीने में दर्द 
  • सांस लेने में तकलीफ 
  • तेज बुखार, मतली और उल्टी
  • पैंक्रियाज में दर्द और फैट जमा होना
  • हार्ट से जुड़ी बीमारियां
  • हाई ब्लड शुगर

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आमतौर पर डॉक्टर मरीजों को ट्राइग्लिसराइड कम करने के लिए दो से तीन महीने तक दवा खाने की सलाह दे सकते हैं। लेकिन कुछ लोगों में ट्राइग्लिसराइड का लेवल बहुत ज्यादा हो जाता है। ऐसे लोगों को लंबे समय तक इलाज की जरूरत होती है। डॉक्टर कहते हैं कि ट्राइग्लिसराइड को जड़ से ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए दवाओं के सेवन के साथ आपको डाइट और एक्सरसाइज का ध्यान रखना होगा। एक बार ट्राइग्लिसराइड लेवल ठीक हो जाने के बाद दोबारा लापरवाही बरतने से यह फिर से बढ़ सकता है।

(Image Courtesy: Freepik.com)

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जागरण न्यू मीडिया में (Only MyHealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रहे प्रिंस को डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 5 सालों से अधिक काम करने का अनुभव है। बतौर पत्रकार प्रिंस ने त्रिपुरा, नागालैंड सही पूर्वोत्तर के राज्यों में राजनीति, महिला सुरक्षा और हेल्थ जैसे मुद्दों पर रिपोर्टिंग भी की है। ग्राउंड रिपोर्टिंग में अच्छी पकड़ रखने वाले प्रिंस ने देश के विभिन्न राज्यों में चुनावी कवरेज भी की है। प्रिंस को हेल्थ, पब्लिक पॉलिसी, राजनीति, क्राइम, फैक्ट चेक और डेटा स्टोरी समेत कई विषयों पर रिपोर्टिंग और लिखने की अच्छी समझ है। प्रिंस ने कमला नेहरु संस्थान से ग्रेजुएशन और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है।

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    Nov 04, 2023 07:00 IST

    Published By : Prins Bahadur Singh

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