ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा बढ़ने से शरीर को कई तरह के नुकसान पहुंचते हैं। इससे मोटापा, दिल की बीमारी और डायबिटीज आदि का खतरा पैदा होता है।

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हाई ट्राइग्लिसराइड्स क्यों शरीर के लिए है नुकसानदेह? जानें कारण, लक्षण और इसे कम करने के तरीके

  ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा बढ़ने से शरीर को कई तरह के नुकसान पहुंचते हैं। इससे मोटापा, दिल की बीमारी और डायबिटीज आदि का खतरा पैदा होता है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Sep 05, 2017Updated at: Jul 19, 2021
हाई ट्राइग्लिसराइड्स क्यों शरीर के लिए है नुकसानदेह? जानें कारण, लक्षण और इसे कम करने के तरीके

ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) एक तरह का फैट होता है, जो खून में पाया जाता है। हमारा शरीर इस फैट को इस्तेमाल करके ऊर्जा पैदा करता है। बेहतर सेहत के लिए कुछ ट्राइग्लिसराइड्स का शरीर में हेल्दी लेवल जरूरी है। लेकिन, इसकी ज्यादा मात्रा शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे दिल की बीमारी का खतरा पैदा हो सकता है। साथ ही इसके कारण हाई ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड शुगर भी एक साथ हो सकते हैं। साथ ही हाई ट्राइग्लिसराइड्स (high triglycerides) मोटापा भी बढ़ाता है। पर प्रश्न ये है कि ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ता कब और क्यों। साथ ही ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने के लक्षण क्या हैं? तो, आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से। पर इन सबसे पहले जानते हैं ट्राइग्लिसराइड्स कितना होना चाहिए।

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ट्राइग्लिसराइड्स कितना होना चाहिए-Triglyceride levels

दरअसल, गुड कोलेस्ट्रॉल लेवल (HDL) कम होने पर ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल बढ़ जाता है। इस संयोजन को मेटाबॉलिक सिंड्रोम कहते हैं। मेटाबॉलिक सिंड्रोम से डायबिटीज़, स्ट्रोक और दिल की बीमारियां होने का खतरा बढ़ता है। जिस ब्लड टेस्ट से कोलेस्ट्रॉल लेवल चेक होता है, उसी से ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा का भी पता लगाया जा सकता है।

ट्राइग्लिसराइड्स की नॉमर्ल वेल्यू : 150 से कम होनी चाहिए।
बॉडरलाइन-हाई: 150-199
हाई वेल्यू: 200-499
वेरी हाई वेल्यू: 500 या उससे ज़्यादा

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हाई ट्राइग्लिसराइड्स के कारण- Triglycerides causes

1- ओबेसिटी
2- डायबिटीज़ (जो कंट्रोल में नहीं रहती)
3- थायराइड (हाइपोथायराइडिज्म)
4- किडनी से जुड़ी बीमारी
5- जितनी कैलोरीज़ बर्न नहीं होतीं, उससे ज़्यादा खाना
6- अल्कोहल बहुत पीना

हाई ट्राइग्लिसराइड्स के लक्षण-Triglycerides symptoms

हाई ट्राइग्लिसराइड्स के अक्सर कोई लक्षण नहीं होते। लेकिन, अगर यह बीमारी फैमिली हिस्ट्री के कारण लगी है, तो आप अपनी स्किन के अंदर जमा हुआ फैट देख सकते हैं। इसे ज़ैनथॉमस कहते हैं।

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ट्राइग्लिसराइड कैसे कम करें-How to reduce triglycerides

डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसके रिस्क को कम किया जा सकता है।
1- वज़न कम करें और हेल्दी वेट मेनटेन करें
2- अपनी डाइट में फैट और शुगर की मात्रा सीमित करें
3- एक्टिव रहें
4- स्मोकिंग छोड़ दें
5- अल्कोहल का सेवन भी सीमित मात्रा में करें

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 ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने के लिए आप कुछ घरेलू उपायों की भी मदद ले सकते हैं। जैसे कि गिलास के एक जार में 1 बड़ी चम्मच लौंग और दलचीनी के 2 टुकड़े डाल दें। फिर इसमें 1.5 लीटर पानी मिलाएं और जार का ढक्कन बंद कर दें। इस नुस्खे को 4 से 5 दिन फ्रिज में पड़े रहने दें। इससे दालचीनी और लौंग पानी में अच्छे से मिक्स हो जाएंगे और इनका असर भी अच्छा होगा। इसके बाद इस मिक्सर को छान लें। इसे हर रोज़ सुबह खाली पेट पिएं। आपको ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स से निजात मिल जाएगी।

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